देहरादून(संवाददाता)। एनसीपी यूथ के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ आहूजा ने आरोप लगाते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी के नाम पर खानापूर्ति ज्यादा व कार्य कम होने पर इन दिनों राजधानी देहरादून के हालात बद से बदतर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि पांच सीईओ बदलने के बाद भी कार्य जस के तस है।
यहां जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि बरसात की वजह से आम जनमानस को काफी मुसीबतें झेलनी पड़ती हैं, तो वहीं राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे स्मार्ट सिटी के अधूरे पड़े कार्यों की वजह से आम जनता की मुश्किलें और भी बढ़ा दी हैं। पिछले ढाई वर्षों से स्मार्ट सिटी के कार्य आज भी आधे अधूरे ही पड़े हैं । उन्होंने कहा कि इतने कम समय में पांच अधिकारी बतौर सीईओ स्मार्ट सिटी काम संभाल चुके हैं, लेकिन ज्यादातर योजनाओं का काम अभी भी पूरा नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से लेकर मुख्य सचिव तक स्मार्ट सिटी के कामों को पूरा करने के लिए सख्ती से निर्देश दे चुके हैं। किन्तु संबंधित अधिकारि अनसुना कर देते आये हैं।उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले जिलाधिकारी व स्मार्ट सिटी के सीईओ डा. आर राजेश कुमार इलेक्ट्रिक बस में आईएसबीटी से शहर के कई इलाकों में सफर करते हुए दिखे किन्तु सड़कों के बद्तर हालात शायद उन्हें नही दिखे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य की राजधानी देहरादून में स्मार्ट सिटी का काम अब जनता के लिए एक सपना बन गया हैं। उन्होंने कहा कि लगभग हर क्षेत्र में उखड़ी सड़कें, जगह जगह गड्डे की वजह से जलभराव की समस्या व चोटिल होते लोग किसको दोष दें सोचने पर मजबूर हैं।
उन्होंने कहा कि शहरभर में मल्टीयुटीलिटी डक्ट, सीवर लाइन बिछाने, वाटर सप्लाई सिस्टम को दुरुस्त करने, नाली निर्माण, फुटपाथ सौंदर्यीकरण आदि से जुड़े कार्य होने हैं व अखबारों में सुर्खियां देखते रहते हैं जिन्हें जल्द से जल्द पूरा होने का मात्र आश्वासन ही दिया जाता हैं। उन्होंने कहा कि कई सर्वे के अनुसार देहरादून के 83 प्रतिशत लोग शहर में हो रहे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के कामों से संतुष्ट नहीं हैं व 75 प्रतिशत लोगों का साफ तौर पर कहना है कि सिटी को स्मार्ट बनाने के लिए जो काम किये जा रहे हैं वह सिर्फ एक दिखावा मात्र प्रतीत होता है व बजट ठिकाने लगाने की कोशिश है।
