स्वच्छता सिर्फ अभियान नहीं सबकी जिम्मेदारी

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सेवा संकल्प अभियान में सीएम की भागीदारी
खुद सफाई कर बोलेः स्वच्छता को बनाये जीवनशैली
नानकमत्ता(स्टाफ रिपोर्टर)। मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब परिसर में स्वयं साफ-सफाई कर स्वच्छता और जनभागीदारी का संदेश दिया। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम में श्रमदान करते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि स्वच्छता को केवल किसी विशेष आयोजन तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी रोजमर्रा की जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता और आसपास के वातावरण की स्वच्छता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
स्वच्छता कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब में मत्था टेका और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सरोपा और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड धार्मिक आस्था और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर स्वच्छ वातावरण बनाए रखना हम सभी का दायित्व है। इसके लिए सरकारी प्रयासों के साथ आमजन की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। प्रत्येक नागरिक अपने आसपास साफ-सफाई रखने का संकल्प ले तो स्वच्छता के प्रयासों को व्यापक और स्थायी स्वरूप दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी केवल धार्मिक परिसरों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, अस्पतालों, सरकारी कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी निरंतर साफ-सफाई बनाए रखने की जरूरत है। ये ऐसे स्थान हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने के लिए सभी को अपनी भूमिका समझते हुए योगदान देना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के प्रति समर्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सेवा, स्वच्छता और जनभागीदारी की भावना को नई मजबूती मिली है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिवस 17 सितम्बर से प्रदेश में शुरू हुए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें सेवा कार्यों के साथ जनभागीदारी, संवाद और नवाचार को भी महत्व दिया जा रहा है। गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब परिसर में आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम भी इसी अभियान का हिस्सा है। मुख्यमंत्री धामी ने स्वच्छता के प्रयासों में निरंतरता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी एक दिन श्रमदान करने या कार्यक्रम आयोजित करने के साथ हमारी जिम्मेदारी पूरी नहीं हो जाती। स्वच्छता को व्यवहार में अपनाकर और नियमित रूप से अपने आसपास के क्षेत्र को साफ रखकर ही इन प्रयासों को आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अपने घरों के साथ आसपास के क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता में भी योगदान दें। जनभागीदारी के माध्यम से स्वच्छता अभियान को निरंतर आगे बढ़ाना और साफ-सफाई के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना आवश्यक है।

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