देवभूमि में भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं

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देहरादून(संवाददाता)। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजधानी के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में 79वें स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में प्रतिभाग किया और इस दौरान उन्होंने वहां पर ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों, शहीद आंदोलनकारियों के परिजनों एवं राज्य प्राप्ति आंदोलनकारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि में भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त छोटे व बड़े भ्रष्टाचारियों को सरकार ने सलाखों के पीछे भेजने का काम किया है। उन्होंने कहा कि देवभूमि को खेल भूमि के रूप में विकसित करने का व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है और खेल विश्वविद्यालय, खेल एकेडमी, महिला स्पोर्टस कालेज की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड ने 1०3 पदक जीतकर सातवां स्थान हासिल किया है यह राज्य के लिए गौरव की बात है।
उन्होंने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए उत्कृष्ट कार्य किये गये है और तीन लाख रूपये का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया जा रहा है और आधुनिक उपकरणों के लिए 8० प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जा रही है और कई किसान इससे लाभान्वित हो रहे है और किसान की आय बढाने के लिए हरसंभव प्रयास किये जा रहे है और इसके लिए दो सौ करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि गन्ने के मूल्य में बीस रूपये की बढ़ोत्तरी सरकार ने की है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि तीर्थाटन और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई पर्यटन नीति लागू की गई है और यमुना तीर्थ स्थल, हरिद्वार शारदा कोरिडोर पर कार्य किया जा रहा है और उन्होंने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास की रैकिंग में उत्तराखंड को पहला स्थान मिला है और जीपीई में भी उत्तराखंड भारत का पहला राज्य बन गया है और महिला सशक्तिकरण को बढावा देने के लिए तीस प्रतिशत सरकारी नौकरियों में क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है और हर साल गरीबों को तीन सिलेंडर नि:शुल्क दिये जा रहे है। उन्होंने कहा कि चार सालों में चौबीस हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।
उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना, लैड जैहाद पर सख्त कानून, नकल विरोधी कानून को लागू किया गया और सभी प्रकार की समस्याओं का समाधान किया गया और अपणि सरकार पोर्टल, सेवा का अधिकार, कार्य संस्कृति में गुणात्मक सुधार लाने के लिए कार्य किये गये है और भ्रष्टाचार मुक्त राज्य के लिए 1०64 पर शिकायत की जा सकती है और कई भ्रष्टाचारियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य में डिजिटल उत्तराखंड जैसे ऐप आदि में एआई तकनीक का उपयोग शुरू किया गया है और दिल्ली से देहरादून एक्सप्रेसवे, एलिवेटेड रोड, ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक रेलवे लाइन और अन्य विकास कार्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी आई है और इससे राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोडऩे का काम किया है। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण कानून को और सख्त किया गया है और सात हजार एकड भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है और 25० अवैध मदरसों को सील किया गया और पांच सौ अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया है। उन्होंने घोषणा की है कि मिड डे मील के तहत जिन स्कूलों में गैस सिलेंडर व चूल्हा नहीं है वहां पर एक चूल्हा और दो गैस सिलेंडर सरकार की ओर से दिये जायेंगें। पेयजल आपूर्ति की जिस गांव में समस्या होगी वहां पर दस दस हैंडपम्प लगाये जायेंगें। उन्होंने कहा कि ब्लॉक प्रतिनिधियों के मानदेय में दो हजार रूपये की बढ़ोत्तरी की जायेगी और विशेष शैक्षणिक कन्द्र स्थापित किये जायेंगें और आपदा प्रबंधन विभाग को और मजबूत किया जायेगा और राज्य को देश देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश प्रगति के पथ पर लगातार आगे बढ़ रहा है और नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वस्टर समिट के माध्यम से लाखों करोड़ रूपये के एमओयू पूर्व में साईन हुए और अब उन पर धरातल पर कार्य दिखाई दे रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपर पुलिस महानिदेशक अजय प्रकाश अंशुमन को छब्बीस वर्ष की सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया। आईआरबी की सेनानायक श्वेता चौबे, योगेन्द्र चन्द्र, विपिन चन्द्र पाठक, नरेश सिंह बिष्ट, राकेश चन्द्र भटट, अजय प्रकाश सेमवाल, सुनीत कुमार, शेखर चन्द सुयाल, राजेन्द्र सिंह रवोलिया, कैलाश चन्द्र भटट, मनोहर लाल रावत, ओमकांत भूषण, दीपक कुमार, गोपाल राम, अमरजीत, एवं राहुल को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों अलीशा रावत, ज्ञान सिंह, तृषा राणा, मनीषा चौहान, राहुल संनालिया, रवि, अनुष, विषम कश्यप, अमित बेलवाल को शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आईटीबीपी के पाईप बैड व महिला पुलिस की पाइप बैंड ने सुंदर धुनों की प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध किया।

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