देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखंड में पंचायत चुनाव की उठापटक और नैनीताल के पूरे घटनाक्रम के बाद आखिरकार बीजेपी ने आज नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर जीते दर्ज करके यह दिखा दिया है कि उत्तराखंड में अभी भी सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी है और जनता धामी के विकास पर वोट कर रही है 27 में से 11 वोट बीजेपी को पड़े जबकि 1० वोट कांग्रेस को पांच प्रत्याशियों के घूमने चले जाने के बाद नतीजा उनके वोट के आधार पर होता लेकिन ऐसा नहीं हो पाया राज्य में जिस तरह से लगातार पुष्कर सिंह धामी विकास की गंगा बहा रहे हैं उसे एक बात तो साफ हो गई की 27 में कांग्रेस के साथ विधायक भी बीजेपी के सामने टिक नहीं पाएंगे और राज्य में एक बार फिर से बीजेपी प्रचंड बहुमत की सरकार बना सकती है। नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर पार्टी उम्मीदवार को जीताकर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के ताबूत में आखिरी कील ठोक कर यह संदेश दे दिया कि 2०27 का रण भाजपा के हाथों में होगा।
उल्लेखनीय है कि नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए हुये चुनाव में खूब फिल्मी ड्रामा देखने को मिला था और कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष से लेकर काफी नेताओं ने यह शोर मचाया था कि भाजपा ने उनके पांच जिला पंचायत सदस्यों का अपहरण कर लिया है और उसके बाद वह उच्च न्यायालय की शरण में भी जा पहुंचे थे। मामला जब उच्च न्यायालय के सामने आया तो न्यायालय ने भी इस मामले मे जिला प्रशासन को पांचो कथित अपहृत को खोज निकालने का आदेश दिया था। हैरानी वाली बात थी कि कांग्रेस के दिग्गज नेता जिन अपने जिला पंचायत सदस्यों का अपहरण होने का भोपू बजा रहे थे उन्होंने मीडिया के सामने आकर यह ताल ठोक दी थी कि उनका कोई अपहरण नहीं हुआ और वह कहीं धूमने गये थे। कांग्रेस के इन पांचो जिला पंचायत के इस बयान ने सियासत में एक नया भूचाल मचा दिया था और कांग्रेस के उन नेताओं की काफी किरकिरी हो गई थी जो यह दम भर रहे थे कि भाजपा ने उनके पांच सदस्यों का अपहरण कर लिया है। लम्बे विवाद और राजनीति ड्रामे के बाद नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव का परिणाम घोषित हो गया। आज जिला कोषागार में हुई अधिकारिक घोषणा में भाजपा प्रत्याशी दीपा दरमवाल को जिला पंचायत अध्यक्ष और कांग्रेस प्रत्याशी देवकी बिष्ट को जिला पंचायत उपाध्यक्ष घोषित किया गया है। अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला भाजपा की दीपा दरमवाल और कांग्रेस की पुष्पा नेगी के बीच था। कुल 27 सदस्यों में से केवल बाइस सदस्यों ने मतदान किया था इसमें दीपा दरमवाल को ग्यारह वोट मिले जबकि पुष्पा नेगी को दस वोट हासिल हुये और एक मत रद्द कर दिया गया इस तरह दीपा दरमवाल ने एक मत के अन्दर से जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमा लिया। वहीं उपाध्यक्ष पद पर भाजपा के बहादुर सिंह नगदली और कांग्रेस की देवकी बिष्ट के बीच कडा मुकाबला हुआ। दोनो को ग्यारह-ग्यारह वोट मिलने पर चुनाव अधिकारी ने टॉस कराया। किस्मत कांग्रेस की देवकी बिष्ट के साथ रही और वह नैनीताल की नई जिला पंचायत उपाध्यक्ष चुनी गई। सबसे अहम बात यह है कि जो कांग्रेस की जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर अपना कब्जा जमाने का ख्वाब देख रही थी उस ख्वाब को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहीं न कहीं अपनी चाणक्य नीति से धडाम कर दिया और इस महत्वपूर्ण प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव को जीतकर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के ताबूत में एक बडी कील ठोक दी।

