सीएयू कार्यालय में प्रदर्शन का अल्टीमेटम
मोहित हुंकारेः उत्तराखण्ड की भावनाओं से खिलवाड़ नहीं
देहरादून(स्टाफ रिपोर्टर)। हरियाणवी गायक मासूम शर्मा को उत्तराखंड में एक बार फिर मंच दिए जाने की खबर ने पुराने विवाद की चिंगारी को फिर हवा दे दी है। मूल निवास भू-कानून संघर्ष समिति के संस्थापक संयोजक मोहित डिमरी ने कार्यक्रम के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इसे तत्काल रद्द करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि आयोजन नहीं रोका गया तो क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (सीएयू) कार्यालय में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा।
मामला इसलिए ज्यादा गरमा रहा है क्योंकि मासूम शर्मा का देहरादून से जुड़ा पिछला विवाद अभी पुराना नहीं पड़ा है। इसी साल डीएवी पीजी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंच से अभद्र और आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल के आरोप लगे थे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा था। पुलिस ने इसका संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया और बाद में प्रकरण में मुकदमा दर्ज होने की खबर भी सामने आई थी। यानी जिस कलाकार के मंचीय व्यवहार को लेकर कुछ महीने पहले देहरादून में हंगामा खड़ा हुआ, उसी कलाकार को दोबारा उत्तराखंड में मंच दिए जाने की बात अब विरोध करने वालों के निशाने पर है।
मोहित डिमरी ने बेहद तल्ख अंदाज में कहा, “तुम लोग उत्तराखंड को गाली दोगे और फिर उत्तराखंड में आकर हमारी छाती पर कार्यक्रम करोगे, ये तो होगा नहीं।” उन्होंने सवाल किया कि जब पहले ही इस कलाकार को लेकर प्रदेश में नाराजगी सामने आ चुकी है तो आखिर उसे दोबारा मंच देने की जरूरत क्यों पड़ी? डिमरी का कहना है कि यह केवल एक गायक के कार्यक्रम का मामला नहीं है। सवाल उत्तराखंड की जनभावनाओं और स्थानीय कलाकारों के सम्मान का भी है। डीएवी कॉलेज में हुए विवाद के बाद भी यदि उसी कलाकार को फिर बड़े आयोजन में बुलाया जाता है तो आयोजकों को इसका आधार सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उत्तराखंड में कलाकारों की कमी है? प्रदेश के लोकगायक और युवा कलाकार वर्षों से बड़े मंच की प्रतीक्षा करते हैं, लेकिन बड़े आयोजनों में बाहरी कलाकारों पर भारी रकम खर्च की जाती है। उन्होंने मांग की कि उत्तराखंड में होने वाले बड़े आयोजनों में स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जाए।
डिमरी ने कार्यक्रम की आयोजक बताई जा रही महिमा वर्मा की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड क्रिकेट से जुड़ी रही जिम्मेदार शख्सियत से प्रदेश की जनभावनाओं को समझने की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने साफ कहा कि कार्यक्रम रद्द नहीं हुआ तो विरोध केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहेगा। ब्।न् कार्यालय पहुंचकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया जाएगा। अब सवाल सीधे आयोजकों के पाले में है। डीएवी कॉलेज में मंचीय व्यवहार को लेकर विवाद, पुलिस कार्रवाई और विरोध के बावजूद मासूम शर्मा को उत्तराखंड में फिर मंच देने का फैसला क्यों किया गया? विरोध की चेतावनी के बाद कार्यक्रम पर आयोजकों का अगला कदम क्या होगा, इस पर नजर रहेगी।