मंत्री पर दहाडे एक्स फौजी

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मंत्री गणेश जोशी से मांगा इस्तीफा
सैन्यधाम को चुनावी मुद्दा बनाए जाने पर फूटा गुस्सा, भ्रष्टाचार की हो जांच
मंत्री का इस्तीफा होने पर ही शांत होंगे पूर्व सैनिक
दो वर्ष में पूरा होना था निर्माण कार्य, अब तक नहीं हो सका पूर्ण
नगर संवाददाता
देहरादून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सैनिक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष सेनि कर्नल राम रतन नेगी ने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी पर दहाड़ते हुए कहा है कि सैन्यधाम को चुनावी मुद्दा बनाए जाने और सैन्यधाम में व्यापक भ्रष्टाचार के विरोध में मंत्री से इस्तीफा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मंत्री के किसान पूर्व सैनिक कांग्रेस का गुस्सा फूट गया है और यह गुस्सा इस्तीफा लेकर ही शांत होगा। उन्होंने कहा कि सैन्य धाम केवल एक निर्माणाधीन परियोजना नहीं, बल्कि उत्तराखंड ओर देश के वीर शहीद सैनिकों की स्मृति, सम्मान और बलिदान का प्रतीक है। इस पर राजनीति किए जाने को सहन नहीं किया जाएगा।
यहां कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि सैन्यधाम में किए गए भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए। सैन्यधाम के निर्माण में होने वाला प्रत्येक खर्च और लिया गया प्रत्येक निर्णय सार्वजनिक जवाबदेही के दायरे में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सैन्य धाम की घोषणा वर्ष 2019 में हुई और जनवरी में इसका शिलान्यास किया गया और दिसंबर 2021 में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पुरकल गांव में इसका दूसरा शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि उस समय परियोजना की लागत लगभग 63 करोड़ रूपये और इसे लगभग दो वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य बताया गया था।
उन्होंने कहा कि शहीद सम्मान यात्रा के दौरान 1,734 शहीद परिवारों के आंगन की मिटटी भी सैन्यधाम के लिए लाई गई लेकिन इसके बाद परियोजना की लागत में उल्लेखनीय वृद्धि को लेकर सवाल उठे।
उन्होंने कहा कि आरटीआई आधारित रिपोर्ट में पहले लगभग रूपये 48 करोड़ और बाद में वर्ष 2024 में परियोजना की लागत लगभग रूपये 99 करोड़ पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
कर्नल नेगी ने कहा है कि सैन्यधाम निर्माण में व्यापक स्तर का भ्रष्टाचार हुआ है और दो साल में पूरा करने के लक्ष्य को आज तक पूरा नहीं किया गया है और मंत्री के बयान पर भी जवाबदेही जरूरी है। उन्होंने कहा कि सैन्यधाम से जुड़े मंत्री गणेश जोशी के बयान पर भी गंभीर सवाल उठते है जिसमें उन्होंने सैन्यधाम के संदर्भ में चुनावी लाभ लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि मंत्री ने शहीदों की स्मृति में निर्मित स्मारक को चुनावी लाभ से जोड़ने की बात कही जाती है तो यह सार्वजनिक विमर्श और सैनिक सम्मान दोनों के लिए गंभीर विषय है।
उन्होंने कहा कि मंत्री गणेश जोशी अपने बयान पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण दें और यदि उनका बयान उसी अर्थ में है जैसा सार्वजनिक रूप से उदधृत किया गया है तो उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी सवाल किया है कि क्या वह शहीदों की स्मृति में बने सैन्य धाम को चुनावी लाभ से जोड़ने की ऐसी राजनीति से सहमत है यदि नहीं तो वह इस विषय पर स्पष्ट सार्वजनिक रूख क्यों नहीं रखते है।
उन्होंने कहा कि शहीदों के आंगन की मिटटी किसी पार्टी की नहीं है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शहीद किसी राजनीतिक दल के नहीं होते है। उन्होंने कहा कि मंत्री के बयान से सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों में नाराजगी है और उन्होंने जल्द अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया तो उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया जाएगा। लगातार आंदोलन किए जाएंगे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की उपाध्यक्ष सुजाता पॉल ने भी मंत्री गणेश जोशी की घेराबंदी की है।
उन्होंने कहा कि मंत्री ने अपने बयान पर सैनिकों का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि सैन्यधाम आज पूरी तरह से भ्रष्टाचार में डूबा हुआ भ्रष्टाचार का स्मारक बनकर रह गया है। उन्होंने कहा कि मंत्री कह रहे है कि सैन्यधाम का चुनाव में लाभ लेंगे क्योंकि वह संत नहीं है लेकिन शहीदों के आंगन की मिटटी का मंत्री ने अपमान किया है जिसे सहन नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि सैन्यधाम पांचवां धाम होगा लेकिन मंत्री गणेश जोशी सैनिकों व शहीदों का अपमान करने में लगे है और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष को इसका जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी को अपना इस्तीफा देना होगा।
उन्होंने कहा कि मंत्री गणेश जोशी के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा और जब तक इस्तीफा नहीं देते है आंदोलनों को जारी रखा जाएगा। पत्रकार वार्ता में मोहन सिंह रावत, बचन सिंह, कुशल राणा, साहदेव शर्मा, बलबीर सिंह सिंह, सिरजीत कृषाली, हरेंद्र सिंह बिष्ट, पंकज सिंह क्षेत्री आदि उपस्थित रहे।

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