सीवर में इंसान नहीं उतरेंगी मशीन

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रोबोटिक मशीनों से साफ होंगे सीवर
सीवर में नहीं उतरेगा कोई पर्यावरण मित्र
अध्यक्ष ने पर्यावरण मित्रों का वेतन बढ़़ाने की पैरवी
देहरादून(संवाददाता)। सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए जान जोखिम में डालकर किसी सफाई कर्मचारी को नीचे उतारने की व्यवस्था पर राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग के अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने साफ कहा कि किसी भी परिस्थिति में पर्यावरण मित्र को सीवर अथवा सेप्टिक टैंक में मैनुअल तरीके से प्रवेश न करना पड़े। इसके लिए आधुनिक मशीनों और रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाए तथा ‘मैनहोल’ को ‘मशीन होल’ में बदलने की दिशा में काम किया जाए।
बीजापुर गेस्ट हाउस में सोमवार को सफाई कर्मचारियों के अधिकार, सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए मकवाना ने अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए। बैठक में सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा से लेकर वेतन, बीमा, बच्चों की शिक्षा, पीपीई किट और सरकारी योजनाओं तक का मुद्दा उठा। मकवाना ने हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन के प्रतिषेध और पुनर्वास से जुड़े कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए स्पष्ट किया कि मैनुअल स्कैवेंजिंग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती। सीवर और मैनहोल की सफाई में आधुनिक मशीनें, रोबोटिक तकनीक और दूसरे यांत्रिक संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए, ताकि सफाई कर्मचारियों की जिंदगी को जोखिम में न डालना पड़े।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक पर्यावरण मित्र को सफाई कार्य की तकनीकी जानकारी, सुरक्षा मानकों और आपात परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण दिया जाए। सभी कर्मचारियों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण पीपीई किट उपलब्ध कराने के साथ इसकी लगातार निगरानी भी हो। बैठक में सफाई कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। आयोग अध्यक्ष ने उनकी मौजूदा वेतन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजने तथा न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा। वेतन और अन्य देयकों का भुगतान भी समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सफाई कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए जीवन और स्वास्थ्य बीमा का दायरा बढ़ाने की बात कही गई। उनके बच्चों की शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता एवं फंड की व्यवस्था को लेकर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
मकवाना ने नमस्ते योजना से अधिक से अधिक पर्यावरण मित्रों को जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य सफाई कार्य को सुरक्षित बनाने के साथ कर्मचारियों और उनके परिवारों को सामाजिक तथा आर्थिक रूप से मजबूत करना भी है। परिवारों को स्वरोजगार और कौशल विकास योजनाओं से जोड़ने की कार्ययोजना बनाने को कहा गया। उन्होंने सभी पात्र सफाई कर्मचारियों की स्पष्ट पहचान और विभागीय रिकॉर्ड तैयार कर उन्हें आईडी कार्ड उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। अधिकारियों को दो टूक कहा गया कि सफाई कर्मचारियों से जुड़ी योजनाओं में शिथिलता स्वीकार नहीं होगी और उनकी सुरक्षा, सम्मान तथा अधिकारों से किसी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

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