कांवडियों को शुद्ध भोजन के लिए सीएम का प्लान

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देहरादून(संवाददाता)। मुख्यमंत्री हर बार कावंड यात्रा को अलौकिक बनाने के लिए बडे विजन के साथ महाप्लान बनाते हैं और कांवडियों के रूप में शिव भक्तों की इस बारात का स्वागत करने के लिए मुख्यमंत्री हमेशा अगली पक्ति में खडे रहते हैं और उन्होंने हेलीकाप्टर से कांवडियों पर पुष्प वर्षा करने का जो दौर अपने कार्यकाल में शुरू कर रखा है उससे कावंडियों के मन में मुख्यमंत्री की हिन्दुवादी सोच को लेकर एक बडी आस्था बन चुकी है। मुख्यमंत्री के कार्यकाल में हर बार हरिद्वार में कांवडियों को एक भव्य आयोजन में शामिल रखने का जो सिलसिला मुख्यमंत्री ने शुरू किया हुआ है वह कावंडियों को खूब भाता है और वह उस आयोजन में भगवान शिव की बारात में चलने वाले भक्तों की तरह आनंद और मस्त रूप में दिखाई देते आ रहे हैं जिससे यह साफ हो चुका है कि मुख्यमंत्री हिन्दुत्व को एक नई पहचान दिलाने के लिए बडे विजन के साथ आगे बढ रहे हैं। कावंड यात्रा पर आने वाले कावंडियों को यात्रा मार्ग पर शुरू भोजन मिले इसके लिए यात्रा मार्ग पर भोजनालयों में नेम प्लेट लगाने का भी आदेश दिया गया है। मुख्यमंत्री का साफ संदेश है कि कांवड यात्रा आस्था और श्रद्धा की यात्रा है।
श्रद्धा और आस्था के महापर्व कांवड़ यात्रा 2०25 को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग ने एक सख्त और समर्पित कार्ययोजना तैयार की है, जिसके तहत करोडो कावंडियों को शुद्ध और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए व्यापक निगरानी अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आदेश के बाद कांवड़ यात्रा 2०25 के दौरान श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए शासन ने सख्त व्यवस्था लागू कर दी है। स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ आर. राजेश कुमार ने कहा इस संबंध में यात्रा मार्गों पर मौजूद सभी होटल, ढाबा, ठेली, फड़ व अन्य खाद्य कारोबारियों को कुछ जरूरी निर्देश दिए हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य है, हर खाद्य कारोबारी को अपने फूड लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाणपत्र की एक साफ-सुथरी प्रति अपने प्रतिष्ठान में प्रमुख जगह पर लगानी होगी, ताकि उपभोक्ता उसे आसानी से देख सकें। छोटे व्यापारियों व ठेले-फड़ वालों को भी अपना पंजीकरण प्रमाण पत्र अपने पास रखना और प्रदर्शित करना जरूरी होगा। होटल, भोजनालय, ढाबा और रेस्टोरेंट में Óफूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्डÓ भी साफ-साफ दिखाई देने वाले स्थान पर लगाया जाना चाहिए, जिससे ग्राहक को यह पता चल सके कि खाने की गुणवत्ता की जिम्मेदारी किसकी है। जो कारोबारी ये निर्देश नहीं मानेंगे, उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2००6 की धारा 55 के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें दो लाख तक का जुर्माना लग सकता है।
स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ आर. राजेश कुमार ने सख्त रूख अपनाते हुए कहा कांवड़ यात्रा के दौरान पंडालों, भंडारों और अन्य भोजन केंद्रों पर परोसे जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मिलावटखोरों और मानकों से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों की सेहत हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि आस्था के पर्व में स्वास्थ्य का संकल्प लें और उत्तराखंड शासन ने सभी धार्मिक संस्थाओं, भंडारा संचालकों और खाद्य विक्रेताओं से अपील की है कि वे श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए केवल शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन परोसें। सरकार की मंशा है कि श्रद्धा और स्वास्थ्य दोनों का संतुलन इस पावन यात्रा में बना रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कावंड यात्रा को अलौकिक बनाने के लिए एक बार फिर आगे आये हैं और इस बार उन्हें सम्भावना है कि पिछली बार की अपेक्षा इस बार कावंड यात्रा में आने वाले कांवडियों की संख्या चार करोड से बढकर सात करोड हो सकती है और उसी को देखते हुए उन्होंने कावंड यात्रा मार्ग पर साफ सफाई से लेकर कांवडियों के स्वागत करने का एक बडा महामंथन करके अफसरों को बडा टास्क दिया है। कांवड की शुरूआत में ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक बार फिर कांवडियों का हरिद्वार में खुद वैलकम करते हुए नजर आयेंगे और इस कावंड में वह कावंडियों के गंगाजल से पैर धोकर उन्हें सम्मानित करेंगे तथा उनका आशीर्वाद भी लेंगे।

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