हेली सेवाओं के हादसों से श्रद्धालुओं की अटकी सांसे!
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के अन्दर चारधाम यात्रा मार्ग पर हेली सेवाओं ने मानकों को हवा में उडाते हुए जिस तरह से श्रद्धालुओं के जीवन पर एक बडा संकट खडा कर रखा है उसे देखते हुए सिस्टम ने हेली सेवाओं की लगातार भरी जा रही उडानों पर सख्त रूख अपनाने के लिए अपने आपको आगे नहीं किया जिसके चलते सिस्टम और हेली सेवाओं को लेकर बार-बार सवालों का अम्बार लगा हुआ है कि आखिरकार आस्था के पथ पर कदम रखने वाले श्रद्धालुओं के जीवन के साथ क्यों खिलवाड किया जा रहा है? आस्था के पथ पर मात्र कुछ समय के भीतर ही तेरह श्रद्धालुओं ने अपनी आखिरी सांस भरी और फिर हमेशा के लिए इस दुनिया को वह अलविदा कह गये। हेली सेवाओं के हादसों से अब श्रद्धालुओं की सांसे अटकी हुई दिखाई देने लगी हैं और उससे यह सवाल खडे हो रहे हैं कि आखिरकार आस्था के पथ पर कब तक श्रद्धालुओं को मौत के दर्शन करने पडेंगे? केदारनाथ में हुये हादसे में दो साल की बच्ची जो कि बाबा के द्वार पर माथा टेकने के लिए महाराष्ट्र से चली थी उसे शायद यह आभास भी नहीं होगा कि वह जिस आस्था के सफर पर अपने पिता के साथ निकली है वह सफर आज उसका पहला और अंतिम सफर होगा?
उत्तराखण्ड के अन्दर हर साल आस्था के पथ पर लाखों श्रद्धालु माथा टेकने के लिए आते हैं और हल साल श्रद्धालुओं की आस्था में बडी वृद्धि हो रही है और वह उत्तराखण्ड के अन्दर चारधाम यात्रा पर एक जज्बे के साथ आ रहे हैं। उत्तराखण्ड आने वाले सैकडों श्रद्धालु हेली सेवा से अपनी यात्रा को पूरा करने के लिए आते हैं लेकिन पिछले काफी समय से हेलीकाप्टर क्रैश की बढती घटनाओं से श्रद्धालुओं के मन में एक डर की भावना भी कहीं न कहीं बनती जा रही है और उन्हें अब हेलीकाप्टर हादसे कहीं न कहीं डरा रहे हैं? हेलीकाप्टर हादसों में श्रद्धालुओं और पायलटों की हुई मौत ने आम जनमानस को झंझोर कर रख दिया है। आज एक बार फिर केदारनाथ से गुप्तकाशी के लिए निकला श्रद्धालुओं से भरा हेलीकाप्टर क्रैश हो गया और उसमें सवार पायलट समेत सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई। सबसे हृदयविदारक दृश्य यह रहा कि महाराष्ट्र की दो साल की नन्ही बच्ची काशी अपने पिता के साथ बाबा केदारनाथ के दर्शन करने के लिए आई और वह बाबा के दर पर आने के बाद उसकी यह यात्रा आखिरी यात्रा बन गई। हादसे में सात लोगों की मौत ने आम जनमानस को हिलाकर रख दिया है। आस्था के पथ पर श्रद्धालुओं की आखिरी सांस हमेशा के लिए बंद हो गई और अब हेली सेवाओं के हादसों से श्रद्धालुओं की सांसे अटकी हुई नजर आने लगी हैं? ‘क्राईम स्टोरी’ ने अपने तेरह जून के अंक में खबर लिखी थी कि ‘डरा रहे हेलीकाप्टर हादसे’। इस खबर के दो दिन बाद ही आज जब केदारनाथ में हेलीकाप्टर हादसा हुआ तो उससे यह साफ हो गया कि किस तरह से चारधाम यात्रा मार्ग पर हेलीकाप्टर श्रद्धालुओं को लेकर अपनी जोखिम भरी उडाने भर रहे हैं?

