भाजपा की जीत के महानायक बने धामी

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किरन शर्मा
देहरादून। उत्तराखंड में भाजपा सरकार की पटकथा लिखने वाले पुष्कर सिंह धामी ने पूरे प्रदेश भाजपा में भाजपा में जान फूंकने का काम किया इस व्यस्तता में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी विधानसभा में वह पूर्ण समय नहीं दे पाए जिसकी अपेक्षा खटीमा की जनता को थी लेकिन उससे अलग खटीमा की जनता ने दो बार दिया उस आशीर्वाद के कारण ही प्रदेश को ऊर्जावान युवा मुख्यमंत्री मिल पाया था। इस सब के बाद चुनावी रणनीतियां अलग प्रकार की होती हैं जिसके कारण मुख्यमंत्री धामी को अपनी सीट गंवानी पड़ी। उत्तराखंड की जनता इस बात को भलीभांति समझ गई की पूरे राज्य के अंदर सरकार लाने के लिए जी तोड़ मेहनत करने वाले युवा चेहरे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ जो हुआ है वह अन्याय है। राज्य की जनता पुष्कर सिंह धामी को ही राज्य का मुख्यमंत्री देखना चाहती है। लोग विभिन्न प्रकार की सोशल मीडिया पर चर्चा कर रहे हैं। कुछ का तो यह कहना है पुष्कर सिंह धामी ने सैनिक का बेटा होने के नाते एक सैनिक की भूमिका निभाई है कि ष्जिस प्रकार देश की सीमा की रक्षा करने वाला सैनिक अपने प्राणों की आहुति देकर भी अपने देश की रक्षा करता है उसी प्रकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी पार्टी को उन्हें जीत दिलाने के लिए अपनी विधानसभा को दांव पर लगा दिया और जिस कारण हार भी हुई हैष् लेकिन भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं से लेकर पूरे राज्य के अंदर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति एक सहानुभूति बनी हुई है। सभी लोग जिस उत्साह और ऊर्जा के साथ सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं उसको देख कर भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व समझ सकता है कि साढे 4 वर्ष तक जिस पार्टी की है स्थितियां कितनी कमजोर हो गई थी। वह 6 महीने में उन पूरी परिस्थितियों को अगर किसी ने बदलने का काम किया है तो उसके पीछे सिर्फ युवा और ऊर्जावान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरे प्रदेश का जबरदस्त दौरा किया दिल्ली में बैठे केंद्र के मंत्रियों से राज्य हित की योजनाओं को लागू कराने में मजबूत पैरवी की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के सामने उदाहरण पेश किया जो सिर्फ मुख्यमंत्री हाउस में बैठकर ही सत्ता का संचालन करते आए थे। पुष्कर सिंह धामी के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह भी संदेश किया की परंपरागत चेहरों से अलग आप किसी भी नए व्यक्ति को बड़ी जिम्मेदारी देते हैं तो वह नई सोच और नई ऊर्जा के साथ काम करता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर राजनाथ सिंह, अमित शाह एवं जेपी नड्डा भी पुष्कर सिंह धामी के कार्यों की जमकर तारीफ कर चुके हैं। राजनाथ सिंह ने जो बात कही थी की ष्धामी धाकड़ बल्लेबाज हैष् उस बात को पुष्कर सिंह धामी ने साबित करके भी दिखाया। अब अगर केंद्रीय नेतृत्व धामी से इधर कोई अन्य फैसला लेता है तो यह धामी की मेहनत के साथ अन्याय होगा पूरी तरीके से विवादों संहिता नए कार्यकर्ताओं से लगातार जुड़ाव और राज्य निर्माण की जन भावनाओं के अनुरूप काम करने वाला कोई नेता नारायण दत्त तिवारी के बाद पहली बार कोई मिला है। अब अगर इन परिस्थितियों को भाजपा समझने में नाकामयाब रही तो भविष्य के निकाय चुनाव एवं लोकसभा चुनाव में नुकसान हो सकता है। भारतीय जनता पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व जिस प्रकार का संदेश दे रहा है उससे विधायकों में धड़े बंदी को भरने की परिस्थितियों उत्पन्न हो रही है। केंद्रीय नेतृत्व को पुष्कर सिंह धामी के बनाने के निर्णय लेने से इन धड़ों को पैदा होने से रोका जा सकता है। वही पूरे 5 साल का मुख्यमंत्री बने रहने की क्षमता भी पुष्कर सिंह धामी में ही है।

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