बाबा की नगरी में उफान पर नदियां

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जिला प्रशासन ने तेज कर दी निगरानी
केदारनाथ यात्रा पर मौसम का दिखेगा असर!
प्रमुख संवाददाता
रुद्रप्रयाग/देहरादून। रूद्रप्रयाग में लगातार हो रही बारिश के बीच अलकनंदा और मंदाकनी नदियों का जल स्तर बढ़ने से जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है और उसने बढ़ रहे जलस्तर की निगरानी तेज कर दी है। आपदा प्रबंधन के अफसर का कहना है कि अलकनंदा और मंदाकनी नदियों के जलस्तर में कल की तुलना में आंशिक रूप से वृद्धि दर्ज की गई है और कंट्रोल रूम से चौबीस घंटे निगरानी रखी जा रही है। जलस्तर चेतावनी के निशान पर जाता है तो लोगों को अलर्ट किया जाता है जिससे लोगों को चेतावनी मिल जाती है कि नदी के किनारे किसी प्रकार की गतिविधियां न करें जो लोग वहां आश्रित हैं उन्हें भी तत्काल सुरक्षित स्थानों पर लाने का प्रयास किया जाता है। रूद्रप्रयाग में बारिश ने केदारनाथ में आने वाले श्रद्धालुओं के पैर रोक दिये हैं क्योंकि जिला प्रशासन बारिश में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर अलर्ट है।
पहाड़ों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने रुद्रप्रयाग जिले में खतरे की आहट तेज कर दी है। अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने दोनों नदियों की पल-पल निगरानी शुरू कर दी है और कंट्रोल रूम से चौबीसों घंटे हालात पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि मौसम के बदले मिजाज को देखते हुए किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले 24 घंटे में दोनों नदियों के जलस्तर में आंशिक वृद्धि दर्ज की गई है। जलस्तर में लगातार हो रहे बदलाव का वैज्ञानिक तरीके से आकलन किया जा रहा है। यदि जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंचता है तो नदी किनारे बसे लोगों को तत्काल अलर्ट जारी किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा। प्रशासन ने सभी संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात अधिकारियों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, पर्यटकों और चारधाम यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में नदी किनारे न जाएं। बरसात के दौरान नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मौसम विभाग की चेतावनियों और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करना ही सुरक्षित विकल्प है। लगातार हो रही बारिश का असर विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ यात्रा पर भी दिखाई दे रहा है। खराब मौसम के चलते श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई है। जिला प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मौसम, सड़क मार्ग और यात्रा मार्ग की लगातार समीक्षा कर रहा है। हालात के अनुसार ही यात्रा संचालन को लेकर निर्णय लिए जा रहे हैं, ताकि किसी भी श्रद्धालु की सुरक्षा से समझौता न हो। बारिश के इस दौर को देखते हुए पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग और अन्य सभी संबंधित एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। कंट्रोल रूम से हर गतिविधि की निगरानी की जा रही है और आपदा से जुड़े सभी संसाधनों को तैयार रखा गया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने, आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

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