देहरादून(नगर संवाददाता)। भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री व प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कांग्रेस की दिल्ली में हुई बैठक पर तंज किया है और उस पर उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने पलटवार करते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पर नहीं प्रदेश प्रभारी को अपने प्रभारी मंत्रियों पर जोर चलाना चाहिए। वहीं उन्होंने मंत्री सतपाल महाराज को आडे हाथों लेते हुए कहा कि एक ओर हरिद्वार जलमग्न है और दूसरी ओर मंत्री सतपाल महाराज दिल्ली में नेताओं की परिक्रमा करने में लगे हुए है।
यहां पत्रकारों से रूबरू होते हुए गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता का हितेषी या शुभचिंतक बनने की नाटक नौटंकी दुष्यंत गौतम बंद करें क्योंकि उत्तराखंड इस बात का साक्षी है चाहे प्रदेश की बेटी अंकिता भंडारी का विभत्स हत्याकांड हुआ हो, भर्ती घोटाले हुए हों, प्रदेश के युवाओं पर लाठीचार्ज हुआ हो या जोशीमठ भू – धंसाव या फिर अग्निवीर जैसी योजनाओं से उत्तराखंड के युवाओं के सपने चकनाचूर हो गए हो फिर भी भाजपा के तमाम नेताओं और कार्यकर्ताओं के द्वारा कोई प्रतिकार नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता आज भी भाजपा की कुनितियों के परिणाम स्वरूप महंगाई और बेरोजगारी का दंश झेलने को मजबूर है लेकिन भाजपा के जिम्मेदार नेताओं को उससे कोई लेना-देना नहीं है। दसौनी ने कहा कि आज पूरा प्रदेश आपदा से जूझ रहा है ऐसे में दुष्यंत गौतम बताएं कि कहां है उनके प्रभारी मंत्री हरिद्वार जिला जलमग्न है और हरिद्वार के प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज को दिल्ली के नेताओं की परिक्रमा करने से फुर्सत नहीं है, गणेश जोशी की भी दिल्ली से ही तस्वीरें आ रही है। उन्होंने कहा कि वहीं दूसरी ओर प्रदेश के किसी भी जिले में वहां के प्रभारी मंत्री के दौरे की कोई खबर नहीं है।
उन्होंने कहा कि दूसरी ओर विधानसभा अध्यक्ष और कोटद्वार की विधायक का वीडियो वायरल हो रहा है जो समूचे भाजपा नेतृत्व के मुंह पर करारा तमाचे की तरह है। उन्होंने कहा कि वीडियो में विधानसभा अध्यक्ष व क्षेत्रीय विधायक आपदा सचिव को डांटते नजर आ रही हैं और कहती नजर आ रही हैं कि उन्होंने खनन विभाग पीडब्ल्यूडी विभाग और आपदा विभाग को अपनी विधानसभा के जर्जर होते पुलों के संबंध में कई पत्र लिखे लेकिन शासन प्रशासन ने कोई संज्ञान नहीं लिया। इस अवसर पर दसौनी ने कहा कि जब भाजपा अपने ही विधायकों और विधान सभा अध्यक्ष कि नहीं सुन रही है तो जनता और विपक्ष की कितनी सुनवाई इस अहंकारी सरकार में होगी समझा जा सकता है । दसौनी ने कहा कि दुष्यंत गौतम समेत पूरी भाजपा आज कांग्रेस पार्टी की बैठक से घबराई हुई है इसीलिए दुष्यंत गौतम इस तरह की अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं जो उनका मानसिक स्तर बताता है और उन्हीं के ऊपर सवाल उठाता है।
