जनसंघर्ष मोर्चा राजभवन से नाराज

0
99

विकासनगर(संवाददाता)। जनसंघर्ष मोर्चा राजभवन की कार्यशैली को लेकर लम्बे समय से बेहद नाराज चला आ रहा है और उसका खुला आरोप है कि राजभवन की उदासीनता से उत्तराखण्ड गर्त में जा रहा है। मोर्चे की यलगार है कि मंत्री गणेश जोशी के भ्रष्टाचार की आवाज लम्बे समय से आखिरकार राजभवन को क्यों सुनाई नहीं दे रही? वहीं मोर्चे के अध्यक्ष ने राजभवन पर सवाल दागा है कि हरिद्वार के नगर निगम में हुये करोडो के घोटाले में शामिल मास्टरमाइंड पर भी क्यों चुप्पी साध रखी है जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है क्योंकि मंत्री के भ्रष्टाचार को देखतें हुए उन्हें तत्काल मंत्रिमण्डल से बाहर किया जाना चाहिए और कथित रूप से सैकडों करोड की अघोषित सम्पत्ति की भी जांच करानी चाहिए जिससे कि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके कि राज्य के अन्दर किस तरह से मंत्री ने भ्रष्टाचार के बल पर अकूत दौलत का साम्राज्य खडा किया है। जनसंघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष ने एक बार फिर जिस तरह से भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे कैबिनेट मंत्री को अपने निशाने पर लेकर उनके खिलाफ मोर्चा खोला है तो वहीं उन्होंने नगर निगम घोटाले मे शामिल मास्टरमाइंड का चेहरा भी बेनकाब करने को लेकर अपनी आवाज बुलंद कर दी है जिससे उत्तराखण्ड की राजनीति में कहीं न कहीं एक बार फिर हलचल मचती हुई दिखाई दे रही है।
जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि घोटाले में लिप्त कृषि मंत्री गणेश जोशी द्वारा जिस तरह से लगातार घोटालों को अंजाम दिया जा रहा है ,उससे सरकार व प्रदेश की छवि धूमिल होती जा रही है, लेकिन राजभवन को ये गूंज सुनाई नहीं दे रही है। ऐसे घोटालेबाज मंत्री को तत्काल मंत्रिमंडल से निकाल बाहर किया जाना चाहिए। इसके साथ-साथ नगर निगम भूमि खरीद घोटाले के मास्टरमाइंड की भूमिका, जिनके दबाव में अधिकारियों द्वारा सरकार को 4० करोड रुपए की चपत लगाने की साजिश रची गई, राजभवन द्वारा संज्ञान न लिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। राजभवन की भूमिका से प्रतीत होता है कि राजभवन सिर्फ और सिर्फ शोपिस बनकर रह गया है, जिसका जन सरोकारों से कोई लेना देना नहीं है। आखिर गवर्नर साहब ने क्यों जनता से मुंह मोड़ लिया है।
नेगी ने आरोप लगाया कि उक्त मंत्री द्वारा सबसे पहले घोटाले बाज उद्यान निदेशक बवेजा को सीबीआई जांच से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल करवाई तथा इसी क्रम में हाल ही में कृषि मित्र मेला में घोटाले की पटकथा को अंजाम दिया गया व तराई बीज विकास निगम की परिसंपत्तियों, भूमि नीलाम करने में भी घोटाले का आरोप मंत्री के सर पर है। आय से अधिक मामले में न्यायालय द्वारा सरकार से इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने को लेकर सहमति मांगी गई, लेकिन शासन द्वारा इनको अभय दान दे दिया गया। जैविक खेतीध् बागवानी में भी गड़बड़ी के आरोप इनके सर पर हैं। इसके साथ-साथ निर्माणाधीन सैन्य धाम में गड़बड़ी तथा विदेशी टूर में लाखों रुपए की बर्बादी का आरोप भी उक्त भ्रष्ट मंत्री के सर पर है। नेगी ने आरोप लगाया कि उक्त मंत्री द्वारा पांच-सात साल में सैकड़ों करोड़ की अघोषित संपत्ति अपने गुर्गों, परिजनों, रिश्तेदारों के नाम अर्जित कर ली है, जिसकी जांच होनी बहुत जरूरी है। हाल ही में उच्च न्यायालय द्वारा उपरोक्त तमाम गड़बडिय़ों के मामले में मंत्री गणेश जोशी को नोटिस जारी किया गया है, इसका संज्ञान लेकर सरकार को उक्त भ्रष्ट मंत्री को मंत्रिमंडल से निकल बाहर करना चाहिए। इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि जो व्यक्ति 15- 2० साल पहले मुफलिसी के दिन गुजर रहा था, एकदम कैसे सैकड़ों करोड़ (अघोषित) का मालिक बन बैठा।
राजभवन इस बात की भी जांच कराये कि जनपद देहरादून व आसपास जितने भी कंपलेक्स, मॉल अपार्टमेंट इमारतें बने हैं, उनमें कितने इनके परिजनों व गुर्गों के नाम धमकाकर हासिल किए गए हैं। मंत्री के काले कारनामों के चलते प्रदेश की छवि धूमिल हो रही है। मोर्चा राजभवन की उदासीनता एवं गैर जिम्मेदाराना रवैया के खिलाफ लानत भेजता है। पत्रकार वार्ता में भीम सिंह बिष्ट व अतुल हांडा मौजूद थे।

LEAVE A REPLY