सरकार को घेरने उतरेगी कांग्रेस
शैलजा के नेतृत्व में दिग्गज करंेगे शक्ति प्रदर्शन
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी में हुई जनसभा के बाद वहां का शुद्धिकरण किये जाने को लेकर कांग्रेस ने दिल्ली से लेकर उत्तराखण्ड में भाजपा के खिलाफ विरोध का बिगुल बजा रखा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दोषियों के खिलाफ मुकदमा कायम कराने का बार-बार दम भरा लेकिन आज तक दोषियों के खिलाफ मुकदमा कायम नहीं हुआ उल्टे संसद में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी थाने में एससीएसटी का मुकदमा दर्ज करके कांग्रेस को सड़कों पर आंदोलन करने के लिए विवश कर दिया। कल मुख्यमंत्री आवास घेराव को लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और इस घेराव में कांग्रेस अपना एक बडा शक्ति प्रदर्शन करके सरकार को चुनावी रणभूमि के लिए ललकारने को अपनी सेना के साथ मैदान में उतरने का आज बडा खाका बना रही है। उत्तराखण्ड कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा इस घेराव का नेतृत्व करने के लिए आगे रहेंगी।
कांग्रेस के दिग्गज नेता दोषियों पर मुकदमा कायम करने और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे को निरस्त करने की हुंकार लगाने के लिए आज अपने इलाकों में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को इस घेराव में कूच करने का पाठ पढ़ा रहे हैं जिससे कि वह सरकार को अपनी शक्ति का अहसास करा सकें।
हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद सभा स्थल का कथित ‘शुद्धिकरण’ किये जाने को लेकर शुरू हुआ सियासी संग्राम अब राजधानी की सड़कों पर दिखाई देने वाला है। इस प्रकरण को लेकर दिल्ली से उत्तराखण्ड तक भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल चुकी कांग्रेस ने अब मुख्यमंत्री आवास घेराव को बड़ा शक्ति प्रदर्शन बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।
कांग्रेस का आरोप है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद जिस तरह सभा स्थल का कथित शुद्धिकरण किया गया, उसने पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को आहत किया। पार्टी लगातार इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद अभी तक दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। वहीं दूसरी ओर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होने के बाद कांग्रेस का गुस्सा और बढ़ गया है। कांग्रेस अब दोनों मुद्दों को लेकर सरकार पर एक साथ हमला बोल रही है। पार्टी की मांग है कि कथित शुद्धिकरण प्रकरण में जिम्मेदार लोगों पर मुकदमा दर्ज हो और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे को निरस्त किया जाए।
कल होने वाला मुख्यमंत्री आवास घेराव अब केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि कांग्रेस के लिए चुनाव से पहले अपनी संगठनात्मक ताकत दिखाने का बड़ा मंच भी बनता दिखाई दे रहा है। पार्टी के दिग्गज नेताओं ने कार्यकर्ताओं को देहरादून पहुंचाने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में मोर्चा संभाल लिया है। अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए बैठकों और संपर्क अभियान का दौर चल रहा है। उत्तराखण्ड कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा के नेतृत्व में होने वाले इस घेराव में प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के पहुंचने की तैयारी है। कांग्रेस की कोशिश साफ है राजधानी में बड़ा जमावड़ा खड़ा कर सरकार को यह संदेश दिया जाए कि आने वाले चुनावी मुकाबले में पार्टी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने जा रही है। कांग्रेस के दिग्गज नेता आज अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री आवास कूच के लिए लामबंद करने में जुटे हैं। कार्यकर्ताओं को देहरादून पहुंचने का आह्वान किया जा रहा है और पार्टी इस प्रदर्शन को सरकार के खिलाफ एक बड़ी राजनीतिक हुंकार में बदलने की तैयारी कर रही है।
अब निगाहें कल राजधानी देहरादून पर रहेंगी। कांग्रेस कितनी भीड़ जुटाकर अपनी ताकत का अहसास करा पाती है और मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ते कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन क्या रणनीति अपनाता है इस पर सियासी गलियारों की नजर रहेगी। इतना तय है कि ‘शुद्धिकरण’ विवाद और राहुल गांधी पर दर्ज मुकदमे ने उत्तराखण्ड की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है और कांग्रेस इसी मुद्दे के सहारे चुनावी रणभूमि में सरकार को खुली चुनौती देने की तैयारी में है।