किच्छा (संवाददाता)। यूथ कांग्रेस मे इस्तिफो का सिलसिला लगातार जारी है। जिला अध्यक्ष अभिषेक शुक्ला को स्तीफा दिए अभी हफ्ता भी नहीं हुआ और अब किच्छा विधान सभा से जिला महासचिव रिजवान सलमानी ने भी अपना स्तीफा प्रदेश अलाकमान को भेज दिया है।
साथ ही उन्होंने यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पर भी मनमानी का आरोप आरोप लगाते हुए कहा की पिछले सात वर्षों से राष्ट्रीय युवा कांग्रेस में कार्यकर्ता तथा तीन वर्ष से संगठन में बतौर किच्छा विधानसभा के निर्वाचित अध्यक्ष पद पर मेरा कार्यकाल शानदार रहा है। लेकिन बड़े दु:ख के साथ आपको बताना पड़ रहा है कि विगत दिवस पूर्व मेरे पिताजी का स्वर्गवास हो गया है। उनके चालीसवें की रस्म भी पूरी नहीं हुई थी कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने मुझे भरोसे में लिए बिना पद से हटा दिया है। हालांकि शीर्ष नेतृत्व ने मुझे पदोन्नत भी किया है। मगर मैं इससे सन्तुष्ट नहीं हूं। जिस कारण मैं अपने पद से मुक्त होना चाहूंगा। इस पत्र के माध्यम से आपको सूचित करना है कि मनोनीत प्रदेश अध्यक्ष ने जो पद मुझे दिया था मेने उससे इस्तीफा दे दिया है।
पिछले तीन साल में मुझे विधानसभा के निर्वाचित अध्यक्ष पद से दो बार निष्काषित कर दिया गया था परंतु मेरी कार्यशैली को देखकर मुझे हाई कमान द्वारा पुन: बहाल कर दिया गया था लेकिन षणयंत्र के तहत मेरे मना करने पर भी पदोन्नति कर दी गयी, मेरे साथ हुए अन्याय के समर्थन में मेरे निर्वाचित जिलाध्यक्ष अभिषेक शुक्ला वा जिले के अन्य पदाधिकारियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है मनोनीत प्रदेश अध्यक्ष की मनमानी को देखते हुए आगे भी युथ कांग्रेस में इस्तीफों का सिलसिला जारी रहेगा। मेरा सवाल सीधे सीधे नामित प्रदेश अध्यक्ष सुमित्तर भुल्लर से है कि यदि पर्वतीय या पंजाबी समाज का कोई व्यक्ति होता और इस कठिन समय मे क्या नामित अध्यक्ष जी यही करते, मैं पार्टी के सच्चे सेवक के रूप में संगठन के साथ हमेशा खड़े रहने को वचनबद्ध हूँ।
फिलहाल जिस तरह से जिला के यूथ कांग्रेस पदाधिकारी नराजगी जाहिर कर रहे है इसको देखकर यही कहा जा सकता है की कांग्रेस की युवा विंग मे तो कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। और आगे आने वाले समय मे ऐसे ही स्तिफे देखने को मिल सकते है। लेकिन विधान सभा चुनाव से पहले ऐसे इस्तिफे तो कांग्रेस के लिए चिंता का विषय बनेंगे।
