प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री की स्वच्छ और पारदर्शी शैली से देश के प्रधानमंत्री हमेशा गदगद रहे हैं और यही कारण है कि वह मुख्यमंत्री को अपना सखा और लाडला मानते आ रहे हैं। अपने सखा के उत्तराखण्ड को गुलजार करने के लिए प्रधानमंत्री ने राज्य में जमीन से लेकर आकाश तक विकास का जो तोहफा दिया है उससे उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि देश-विदेश के लोग भी डबल इंजन सरकार के विकास को देखकर गदगद नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री की स्वच्छ राजनीति पार्टी के ही काफी राजनेताओं की आंखों में चुभती आ रही है और यही कारण है कि मुख्यमंत्री को अकसर अस्थिर करने के लिए कोई न कोई प्रपंच रचा जाता है लेकिन देश के प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री के भीतरघातियों पर अपनी पैनी नजर रखते हैं और उसी के चलते कोई भी भीतरघाती लम्बे अर्से से अपनी साजिश में कभी कामयाब नहीं हो पाया है।
उत्तराखण्ड के अन्दर युवा मुख्यमंत्री ने चार साल से यह बता दिया कि भले ही उन्हें कभी मंत्री बनने का मौका न मिला हो लेकिन अगर किसी में कुछ कर गुजरने का जज्बा होता है तो फिर वह अपने विजन को हासिल करने में कभी नहीं चूकता। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बताये गुरू मंत्र पर मुख्यमंत्री ने चार साल से सरकार चलाने का जो दौर शुरू किया हुआ है उससे आज उत्तराखण्ड के अन्दर हर तरफ कमल खिलता हुआ ही नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री ने हमेशा सबको साथ लेकर चलने में ही अपना विश्वास दिखाया है और वह विपक्ष के विधायकों के इलाके मंे भी विकास योजनाओं का जो उन्हें तोहफा देते आ रहे हैं वह यह बताने के लिए काफी है कि मुख्यमंत्री सबका साथ सबका विकास के मिशन पर काम करते हुए नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री की स्वच्छ और पारदर्शी शैली उनके ही अपनों और विपक्ष के काफी नेताओं को रास नहीं आ रही है और यही कारण है कि भीतरघातियों का एक बडा समुह हमेशा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अस्थिर करने के लिए कोई न कोई प्रपंच रचता रहता है लेकिन देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी को अपना सखा बना रखा है इसलिए वह मुख्यमंत्री के खिलाफ चालें चलने वाले हर भीतरघाती पर अपनी पैनी नजर रखते हैं जिससे कोई भी भीतरघाती मुख्यमंत्री को अस्थिर करने के अपने एजेंडे में सफल नहीं हो पाता।
गौरतलब है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुष्कर सिंह धामी की पीठ पर हाथ रखकर साफ संदेश दे दिया है कि उत्तराखण्ड की सत्ता स्वच्छ पैमाने पर चल रही है और भविष्य में भी पुष्कर उनकी पहली पसंद है इसलिए पुष्कर सिंह धामी को सत्ता से बेदखल करने का सपना देखने वाले भाजपा के कुछ बडे नेताओं के लिए अब मुख्यमंत्री के साथ भीतरघात करना आसान नहीं होगा क्योंकि पुष्कर सिंह धामी के साथ भीतरघात का सपना देखने वालों पर भी मोदी की सीधी नजर है। उत्तराखण्ड में भाजपा के आधा दर्जन से अधिक दिग्गज नेताओं के मन में वर्षों से मुख्यमंत्री बनने के सपने हिचकोले मारते रहते हैं और समय-समय पर ऐसे नेता भाजपा हाईकमान के दरबार में अपने आपको सर्वेश्रेष्ठ नेता दिखाकर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन होने के लिए एडी-चोटी का जोर लगाते रहे लेकिन नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से देश में भाजपा का स्वरूप एकदम बदल चुका है और भाजपा हाईकमान ने कभी भी दबाव की राजनीति करने वाले नेताओं के सिर नहीं उठने दिये। यही कारण है कि लम्बे अर्से से उत्तराखण्ड भाजपा का कोई भी बडा नेता पार्टी में बगावत का झंडा उठाकर खुद मुख्यमंत्री बनने की दौड मंे आगे दिखाई नहीं देता।
चार साल से युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों में सत्ता है और वह राज्य में जनसेवक बनकर सत्ता चला रहे हैं और आवाम के बीच वह जिस तरह से प्रसिद्ध होते जा रहे हैं उससे भाजपा के कुछ बडे नेताओं के माथे पर अपनी भविष्य की राजनीति को लेकर चिंता की लकीरें पड़ गई हैं। पार्टी के कुछ नेताओं को इस बात का इल्म है कि अगर पुष्कर सिंह धामी राज्य में हुये हर चुनाव जीते तो भाजपा की बडी लीडरशिप में वह सबके लाडले बनते जा रहे हैं। हालांकि पुष्कर ंिसह धामी के खिलाफ पार्टी के कुछ नेता पर्दे के पीछे रहकर साजिशों का तानाबाना बुनने से बाज नहीं आते जिसके चलते वह हमेशा अपनी ही साजिशों में खुद फंस जाते हैं। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी का राजनीतिक रूतबा अब बुलंदियों पर है और वह राज्य के अन्दर सियासत में एक नई लकीर खिंचते जा रहे हैं।
