प्रमुख संवाददाता
अल्मोडा/देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री आज राज्यवासियों के दिलों में इस कदर राज करने लगे हैं कि चिलचिलाती धूप में भी आवाम उन्हें देखने और सुनने के लिए जनसभाओं से लेकर मेलों में उमड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने अपनी राजनीति छवि पर अपने अब तक के कार्यकाल में तिनकाभर भी दाग नहीं लगने दिया और यही कारण है कि आज वह उत्तराखण्ड के चप्पे-चप्पे पर आवाम की दुआयें पा रहे हैं। अल्मोडा में आयोजित चेत्रा अष्टमी मेले में शामिल हुये मुख्यमंत्री ने वहां मां काली की पूजा अर्चना की और उत्तराखण्डवासियों की सुख समृद्धि के लिए उन्होंने मां से आशीर्वाद मांगा। मेले में शामिल हुये मुख्यमंत्री को देखकर वहां आई मातृशक्ति से लेकर बुजुर्गों ने उनका जिस जिंदादिली से स्वागत किया वह देखते ही बनता था। मेले मे जहां मातृशक्ति ने मुख्यमंत्री का तिलक किया तो वहीं उन्होंने मातृशक्ति से अपना आशीर्वाद लिया तो वहीं बुजुर्गों ने भी उन्हें नमन करते हुए कहा कि आप सलामत रहो लॉडले ‘सरकारÓ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ऐसे दिल अजीज राजनेता बन गये हैं जो किसी भी जनपद मे जाते हैं तो उनका स्वागत करने के लिए सडकों और समारोह में जनसैलाब उमड आता है। मुख्यमंत्री पहले ऐसे राजनेता बन गये हैं जो अपने तीन साल के कार्यकाल में गढवाल और कुमांऊ के विकास के लिए रात-दिन एक किये हुये हैं तो वहीं वह श्रद्धालुओं के लिए सभी तीर्थस्थलों को एक नया रूप देने के लिए तेजी के साथ आगे बढ रहे हैं। मुख्यमंत्री उत्तराखण्डवासियों की सुख समृद्धि के लिए कभी हनुमान जी के मन्दिर में जाकर माथा टेकते हैं तो वहीं वह काली माता से लेकर सभी देवी देवताओं के मन्दिरों में उत्तराखण्ड को हर आपदा से बचाये रखने के लिए वहां अपना माथा टेकते हैं कि मेरा उत्तराखण्ड हमेशा सुरक्षित रहे।
आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चौखटिया अल्मोडा में आयोजित चेत्रा अष्टमी मेला-2०25 में सम्मिलित हुआ। इस अवसर पर रामगंगा नदी के तट पर विराजमान माँ अगनेरी धाम में पूजा-अर्चना कर समस्त प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। हमारे परंपरागत मेले उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं। यह केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता, परंपरा और लोकजीवन का जीवंत प्रमाण हैं। हम विकास में भेदभाव नहीं करते और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयासÓ के मंत्र को आधार बनाकर माणादृमलारी से लेकर आदि कैलाश तक उत्तराखंड के कोनेदृकोने में समावेशी और संतुलित विकास कार्यों को गति दे रहे हैं। जिस प्रकार केदारखंड में धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्रों का चहुंमुखी विकास हो रहा है, उसी प्रकार अब मानसखंड के प्राचीन मंदिरों और तीर्थ स्थलों को भी नए आयाम दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी आज जब मेले मे भाग लेने के लिए गये तो वहां मातृशक्ति से लेकर बुजुर्गों में अपने मुख्यमंत्री को लेकर जो उत्साह देखने को मिला और वहां हर तरफ उनकी जयजय कार के उद्घोष लगे उसे देखकर साफ झलक गया कि आज उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने राज्यवासियों का दिल अपने सौम्य व्यवहार से जीत लिया है।

