बुजुर्गों और महिलाओं को निशाना बनाने वाले

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एटीएम ठगी के शैतान सलाखों के पीछे
192 एटीएम कार्ड, तमंचा और कार-बाइक बरामद
मनोज सैनी
विकासनगर। एटीएम बूथों पर मदद के बहाने बुजुर्गों, महिलाओं और सीधे-सादे लोगों के कार्ड बदलकर उनके बैंक खातों से रकम उड़ाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का दून पुलिस ने पर्दाफाश किया है। विकासनगर पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से विभिन्न बैंकों के 192 एटीएम,डेबिट कार्ड, अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस, कार, मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की है।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य एटीएम बूथों के आसपास शिकार की तलाश में घूमते थे। खासतौर पर बुजुर्गों और महिलाओं को निशाना बनाकर एटीएम से पैसे निकालने में मदद करने के बहाने उनका कार्ड चतुराई से बदल लेते थे। इसी दौरान पिन की जानकारी हासिल कर लेते और बाद में दूसरे एटीएम से उनके खातों से रकम निकाल लेते थे। वारदात के बाद आरोपी कार और बाइक से तत्काल मौके से फरार हो जाते थे। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर जिलेभर में संदिग्ध व्यक्तियों और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान 21 अगस्त को विकासनगर पुलिस को इस गिरोह के बारे में सूचना मिली। मुखबिर ने बताया कि चार संदिग्ध व्यक्ति स्विफ्ट कार और मोटरसाइकिल से विकासनगर क्षेत्र में पहुंचे हैं और एटीएम कार्ड बदलकर ठगी की वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं।
सूचना पर पुलिस टीम ने हर्बर्टपुर चौक से आगे पोंटा रोड स्थित ढालीपुर पुल से पहले आम के बगीचे के पास चेकिंग शुरू की। इसी दौरान यूपी14बीएक्स8591 नंबर की स्विफ्ट कार को रोककर उसमें सवार चारों व्यक्तियों की तलाशी ली गई। तलाशी में बड़ी संख्या में अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड, एक 12 बोर का देसी तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने इन कार्डों को अलग-अलग लोगों से ठगी कर हासिल करना स्वीकार किया।
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य पहले भी एटीएम ठगी की वारदातों में जेल जा चुके हैं। आरोपियों का हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और असम सहित कई राज्यों में आपराधिक इतिहास सामने आया है। पुलिस अब इनके द्वारा पूर्व में की गई अन्य वारदातों और इनके नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जगमोहन पुत्र अजमेर निवासी न्यू सरस्वती विहार, थाना सदर बाजार, सहारनपुर, उम्र करीब 40 वर्षय नीटू पुत्र नरेश निवासी बुढाखेड़ा, थाना चरथावल, मुजफ्फरनगर, उम्र करीब 40 वर्षय सोनू पुत्र रमेश निवासी पैरामाउंट के पास, सहारनपुर, उम्र करीब 43 वर्षय और आशु कुमार पुत्र श्यामलाल निवासी मोहनपुराध्गुलाबनगर, रुड़की, हरिद्वार, उम्र 26 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 192 विभिन्न बैंकों के एटीएम, डेबिट कार्ड, 12 बोर का एक अवैध देसी तमंचा, दो जिंदा कारतूस, स्विफ्ट कार बिना नंबर प्लेट की एक मोटरसाइकिल, 1200 रुपये नकद और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मोटरसाइकिल को ई-चालान मशीन से चेक करने पर उसका नंबर यूके17एक्स 0425 पाया गया। इसके अलावा आरोपी आशु कुमार के कब्जे से आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, आयुष्मान कार्ड और एक अन्य डेबिट कार्ड भी बरामद हुआ है।
पुलिस के अनुसार जगमोहन के खिलाफ जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और देहरादून में कई मुकदमे दर्ज हैं। नीटू के खिलाफ विकासनगर और हरियाणा में मामले सामने आए हैं। सोनू के खिलाफ जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और असम में चोरी व धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हैं। वहीं आशु कुमार के खिलाफ हिमाचल प्रदेश और देहरादून के रायवाला थाने में धोखाधड़ी से जुड़े मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस को मिली है। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास को खंगालने के साथ यह भी पता लगाने में जुटी है कि 192 एटीएम कार्ड किन-किन लोगों के हैं और इन कार्डों के जरिए कितनी रकम की ठगी की गई है। प्रभारी निरीक्षक राजीव रौथाण, वरिष्ठ उपनिरीक्षक शिशुपाल सिंह राणा, उपनिरीक्षक मयंक त्यागी, उपनिरीक्षक सनोज कुमार, हेड कांस्टेबल राजेंद्र बर्त्वाल, कांस्टेबल शिवानंद घिल्डियाल, नरेश पंत, नवीन कोहली, दिनेश बाबू और प्रवीण चौहान।

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