घपलेबाजों का नेस्तनाबूत हो रहा कुनबा
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने 20-20 आईपीएल मैचों की तर्ज पर घपलेबाजों, अपराधियों, माफियाओं, घोटालेबाजों और रिश्वतखोरों पर जबसे धांय-धांय शुरू की है उससे उनमें खलबली मची हुई है और चार साल के इस कार्यकाल में मुख्यमंत्री ने धुरंधर की तरह घपलेबाजों का कुनबा नेस्तनाबूत करके रख दिया है। मुख्यमंत्री की धांय-धांय देखकर विपक्ष के माथे पर भी ंिचता की लकीरें हैं कि 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में वह कैसे भाजपा को चुनावी रणभूमि में ढेर कर पायेंगे क्योंकि मुख्यमंत्री आवाम के हर वायदे को एक-एक करके पूरा करते जा रहे हैं जिसके चलते विपक्ष के पास कोई ऐसा मुद्दा ही नहीं है जिससे वह सरकार को घेरने के लिए आवाम के बीच उसे विलेन बना सके।
अब यह साफ हो चुका है कि उत्तराखण्ड में 2027 में होने वाले विधानसभा की कमान युवा मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ही संभालेंगे क्योंकि भाजपा हाईकमान ने सीधा फरमान जारी कर दिया है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ही भाजपा विधानसभा चुनाव लडेगी। भाजपा हाईकमान के इस फरमान के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक नई ऊर्जा के साथ राज्य के विकास में आगे बढ़ गये हैं और उन्होंने राज्य की जनता को एक बार फिर संदेश दिया है कि डबल इंजन सरकार के शासनकाल में उत्तराखण्ड गुलजार होता हुआ आगे बढ़ता जायेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अब अपने शासनकाल के चार साल पूरे करने के बाद धुरंधर की तरह राजनीतिक पिच पर चौके-छक्के लगाते हुए आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ संदेश दे दिया है कि राज्य की आवाम ने जो उम्मीद सरकार से पाली थी उसे पूरा करने के लिए वह हमेशा अगली पक्ति में खडे हुये हैं और हर वचन को वह पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जहां अपने मंत्रिमण्डल का विस्तार किया वहीं उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को दायित्व से नवाजकर यह संदेश दे दिया कि सरकार और संगठन एक साथ हैं और 2027 का चुनावी रण वह मिलकर जीतेंगे।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य को भ्रष्टाचारमुक्त करने का जो संकल्प लिया हुआ है वह अब धरातल पर भी दिखाई देने लगा है। राज्य की जनता साफ देखकर रही है कि उनके मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी फ्लावर के साथ फायर भी हैं जो भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों का संहार करने के लिए आर-पार की लडाई लडने के लिए आगे आ गये हैं। धामी की धांय-धांय से घोटालेबाज डरे और सहमें हुये नजर आ रहे हैं। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जब सत्ता सौंपी गई थी तो हर कोई यह शंकित था कि क्या पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड को शहीद आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखण्ड बना पायेंगे? वहीं जब उन्होंने सत्ता संभालने के बाद बडे-बडे फैसले लेने शुरू किये तो उससे राज्य में कुछ राजनीतिक पार्टियों के बडे नेताओं की नींद उड गई और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ अल्टीमेटम दे दिया था कि उनके राज्य में भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों पर वह सख्ती के साथ नकेल लगायेंगे। वहीं उन्होंने खनन, भू-माफियाओं पर भी शिंकजा कस रखा है जिससे माफियाओं में हमेशा खलबली मची रहती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की जनता को जहां सीने से लगाया वहीं उन्हांेने भ्रष्टाचारियों के खिलाफ आर-पार की जंग लड रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भ्रष्टाचारमुक्त देश के संकल्प को उत्तराखण्ड में धरातल पर उतारने के लिए अपने कदम तेजी के साथ बढा रखें हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी साफ ऐलान कर चुके हैं कि अगर कोई भी पेपर लीक हुआ तो उसमें छोटी से लेकर हर बडी मछली सलाखो के पीछे होगी। राजनीति में कुछ कर गुजरने की जिद्द में पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड को भ्रष्टाचारमुक्त करने के लिए अपनी टीम के साथ आगे बढते जा रहे हैं। पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ धांय-धांय करनी शुरू की तो उससे भ्रष्टाचारी व घोटालेबाज धडाम होते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचारियों के खिलाफ जिस तरह से आर-पार की लडाई शुरू कर रखी है वह आम जनमानस को खूब रास आ रही है। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हर भ्रष्टाचार करने वाले गुनाहगारों को चिन्हित कर जिस तरह से सलाखों के पीछे पहुंचाने का ऑपरेशन शुरू कर रखा है उससे वह उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि भाजपा की लीडशिप की आंखों के तारे बन चुके हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिस तरह से गैर कानूनी काम करने वाले और घपलेबाजों के खिलाफ धांय-धांय शुरू कर रखी है उससे उत्तराखण्ड उन शैतानों से आजाद हो रहा है जो आवाम को एक लम्बे दशक तक दर्द दे रहे थे।
