गैरसैंण राजधानी की मांग पर फिर हुंकार

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देहरादून(संवाददाता)। प्रदेश की स्थाई राजधानी गैरसैंण बनाने की मांग को लेकर सुराज सेवादल के कार्यकर्ताओं ने राजधानी में रैली निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सचिवालय कूच किया और पुलिस ने बैरीकैडिंग लगाकर सभी को सुभाष रोड़ पर रोक लिया तथा इस बीच पुलिस द्वारा रोके जाने पर प्रदर्शनकारियों व पुलिस में तीखी नोंकझोंक व धक्का हुई और संगठन के अध्यक्ष सहित कई कार्यकर्ता बैरीकैडिंग पर चढ़ गये और बाद में पुलिस ने सभी को वहां से हटा दिया और सभी बैरीकैडिंग के पास ही धरने पर बैठ गये।
यहां सुराज सेवादल के कार्यकर्ता प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी के नेतृत्व में गांधी पार्क के बाहर इकटठा हुए और वहां से प्रदेश की स्थाई राजधानी गैरसैंण बनाने की मांग को लेकर सुराज सेवादल के कार्यकर्ताओं ने राजधानी में गांधी पार्क से घंटाघर, एस्ले हॉल चौक होते हुए रैली निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सचिवालय कूच किया और पुलिस ने बैरीकैडिंग लगाकर सभी को सुभाष रोड़ पर रोक लिया तथा इस बीच पुलिस द्वारा रोके जाने पर प्रदर्शनकारियों व पुलिस में तीखी नोंकझोंक व धक्का हुई और संगठन के अध्यक्ष सहित कई कार्यकर्ता बैरीकैडिंग पर चढ़ गये और कई कार्यकर्ता धरने पर बैठ कर प्रदर्शन करने लगे। इस अवसर पर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी ने कहा है कि भाजपा व कांग्रेस की सरकारों न प्रदेश की जनता को छलने का काम किया है और राज्य के गठन हुए पच्चीस वर्ष हो रहे है लेकिन आज तक प्रदेश की स्थाई राजधानी घोषित नहीं की गई है और केवल गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया जाना जनता के साथ ही साथ राज्य प्राप्ति आंदोलन के शहीद आंदोलनकारियों की भावनाओं पर कुठाराघात है जिसे किसी भी दशा में सहन नहीं किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि पूर्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने कौशिक समिति का गठन किया था और कौशिक समिति ने भी गैरसैंण को राजधानी के लिए उपयुक्त माना था लेकिन भाजपा व कांग्रेस की सरकारों ने गैरसैंण को आज तक स्थाई राजधानी घोषित नहीं किया है और उन्होंने कहा कि हमें अब गैरसैंण प्रदेश की स्थाई राजधानी चाहिए और गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने के लिए संघर्ष को और तेज किया जायेगा और अब संगठन ने गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाये जाने के लिए हुंकार भर ली है और पीछे नहीं हटा जायेगा। इस अवसर पर देवेन्द्र सिंह बिष्ट ने कहा है कि उत्तराखंड राज्य बनने के बाद स्थाई राजधानी आज तक नहीं बन पाई हजारों करोड़ रुपये गैरसैंण राजधानी के नाम पर सरकारें डकार गई और पर्वतीय क्षेत्र का विकास रुक गया और गैरसैण स्थाई राजधानी की मांग को अब आंदोलन को तेज किया जायेगा।
इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया और सरकार से शीघ्र ही गैरसैंण को स्थाई राजधानी घोषित करने की मांग की गई। इस अवसर पर सुराज सेवादल के अनेकों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल रहे।

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