2०22 में उत्तराखण्ड में करेंगे व्यवस्था व सत्ता परिवर्तन

0
150

संवाददाता
देहरादून। रेबल फाउंडेशन के संस्थापक रेबल श्रद्धानंद पाती ने कहा है कि उत्तराखंड में आगामी 2०22 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए व्यवस्था एवं सत्ता परिवर्तन की आवश्यकता है और वह इसके लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रहे है और जन समस्याओं का समाधान करना ही उनका प्रमुख उददेश्य है।
यहां परेड ग्राउंड स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जितनी भी सीटों पर वह जायेंगें और वहां पर खडे रहेंगें निश्चित तौर पर साफ सुथरी छवि वाले व्यक्ति को जीत हासिल करायेंगें ओर उन्होंने उदाहरण दिया की अभी हाल में पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव में 59 सीटों का जिम्मा लिया और सभी में विजयश्री हासिल की है ओर भाजपा व कांग्रेस को पीछे धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति का मॉडल पूरे देश में नहीं चलता है और बंगाल चुनाव में गुजरात मॉडल की बात होती रही।
उन्होंने कहा कि एक उत्तराखंड प्रदेश में एक 24 स्वर्ण पदक विजेता दिलराज कौर की अनदेखी की जा रही है और आज वह अपने परिवार के लालन पालन के लिए सड़क पर आकर नमकीन बिस्कुट बेचने के लिए विवश है लेकिन सरकार की ओर से इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई है और उन्होंने इसके लिए सात दिन का समय दिया है और कहा कि इन दिनों में दिलराज कौर की सहायता नहीं की गई तो इसके गंभीर परिणाम होंगें ओर उन्होंने कहा कि हालांकि इस मामले का संज्ञान हाईकोर्ट ने भी ले लिया हे।
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार से पीडि़त प्रियंका की समस्या का समाधान भी कराये जाने के हरसंभव प्रयास किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कोई निर्माण कार्य होता है तो बाहरी गाजियाबाद के ठेकेदारों को ठेका दे दिया जाता है और उत्तराखंड के लोगों की उपेक्षा की जाती है और इस व्यवस्था को भी बदलना होगा और उत्तराखंड वासी को ही कार्य दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2०18 में बने हुए बडासी पुल जो तीन साल में ही टूटने लगा है और इस व्यवस्था में भी बदलाव की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उनकी यह लड़ाई पूरी तरह से पत्रकारों के लिए समर्पित है और उन पर पुलिस ने जो जुल्म ढाया है उसे वह कभी भूल नहीं सकते है और उनके परिवार जनों के सामने ही उन्हें घसीटकर ले जाया गया लेकिन इसके बाद भी उन्होंने संघर्ष नहीं छोडा और अपने संघर्ष को लगातार जारी रखे हुए है, अब उत्तराखंड प्रदेश में व्यवस्था व सत्ता परिवर्तन की आवश्यकता है और इसके लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यहां पर पत्रकारों पर देशद्रोह के मुकदमें तक चलाये गये ओर उनका उत्पीडऩ किया गया जिसमें से सांध्य दैनिक क्राईम स्टोरी के सम्पादक राजेश शर्मा है जिन्हें जेल भेजा गया और जिनकी स्थिति से वह खुद भी वाकिफ है और समाचार लिखना पत्रकार का काम होता है लेकिन देशद्रोह जैसा मुकदमा लगाया कहां तक उचित है। उन्होंने कहा कि चुनावों में व्यक्ति अच्छा होना चाहिए और जब हौसला होगा तब ही तो उडान भरी जायेगी।
उन्होंने कहा कि सांसद, विधायक, सीएम आदि को पेंशन मिलती है और सीआईएसएफ, सीआरपीएफ आदि सैन्य बलों को किसी भी प्रकार की कोई पेंशन नहीं दी जाती है ओर केन्द्र सरकार इस ओर किसी भी प्रकार की कोई नीति नहीं अपना रही है और इस व्यवस्था में भी परिवर्तन करना है और उनको भी हक दिलाना है और इसके लिए संघर्ष किया जायेगा। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में बाबा रामदेव ने अपनी यूनिवर्सिटी के लिए कुछ गरीबों के मकान मिटटी में दबा दिये है और उनमें नवीन सेठी, सतीश सेठी प्रमुख है और वह उनकी जमीन को छुडाकर ही दम लेंगें।

LEAVE A REPLY