धामी ने धार्मिक पर्यटन को लगाये पंख

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में एक दशक तक राज्य के अन्दर साधु-संतों में सरकार के मुखिया को लेकर एक बडी नाराजगी दिखाई देती थी कि वह हिन्दुत्व के एजेंडे पर आगे नहीं बढ़ते जिसके चलते राज्य के अन्दर हिन्दुत्व पर एक बडा खतरा मंडराता है। राज्य बनने के बाद से ही कुंभ और कांवड यात्रा को अलौकिक बनाने की दिशा में सरकारों ने हिन्दुओं के मन में वो अलख नहीं जगाई थी जिसको लेकर उन्हें यह गर्व हो सकता कि हिन्दुत्व की आस्था वाले इस महाकुंभ में सरकार एक बडे विजन के साथ अलौकिक काम कर रही है। उत्तराखण्ड की कमान जबसे युवा मुख्यमंत्री ने अपने हाथों में ली है तबसे उन्होंने राज्य के अन्दर हिन्दुत्व को एक नई पहचान देने की दिशा में बडा काम किया है और अपने शासनकाल में उन्होंने धार्मिक पर्यटन को पंख लगाने का जो जज्बा दिखाया है उसे देखकर उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि देशभर के साधु-संत मुख्यमंत्री को एक बडे हिन्दू सम्राट के रूप में देखकर उनकी खूब पीठ थपथपा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अपने शासनकाल में कावंड यात्रा को जहां आलौकिक बनाया वहीं उन्होंने अगले वर्ष होने वाले कुंभ की तैयारियों को लेकर जो खाका तैयार किया है उसका रोड-मेप जब साधु-संतों और अखाडा परिषदों को दिखाया गया तो सभी उस रोड-मेप को देखकर गदगद नजर आये और यही कारण है कि अब मुख्यमंत्री हिन्दुत्व को उस शिखर पर ले जा रहे हैं जहां हर तरफ उन्हें हिन्दू सम्राट से भी नवाजा जा रहा है। सबसे अह्म बात यह है कि देश के प्रधानमंत्री ने धामी के धार्मिक पर्यटन के विजन को देश में एक नई पहचान दिलाने के लिए हमेशा उत्तराखण्ड आकर उसे एक नई उडान दी हैै।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी धार्मिक पर्यटन को अपने चार साल के कार्यकाल में जिस विजन के साथ आगे बढ़ाते हुए नजर आये हैं उसे देखकर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी हमेशा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पीठ थपथपाते आ रहे हैं। उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली बार राज्य के मुख्यमंत्री ने एक बडा हौसला दिखाते हुए शीतकालीन यात्रा का शुभारंभ किया था और इसी शीतकालीन यात्रा को एक नई पहचान देने के लिए खुद देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तरकाशी में आये थे और उन्होंने वहां से शीतकालीन यात्रा को एक नया आगाज देने के लिए जो बडी पहल की थी उसी का परिणाम है कि आज शीतकालीन यात्रा देश के श्रद्धालुओं के मन में एक बडा भाव जगाने में सफल हुई है। इस शीतकालीन यात्रा में डेढ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किये और देशभर में इस शीतकालीन यात्रा का जो नया रूप श्रद्धालुओं ने देखा है उसके चलते वह भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक बडे विजन वाला राजनेता मान चुके हैं।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक बडी सोच के साथ राज्य को विकास की राह पर आगे ले जाने मे दिन-रात लगे हुये हैं और उन्होंने उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने का संकल्प लिया हुआ है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के अन्दर पर्यटन और धार्मिक पर्यटन को बडे रूप मे विकसित करने के लिए प्लान बना रखा है और उसी प्लान के तहत वह इस क्षेत्र में काम करते हुए दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बाहर से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को संदेश दे रखा है कि उत्तराखण्ड मे उन्हें सरकार हर सुविधा मुहैया करायेगी और यही कारण है कि जहां बाहरी राज्यों के पर्यटकों ने उत्तराखण्ड के गढ़वाल व कुमांऊ मे मनमोहक स्थलों पर पहुंचने के लिए अपने कदम आगे बढा रखे हैं वहां हर तरफ पर्यटकों के आगमन से पर्यटन स्थल गुलजार नजर आ रहे हैं और उससे उत्तराखण्ड का व्यापार भी काफी बढ़ रहा है।
उत्तराखण्ड के धार्मिक पर्यटन को बढावा देने के लिए लम्बे समय से एक बडे विजन के तहत काम कर रहे मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र मे एक नई क्रांति लाने का जो दौर शुरू किया है उससे गढवाल व कुमांऊ मे धार्मिक पर्यटन मे चार चांद लग गये हैं। गढवाल मे चल रही चारधाम यात्रा को सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने हमेशा यात्रा के शुभारंभ से पहले ही बडा खाका बनाकर उसे धरातल पर उतारने का जज्बा दिखा रखा है। सरकार की ऐसी तैयारियों के चलते ही लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब चारधाम यात्रा मे उमड़कर सबको हैरान करता आ रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर इस माह राज्य में शुरू होने वाली खुद चारधाम यात्रा पर अपनी नजरें बनाकर रखी हुई हैं और राज्य के छोटे-छोटे प्रसिद्ध मंदिरों को भी वह नया रूप देने के लिए आगे बढते जा रहे हैं जिससे उत्तराखण्ड के अन्दर धार्मिक पर्यटन को एक नया आयाम मिलता हुआ दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री का मानना है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी मानते हैं कि उत्तराखण्ड देवभूमि है और यहां हर तरफ देवी-देवता वास करते हैं इसलिए वह पहाड़ से लेकर मैदान तक धार्मिक पर्यटन को एक नई पहचान दिलाने की दिशा मे बडा रोड-मैप तैयार करके उसे धरातल पर उतारने का काम कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड में पर्यटन व धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाओं पर बडा होमवर्क करने के बाद मुख्यमंत्री ने एक बडे विजन के तहत चार साल से इस पर काम करना शुरू कर रखा है और उसी का परिणाम है कि आज राज्य के अन्दर पर्यटन के क्षेत्र मे धामी सरकार बेहद नये अंदाज मे काम कर रही है जिससे उत्तराखण्ड के चारो ओर पर्यटकों का अम्बार उमड़ रखा है। वहीं राज्य मे धार्मिक पर्यटन को पंख लगाने के लिए मुख्यमंत्री ने बडे विजन के तहत प्लान तैयार किया है और उसी के चलते उत्तराखण्ड के अन्दर धार्मिक पर्यटन को आगे बढाने के लिए उसे हवाई सेवाओं से जोडकर श्रद्धालुओं को एक नया तोहफा दिया है जिसके चलते श्रद्धालुओं का गढवाल व कुमांऊ मे धार्मिक पर्यटन स्थलों पर आने का सिलसिला इतनी तेजी के साथ बढ़ चला है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।

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