देहरादून(संवाददाता)। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेशों के अंतर्गत बोरियम साल्ट युक्त खतरनाक पटाखों की बिक्री तथा प्रयोग करने वालों पर सख्त कदम उठाने की मांग करते हुए पर्यावरण संरक्षण हेतु कार्यरत संयुक्त नागरिकसंगठन की ओर से मुख्य सचिव, गृह सचिव, पर्यावरण सचिव, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजे गये पत्र में की गई है।
इस अवसर पर संगठन के सचिव सुशील त्यागी ने मांग की है की खतरनाक रसायनों से युक्त भयानक आवाज तथा धुंआ फैलाने वाले पटाखे जिससे सल्फर डाइऑक्साइड नाइट्रोजन आदि गैसें निकलती पर कड़ी से रोक लगाने हेतु तत्काल कदम उठाये जाये। इस अवसर पर त्यागी ने बताया कि यह गैसें वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों समेत पशु पक्षियों और जल जीवों के स्वास्थ्य को भी आघात पहुंचाती हैं।
उन्होंने बताया कि भयानक आवाज युक्त यह खतरनाक पटाखे कैंसर, अस्थमा, हृदय रोग और इम्यूनिटी की कमी का भार झेल रहे रोगियों के लिए ज्यादा हानिकारक है और ध्वनि और वायु प्रदूषण में भारी वृद्धि के भी आधार है। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सभी राज्यों को जारी सम्बन्धित निर्देशों का अनुपालन का दायित्वबोध बताते हुए जनहित मे इको फ्रेंडली पटाखे, आतिशबाजी की बिक्री लाईसेंसधारियों को सुनिश्चित करने और इनका प्रयोग रात्रि आठ से 1० बजे तक का ही निर्धारण करने हेतू तत्काल कदम उठाने की भी मांग पत्र में की गयी है।
उन्होंने बताया कि पत्र की प्रतिलिपि जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गयी है। उन्होंने बताया कि इस दौरान पर्यावरण प्रेमी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के डॉक्टर अनिल जग्गी, सुनील गुप्ता, निलेश राठी, सामान्य मंच के विनोद नौटियाल, समाजसेवी जगमोहन मेहंदीरत्ता, आंदोलनकारी मंच के प्रदीप कुकरेती, पेंशनर एसोसिएशन के दिनेश भंडारी, इको ग्रुप समिति के आशीष गर्ग, संसदे के सुशील त्यागी, जसबीर सिंह रेनोत्रा आदि ने भी इस मांग पर अपनी सहमति व्यक्त की है।
