पंजाब-हरियाणा की शराब कैसे आ रही राजधानी!

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=तस्करों पर खामोशी! मीडिया की खंगाल रहे गाडिय़ां =तो पछुवादून में किन गाडिय़ों में हो रही शराब तस्करी?
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। हैरानी वाली बात है कि उत्तराखण्ड में कोरोना कफ्र्यू के दौरान शराब की दुकानों में ताले लगे हुये हैं तो फिर राजधानी के चप्पे-चप्पे में उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, पंजाब व हरियाणा़ की शराब की कैसे खुलकर तस्करी हो रही है? पंजाब व हरियाणा़ की शराब वर्षों से उत्तराखण्ड में दिखाई नहीं दे रही थी लेकिन कोरोना काल में पछवादून के कई इलाकों में पंजाब व हरियाणा़ की शराब ऊंचे दामों पर बेची जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि पछुवादून में पंजाब व हरियाणा़ की बिक रही शराब आखिर किन गाडियों में तस्करी होकर राजधानी के अन्दर आ रही हैं? गजब बात तो यह है कि पछुवादून की एक-दो चैक पोस्ट पर भले ही पुलिस के लोग संदिग्ध वाहनों को खंगालने के लिए आगे न आ रहे हों लेकिन चंद मीडियाकर्मियों की गाडिय़ां ऐसे खंगालने में लगे हैं मानो पछुवादून में शराब तस्करी का सारा तांडव मीडिया के कुछ लोग कर रहे हों? सवाल उठ रहा है कि अब तक ऐसी चैक पोस्ट पर कितने मीडियाकर्मियों को शराब तस्करी करते हुए पुलिस ने पकडा है? अगर पछुवादून की चंद चैक पोस्टों पर सब्जियों व कुछ अन्य वाहनों को खंगालने के लिए पुलिस जज्बा दिखाये तो कई शराब तस्कर बेनकाब हो सकते हैं। सब्जियों के ट्रकों में शराब तस्करी का खेल पूर्व महिला अधिकारी श्वेता चौबे ने खुलकर बेनकाब किया था लेकिन उनके बाद पुलिस के किसी अफसर ने ऐसी गाडियों को खंगालने का कभी जज्बा दिखाया हो ऐसा देखने को नहीं मिला?
उल्लेखनीय है कि कोरोना काल में उत्तराखण्ड के सभी शराब ठेके बंद हैं लेकिन इसके बावजूद भी अधिकांश जनपदों में शराब तस्करी का जिस तरह से खेल खेला जा रहा है वह पुलिस व आबकारी विभाग पर सवालिया निशान लगा रहा है? गजब बात तो यह है कि जिस राजधानी में समूची सरकार मौजूद है वहां बडे पैमाने पर शराब तस्करी होना अपने आप में सिस्टम को कटघरे में खडा कर रहा है? राजधानी के अन्दर उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, पंजाब व हरियाणा की शराब कैसे कुछ चैक पोस्टों से तस्करी होकर आ रही हैं यह हैरान करने वाली बात है? उत्तराखण्ड सरकार ने पंजाब व हरियाणा की शराब तस्करी पर वर्षों से बडी नकेल लगा रखी थी जिसके चलते इन राज्यों की शराब उत्तराखण्ड में देखने को नहीं मिलती थी लेकिन मौजूदा दौर में इन राज्यों की शराब कैसे और किनकी मिलीभगत से राजधानी में प्रवेश कर रही हैं यह सिस्टम पर ग्रहण लगा रहा है? बताया जा रहा है कि पछुवादून की कुछ चैक पोस्टों से आने वाले सब्जियों के ट्रकों में बडी चालाकी के साथ शराब की तस्करी की जा रही है और कुछ चैक पोस्टों पर इन ट्रकों को खंगालने का कोई बडा मिशन चल रहा हो ऐसा अब तक देखने को नहीं मिल रहा है? गजब बात तो यह है कि सहसपुर इलाके के एक क्षेात्र में भले ही पुलिस के लोग संदिग्ध वाहनों की चैकिंग के लिए अपनी आंखे मंूद रहे हों लेकिन मीडिया के कुछ लोगों को वह जबरन निशाना बनाने के लिए उनके वाहनों को ऐसे खंगालने में जुटे हुये हैं जैसे सहसपुर में शराब तस्करी का तांडव शराब के बडे तस्कर नहीं बल्कि मीडिया के कुछ लोग कर रहे हों? पुलिस के एक दरोगा का कहना था कि उनके एसपी ने आदेश दे रखे हैं कि सबके वाहन खंगाले जाये लेकिन हैरानी वाली बात है कि सम्भवत: जिन वाहनों में शराब की तस्करी होने की आशंकायें प्रबल हो रही हैं उन्हें तो चैक करने के लिए पुलिस के लोग आगे नहीं आ रहे ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पुलिस के कुछ लोग सिर्फ चंद मीडियाकर्मियों को परेशान करने के लिए उनके वाहनों की बार-बार तलाशी लेकर उन्हें अपनी वर्दी का गरूर दिखाने में जुटे हुये हैं?

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