शाह के दौरे से विकास को मिलेगी रफ्रतार

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धामी के स्वागत के बीच विकास की नई योजनाओं का आगाज
सीएम के कार्यकाल में विकास योजनाओं पर विशेष फोकस
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। हिमालय की बुलंद चोटियों, मां गंगा की पावन धाराओं और वीरभूमि की गौरवशाली परंपराओं से पहचाने जाने वाले उत्तराऽंड में आज केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का आगमन हुआ। राज्य स्थापना के 26 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान प्रदेश को 1,475-31 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात देने का कार्यक्रम भी निर्धारित है।
उत्तराऽंड की राजनीति में केंद्र सरकार के साथ बढ़ता समन्वय इन दिनों विशेष चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों तक, राष्ट्रीय नेतृत्व के उत्तराऽंड दौरों ने प्रदेश की विकास योजनाओं और आवश्यकताओं को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने के अवसर दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष राज्य की सड़क, रेल, पर्यटन, सीमांत क्षेत्रें और रोजगार से जुड़ी आवश्यकताओं को उठाते रहे हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि केंद्र की योजनाओं का लाभ पर्वतीय क्षेत्रें के अंतिम गांव तक पहुंचे। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रस्तावित 1,475-31 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को प्रदेश के बुनियादी ढांचे के विस्तार से जोड़कर देऽा जा रहा है। इन योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास से संबंधित कार्यक्रम राज्य के विकास एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
उत्तराऽंड जैसे पर्वतीय राज्य में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार की सुविधाओं का विस्तार केवल विकास का विषय नहीं, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रें में रहने वाले लाऽों लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा सवाल है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल में समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून और सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार जैसे फैसले राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहे हैं। राज्य सरकार के अनुसार, प्रदेश में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही स्वरोजगार, पर्यटन और कौशल विकास के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसर विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, पलायन रोकना और पर्वतीय जिलों में स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना अब भी प्रदेश के सामने बड़ी चुनौती है।
राज्य गठन के 26 वर्ष बाद उत्तराऽंड के सामने उपलब्धियों के साथ अनेक चुनौतियां भी हैं। एक ओर केंद्र और राज्य सरकार के बीच विकास परियोजनाओं पर संवाद बढ़ा है, वहीं दूसरी ओर दूरस्थ गांवों में सड़क, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी जरूरतें आज भी प्राथमिकता मांगती हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब प्रदेश अपनी स्थापना के 26 वर्ष पूरे कर रहा है। मुख्यमंत्री धामी की मौजूदगी में प्रस्तावित विकास कार्यक्रमों से आने वाले समय में नई परियोजनाओं को गति मिलने की अपेक्षा है। देवभूमि के लिए इस अवसर का सबसे बड़ा महत्व यही होगा कि दिल्ली से घोषित योजनाएं पहाड़ की जमीन पर समय से उतरें और उनका लाभ प्रदेश के युवाओं, किसानों, महिलाओं और दूरस्थ क्षेत्रें में रहने वाले परिवारों तक पहुंचे।

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