संवाददाता
देहरादून। बेतहाशा बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी के खिलाफ वामपंथी दलों के राष्ट्रव्यापी पखवाड़े के तहत माकपा ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति तथा राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर इस दिशा में कार्यवाही करने की मांग की है और कहा कि जल्द ही कार्यवाही न होने पर आंदोलन को तेज किया जायेगा। यहां बेतहाशा मंहगाई तथा बेरोजगारी के खिलाफ वामपंथी दलों के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत पूरे राज्य की भांति राजधानी देहरादून में भी जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया तथा जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति तथा उत्तराखण्ड के राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया ।इस अवसर पर आयोजित सभा में विचार व्यक्त करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि वामपंथी दलों के बेतहाशा महंगाई के खिलाफ 16 से 3० जून राष्ट्रव्यापी पखवाड़े के अन्तिम दिन राजधानी देहरादून के जिला मुख्यालय पर आयोजित इस प्रदर्शन के माध्यम से राष्ट्रपति व राज्यपाल से अनुरोध किया है कि वह केन्द्र की मोदी सरकार से बेतहाशा मंहगाई ,पैट्रो पदार्थों की बेतहाशा मूल्यवृदि तथा दवाओं के दामों में अविलंब नियंत्रण के लिये निर्देशित करें। वक्ताओं ने कहा है कि मोदी सरकार इस कोविड संक्रमण काल में आम आदमी की मदद करने के बजाय बेतहाशा मंहगाई ,पैट्रो पदार्थों में मूल्यबृध्दि तथा अनियंत्रित बेरोजगारी के माध्यम से आम आदमी का जिना दुभर हो गया है । वक्ताओं ने कहा है कि विश्व के अनेक देशों व हमारे देश में केरल अन्य कुछ राज्य सरकारों द्वारा इस संक्रमण काल में आमजन की भरपूर मदद का प्रयास किया गया जबकि केन्द्र सरकार के पास अपार संशाधन व अधिकार होने के बावजूद इसका लाभ देश के चन्द कारपोरेट एवं सत्ता से जुडेघ् राजनेताओं का नापाक गठबंधन को मिल रहा है तथा सरकार का पूर्ण संरक्षण मिला हुआ है ।
वक्ताओं ने कहा है कि इस कोरनाकाल में देश के.चन्द पूंजीपतियों की सम्पत्ति आसमान छू रही है । वक्ताओं ने कहा कि इसी प्रकार दवाओं के दाम दिनोंदिन अनियंत्रित है, जिस पर नियंत्रण पाना जनहित में जरूरी हो गया है यदि सरकार इस पर कार्यवाही नहीं करती है पार्टी व्यापक संघर्ष के लिए वाध्य होगी । इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बढ़ती महंगाई में अविलंब रोक लगे । खाद्य एवं पैट्रो पदार्थों जैसे पेटोल ,डीजल ,गैस के दाम नियन्त्रित हों । आसमान छू रहे सरसों ,रिफाइंड तेल के दाम कम किये जाऐं । सभी को निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करते हुऐ ,दवाओं के दामों को नियन्त्रित किया जाये।
वक्ताओं ने कहा कि सभी को निशुल्क कोरना वैक्सीन के टीके लगाऐ जांए ।वैक्सीन की कालाबाजारी पर रोक लगे । प्रत्येक जरूरतमन्द व्यक्ति को प्रतिमाह निशुल्क 1० किलो खाधान्न के अलावा दाल,खाने का तेल ,मसाले ,चाय आदि आवश्यक सामग्री का किट निशुल्क उपलब्ध करवाया जाये। वक्ताओं ने कहा कि इस कोरना काल में बेरोजगार एवं आंशिक रूप से बेरोजगार हो चुके सभी लोगों की समुचित आर्थिक सहायता राज्य एवं केन्द्र सरकार की ओर से दी जाये, लेकिन अभी तक इस ओर कोई प्रयास नहीं किये गये है। वक्ताओं ने कहा कि कोरना काल में सभी जरूरत मन्दों के परिवारों के स्कूल फीस, विद्युत,जल, सीवर ,सिंचाई तथा बैंकों ऋण पर लिऐ जा रहे ब्याज मुक्त किये जायें। वक्ताओं ने कहा कि सभी नीजि एवं सरकारी तथा निगम कर्मचारियों का वेतन ,भत्तों तथा पेंशन का तत्काल भुगतान हो। तीन किसान विरोधी तथा श्रम विरोधी कानून वापस लिऐ जाऐं । व्यापक जनहित को देखते हुऐ आई डी पी एल ऋषिकेश को अविलम्ब पुर्नजीवित करने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाऐ इस अवसर पर पार्टी के राज्य सचिव राजेन्द्र सिंह रावत ,सुरेन्द्र सिंह सजवाण ,जिला सचिव राजेन्द्र पुरोहित ,शिवप्रसाद देवली, इन्दु नौडियाल,लेखराज ,अनन्त आकाश, कमरूद्दीन ,माला गुरूग , शम्भू प्रसाद ममगांई ,किशन गुनियाल ,सुधा देवली ,नितिन मलैठा, नुरैशा अंसारी, यू एन बलूनी आदि बडी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता शामिल थे ।
