रुद्रप्रयाग(संवाददाता)। रूद्रप्रयाग के गौरीकुंड में भूस्खलन और बाढ में लापता हुये सत्रह लोगों को तलाशने का ऑपरेशन पुलिस लगातार चला रही है जिनका अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। वहीं आज श्रावण मास के चौथे सोमवार को कोटेश्वर महादेव मन्दिर में जलाभिषेक के लिए आने वाले सैकडों श्रद्धालुओं के लिए खाकी सुरक्षा कवच बनकर नदी के आस-पास मोर्चा संभाले हुये थी जिससे कि कोई भी श्रद्धालु नदी के बहाव को देखकर डरे नहीं और यही कारण था कि श्रद्धालु महादेव के मन्दिर में बम-बम भोले के उद्घोष लगाते हुए शिवलिंग पर जलाभिषेक कर रहे थे।
पवित्र श्रावण मास के चौथे सोमवार को जनपद रुद्रप्रयाग में अलकनन्दा नदी के तट पर स्थित कोटेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक हेतु आज एक बार पुन: प्रात:काल से श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। दिन चढऩे के साथ ही यहाँ पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत पर्याप्त पुलिस बल, महिला पुलिस बल, जल पुलिस, एसडीआरएफ, फायर सर्विस टीमें आपदा राहत बचाव उपकरणों व बोट सहित मौजूद है। श्रद्धालुओं को पंक्तिबद्ध कराते हुए सुगम दर्शन व जलाभिषेक कराये जा रहे हैं। जनपद चमोली क्षेत्र में हुई बारिश के कारण अलकनन्दा नदी का जल स्तर बढ़ा हुआ है, ऐसे में लोगों को मन्दिर परिसर में ही रहने व नदी किनारे न आने का अनाउंसमेंट कराया जा रहा है। कोटेश्वर महादेव मंदिर तक पहुंचने हेतु मार्ग अपेक्षाकृत संकरा है, ऐसे में मन्दिर तक पहुंचने और वापस आने के लिए पुलिस के स्तर से यातायात हेतु वन वे व्यवस्था बनायी गयी है, कोटेश्वर मन्दिर जाने के लिए बेलनी से आगे दोराहे पर से जो कि प्रचलित रास्ता है, उसको उपयोग में लाया जा रहा है व वापसी में कोटेश्वर से सीडीओ कार्यालय व कलक्ट्रेट होते हुए जाने वाले मार्ग को उपयोग में लाया जा रहा है। कोटेश्वर मन्दिर जाने के पैदल मार्ग से कुछ आगे कोर्ट की तरफ जाने वाले रास्ते पर स्थानीय व्यक्ति की भूमि पर तकरीबन 150 छोटे बड़े वाहनों हेतु अस्थायी पार्किंग भी संचालित की गयी है। जनपद रुद्रप्रयाग पुलिस आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मदद हेतु तैयार है।
