चमोली(संवाददाता)। उत्तराखण्ड में मानसूनी बारिश का तांडव सरकार के माथे पर बार-बार चिंता की लकीरें डाल रहा है। अभी उत्तरकाशी के धराली और स्यानाचट्टी में भारी बारिश के हालात सुधरे भी नहीं थे कि अब चमोली जिले के थराली विकासखण्ड के अलग-अलग हिस्सों में देर शाम से हो रही मूसलाधार बारिश और आधी रात को बादल फटने से वहां चीख-पुकार मच गई और बाजार क्षेत्र में दुकानों में जहां मलवा घुस गया तो वहीं कई मकानों को भी मलवे से बडा नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है, यहां के एक बुजुर्ग व्यक्ति के लापता होने की आशंका उठ रही है तो वहीं सगवाडा गांव में ही एक युवती के भवन के अन्दर दबे होने की आशंका उठी है। चमोली के थराली में बादल फटने से वहां मची तबाही को लेकर मुख्यमंत्री काफी दुखी हैं और उन्होंने जिले के अफसरों और बचाव में तैनात रहने वाली एजेंसियों को मौके पर उतारकर उन्हें जल्द से जल्द मलबा हटाने और जनजीवन सामान्य करने का आदेश दिया है जिसके बाद से ही सेना और एसडीआरएफ की टीमें भी बचाव व राहत कार्य में जुट गई हैं।
Óराहत और बचाव कार्य शुरूÓमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद के थराली क्षेत्र में देर रात बादल फटने के कारण मलबे में दबने से एक युवती के निधन पर गहरा दु:ख प्रकट करते हुए एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना पर उनके सुरक्षित व सकुशल होने की कामना की है। इस बीच मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस, आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर बचाव और राहत कार्य में जुट गई हैं। बता दें कि थराली तहसील क्षेत्र के टूनरी गदेरे में शुक्रवार देर रात बादल फटने से थराली बाजार और आसपास के क्षेत्र में भारी मलबा आ गया। मलबे की चपेट में आने से एसडीएम आवास सहित कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। दुकानों में मलबा भर गया। कई वाहन भी मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य के लिए डीडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच चुकी है। वहीं एसडीआरएफ और एनडीआरफ की टीम आपदा क्षेत्र के लिए रवाना हो गई है। कर्णप्रयाग ग्वालदम सड़क को भारी बारिश के चलते कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। जिसे सुचारू करने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।

