कोबरा गैंग का मास्टर माइंड सलाखों के पीछे
लाल डायरी में छिपे हैं बडे-बडे सफेदपोश और नामचीनों के राज
दिल्ली, उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश के नामचीन शिक्षण संस्थानों के छात्र भी होंगे बेनकाब
देहरादून। मुख्यमंत्री के नशामुक्त उत्तराखण्ड के विजन को धरातल पर उतारने के लिए पुलिस कप्तान ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। पुलिस कप्तान ने दिल्ली के कुख्यात कोबरा गैंग के बडे विदेशी नशा पैडलरों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का बडा ऑपरेशन शुरू किया और चौबीस घंटे के भीतर कोबरा गैंग के मास्टर माइंड विदेशी गैंग लीडर को दिल्ली से दबोच लिया। हैरानी वाली बात है कि यह मास्टर माइंड सालों से दिल्ली में अवैध रूप से रह रहा है। राजपुर थाना प्रभारी ने इस नशा माफिया के कब्जे से एक लाल डायरी बरामद की तो उसे देखकर यह बात उभर आई कि नशे के इस काले साम्राज्य से उत्तराखण्ड के काफी सफेदपोश, नेता और दौलतमंद जुडे हुये हैं और अब पुलिस कप्तान इस डायरी में लिखे हर उस नामचीन सफेदपोश से पुलिस थाने में आमना-सामना करेंगे जिनके नाम और नम्बर कुख्यात नशा माफिया की डायरी में लिखे हुये हैं। डायरी में दिल्ली, उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश के कुछ बडे शिक्षण संस्थानों के छात्रों के नाम भी सामने आये हैं जिन पर पुलिस का अब शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।
आज एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने मीडिया से रूबरू होते हुए बताया कि पकडा गया नशा माफिया जॉन उर्फ जोसेफ द्वारा पूछताछ में बताया गया कि उसने अपनी पहचान को छुपाने के लिए कई नाम रखे हुए हैं। वह मूल रूप से कोत द आइवॉर गणराज्य (अफ्रीका) का मूल निवासी है तथा पिछले दो वर्ष से दिल्ली में मालवीय नगर में रह रहा है। कोकीन से होने वाली मोटी कमाई के कारण वह दिल्ली से कोकीन की सप्लाई अपने पैडलरों के माध्यम से देश के विभिन्न स्थानों में करता है। कुछ दिन पूर्व उसके द्वारा अपने एक पेडलर जावेद आलम को कोकीन बेची गई थी तथा देहरादून में आयोजित होने वाली पार्टियों व कॉलेज के युवा छात्र-छात्राओं को सप्लाई करने हेतु बताया गया था। जावेद आलम के माध्यम से वह पूर्व में भी देहरादून व उसके आसपास के शहरों में कोकीन की सप्लाई कर चुका है। नशा माफिया से पूछताछ के दौरान माफिया के पासपोर्ट व वीजा के दिसंबर 2025 में खत्म होने तथा उसके बिना वैध पासपोर्ट व वीजा के अवैध रूप से दिल्ली में रहने की जानकारी भी पुलिस टीम को प्राप्त हुई है, जिसके संबंध में अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।
मुख्यमंत्री ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि के विजन को साकार करने के लिये पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल के नेतृत्व में दून पुलिस द्वारा लगातार नशा तस्करों के विरूद्ध एक बडी जंग छेड चुकी है। पुलिस कप्तान की सटीक सूचना पर चौबीस घंटे पहले राजपुर थाना प्रभारी पीडी भट्ट ने अपनी टीम के साथ जोहड़ी रोड पर स्थित पुरानी मजार के पास दौराने चैकिंग मुखबिर की सूचना पर एक अभियुक्त जावेद आलम पुत्र मुस्तफा निवासी रहमत कॉलोनी बरला रोड देवबंद थाना देवबंद जनपद सहारनपुर उत्तर प्रदेश उम्र 37 वर्ष को 11.77 ग्राम अवैध कोकीन के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में अभियुक्त जावेद आलम द्वारा बताया गया कि वह उक्त मादक पदार्थो को विशेष कर शहर में आयोजित होने वाली बड़ी पार्टी व कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों को सप्लाई करता है। अभियुक्त द्वारा बताया गया कि उसे कोकीन जॉन उर्फ जोसेफ नाम के व्यक्ति, जो कि दिल्ली में रहता है, के द्वारा उपलब्ध करायी जाती है। नशा माफिया से पूछताछ के आधार पर प्रकाश में आये अभियुक्त जॉन उर्फ जोसेफ को पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर मालवीय नगर दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।
कुख्यात की डायरी खंगालेंगे कप्तान
पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि युवा वर्ग अक्सर नशा तस्करो का सॉफ्ट टारगेट रहता है, युवाओं के भविष्य से किसी को भी खिलवाड़ नही करने देंगे, नशा तस्करी के सभी तरीको पर दून पुलिस की सतर्क दृष्टि है, मादक पदार्थो की तस्करी में लिप्त व्यक्तियों का केवल एक ही ठिकाना है और वो है जेल। पुलिस कप्तान ने बताया कि कोबरा गैंग के इस मास्टर माइंड के पास से जो डायरी पुलिस के हाथ लगी है उसमें लिखे नामों और नम्बरों का सच जानने के लिए जल्द पुलिस अपना ऑपरेशन शुरू करेगी क्योंकि उस डायरी में बहुत सफेदपोश और नामचीन लोगों के लिखे नाम सामने आने से मामला हाई प्रोफाइल हो गया है।
