अपराध जगत का किला भेदती रिधिम

0
122

धामी के अपराधमुक्त विजन को धरातल पर उतारती आईजी
अपराधियों, माफियाओं को नेस्तनाबूत करने का लिया संकल्प
नैनीताल(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली बार किसी महिला आईपीएस को कुमांऊ रेंज की जिम्मेदारी किसी सरकार ने सौंपी है। मुख्यमंत्री ने महिला आईजी की कार्यशैली को देखते हुए कुमांऊ मंडल में अपराधियों और माफियाओं के किले को नेस्तनाबूत करने का टास्क दिया हुआ है और उसी के चलते आईजी ने अपने अल्प कार्यकाल में अपराध जगत का किला भेदने के लिए जिस दबंगता के साथ अपने कदम आगे बढ़ा रखे हैं उससे अपराधियों और माफियाओं में खलबली मची हुई है। उधमसिंहनगर के खटीमा में बसे मुख्यमंत्री के गृह जनपद से लेकर मंडल के सभी जनपदों को अपराधमुक्त कराने के लिए आईजी ने खुद मोर्चा संभाल रखा है और उन्होंने संकल्प लिया हुआ है कि अपराधियों और माफियाओं के नेटवर्क को वह जमीदोज करने तक शांत नहीं बैठेंगी। आईजी के कार्यकाल में कुमांऊ मंडल के अन्दर अपराधियों, माफियाओं और नशे के बडे-बडे तस्करों की नाक में नकेल डालने का जो दौर शुरू हुआ है उससे कुमांऊ मंडल के अन्दर अब अपराध का वो शोर सुनाई दे रहा जो राज्य बनने के बाद से सुनाई दिया करता था।
मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने महिला आईपीएस रिधिम अग्रवाल को आईजी कुमांऊ बनाकर उन्हें मंडल में अपराध और माफियातंत्र पर बडा प्रहार करने का जिम्मा सौंपा और उसके बाद से ही महिला आईजी ने मुख्यमंत्री के अपराधमुक्त विजन को धरातल पर उतारने के लिए मैदान में खुद मोर्चा संभाला हुआ है। महिला आईजी अपने एसी के दफ्तर में न बैठकर लगातार अपराधियों और माफियाओं की कुंडली खंगालने के मिशन में जुटी रहती हैं और उनकी आक्रामक कार्यशैली ने अपराधियों, माफियाओं और नशा तस्करों में एक बडी खलबली मचा रखी है क्योंकि उन्हें इस बात का इल्म हो चुका है कि आईजी आक्रामक शैली से अपराधियों और माफियाओं पर वार करती रही हैं। वहीं प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का जैसे ही बिगुल बजा था, तो सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो टूक शब्दों में अधिकारियों के बैठक कर आदेश दिया था की हर हाल में राज्य में शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न कराए और सीएम के इस मिशन को सफल करने के लिए कुमाऊँ की आई जी रिधिम अग्रवाल ने न सिर्फ मंडल के जनपद प्रभारियों के साथ मीटिंग करी बल्कि खुद ग्राउंड जीरो पर उतर मोर्चा संभालते दिखाई दी थी। आईजी ने चुनावी मैदान का हर दृश्य देखने के लिए उन्होंने अपने तंत्र को ऐसे तैनात किया हुआ था कि उन्हें इस बात का इल्म रहे कि चुनावी महाभारत में कोई ऐसा चक्रव्यूह तो नहीं रचा जा रहा जिससे चुनाव के समय माहौल को अशांत किया जा सके। आई जी को मैदान में देख जहाँ एक तरफ अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ था वहीं दूसरी तरफ चुनाव हर हाल में भय मुक्त माहौल में हो और कोई भी कैसे भी माहौल खराब न कर सके इसको लेके आई जी बेहद गंभीर दिखाई दी। जहाँ एक तरफ अक्सर देखने को मिलता है की आला अफसर अपने ऑफिस से निर्देश देते दिखाई देते हैं तो वहीं दूसरी तरफ कुमाऊँ रेंज को एक ऐसा अधिकारी मिला जो अपने कर्तव्यों के प्रति इतना ईमानदार है कि खुद वो मैदान में उतर हर एक पहलू को परखता दिखाई दिया और ये ही नहीं, कि आई जी केवल चुनाव के प्रति ही संजीदा थी, उन्होंने ड्यूटी में तैनात महिला पुलिस कर्मियों से खुद उनके पास जाके बात की और मूल भूत सुविधाओं के बारे में भी जाना और मौके से ही जरूरी निर्देश जारी किए।
आईजी रिधिम अग्रवाल की फील्ड में दिख रही धमक से न सिर्फ पुलिसकर्मियों को आत्मबल दे रखा है बल्कि महिलाओं को भी यह विश्वास हो चला है कि महिला आईजी के रहते हुए कोई भी अपराधी या असमाजिक तत्व उनके ऊपर गलत निगाह नहीं रख सकता और न ही वह उन्हें अपना निशाना बनाने का दुसाहस कर पायेगा। आईजी रिधिम अग्रवाल की पुलिसिंग से अपराधी, माफिया और नशा तस्कर पहले से ही परिचित हैं और यही कारण है कि उनमें एक बडा खौफ बना हुआ है कि अगर उन्होंने आईजी के शासनकाल में कोई बडा गुनाह करने का दुसाहस किया तो उन्हें इसका बडा खामियाजा भुगतना पडेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी के अपराधमुक्त विजन को धरातल पर उतारने के लिए आईजी का ऑपरेशन क्रिमनल रंग ला रहा है।

LEAVE A REPLY