दिलेर मुख्यमंत्री

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आर्शीवाद मिलने के बाद से ही राज्य के मुख्यमंत्री ने बडे से बडे फैसले दिलेर बनकर लिये और उन्होंने इस बात की परवाह नहीं कि की जो फैसले वह ले रहे हैं अगर उनका विरोध हुआ तो फिर पार्टी के अन्दर ही कुछ राजनेता उनकी घेराबंदी करने लगेंगे? मुख्यमंत्री ने सत्ता संभालने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा बनाये गये देवास्थनम् बोर्ड पर मच रहे बवाल पर सख्त फैसला लेते हुए उसे निरस्त करने का जो दिलेरपन दिखाया था उससे आवाम को यह इल्म हो गया था कि राज्य के युवा मुख्यमंत्री के अन्दर वो जज्बा है जो उत्तराखण्ड को विकास की ऊंचाईयों तक जरूर ले जायेगा। मुख्यमंत्री ने अपने दो साल के कार्यकाल में बडे-बडे फैसले लेकर जहां आवाम के दिलों पर अपना कब्जा कर लिया वहीं वह दिल्ली में बैठे भाजपा के दिग्गज नेताओं की आंखों के भी तारे बन गये। मुख्यमंत्री ने दिलेरपन दिखाते हुए समान नागरिक संहिता कानून को उत्तराखण्ड में लागू करने के लिए जैसे ही कमेटी का गठन किया था उससे साफ नजर आ गया था कि मुख्यमंत्री के अन्दर वो साहस है जो कुछ पूर्व मुख्यमंत्रियों में आज तक देखने को नहीं मिला था? समान नागरिक संहिता कानून का ड्राफ्ट तैयार करने पर जिस तरह से राज्य के मुख्यमंत्री भाजपा नेताओं की नजरों में स्टार बन गये हैं उससे उन राजनेताओं का बीपी बढ गया है जो खुली आंखों से हसीन सपने देखने के माहिर हो रखे हैं?
उत्तराखण्ड के युवा मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के समय से ही राजनीति और अफसरशाही को पहचानने का अपना मिशन पूरा कर लिया था और उन्हें इस बात का इल्म हो चुका था कि उत्तराखण्ड की राजनीति में उन्हें किस शैली के साथ अपने कदम आगे बढाने हैं। भाजपा सरकारों में पुष्कर सिंह धामी का हर बार मंत्री बनने को लेकर उनका नाम उछलता रहा लेकिन उन्हें कभी मंत्री नहीं बनाया गया था। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिन्होंने 2०17 में राज्यवासियों से वायदा किया था कि भाजपा की सरकार आने पर वह उत्तराखण्ड पर अपनी निगाह रखेंगे और राज्य को आदर्श राज्य बनाने की दिशा में आगे बढेंगे। हालांकि चार साल तक राज्य की कमान पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ंिसह रावत के हाथों में रही और उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पर सरकार चलाने का ऐलान तो खुले मंच से किया था लेकिन उनके इस ऐलान की कहानी उनके ही कुछ अपनों ने हवा-हवाई कर दी थी और उन पर जब भ्रष्टाचार का आरोप लगा तो उसके बाद उन्होंने चंद मीडियाकर्मियों के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा अपने चंद करीबी अफसरों से करवाया उससे उनका राजनीतिक पतन उस समय शुरू हो गया था जब उच्च न्यायालय नैनीताल ने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के खिलाफ सीबीआई जांच कराने का आदेश दे दिया था। भाजपा हाईकमान ने आखिरकार भाजपा विधायकों में से हसमुख विधायक दिखने वाले पुष्कर सिंह धामी को राज्य की कमान सौंपी और उन्हें 2०22 के विधानसभा चुनाव की कमान यह सौंपकर दी थी कि राज्य के अन्दर भाजपा की सरकार बने। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से राजनीति का गुरूमंत्र लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आवाम के बीच अपने आपको जनसेवक मानकर सत्ता की शुरूआत की तो उनके इस रूप को देखकर राज्य की जनता की उनकी कायल होती चली गई। 2०22 में पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा को प्रचंड बहुमत की जीत दिलाई लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री न बनने देने के लिए उनके ही कुछ अपनों ने भीतरघात का ऐसा खेल खेला था कि पुष्कर ंिसह धामी को खटीमा से चुनाव हरा दिया गया? इस हार को भाजपा हाईकमान और बडे भाजपा नेता पहचान गये थे कि एक साजिश के तहत पुष्कर सिंह धामी को हराया गया है और उसी के चलते उन्हें एक बार फिर मुख्यमंत्री की कमान सौंपकर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने का विजन सौंप दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने भ्रष्टाचार और घोटालों पर प्रहार करने के लिए दिलेरपन से बडे-बडे फैसले लिये तो उसकी चर्चा उत्तराखण्ड से लेकर देशभर में होती चली गई कि जिस उत्तराखण्ड में कुछ पूर्व मुख्यमंत्रियों पर अकसर आरोप लगते रहे हैं आज उस प्रदेश का युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दिलेरपन से भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों को चुन-चुन कर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा रहे हैं। देश में भाजपा शासित राज्यों में किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता कानून बनाने का साहस नहीं दिखाया लेकिन उत्तराखण्ड में दिलेर फैसले लेने वाले राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आवाम से किये गये वायदे को धरातल पर उतारने के लिए एक साल पूर्व समान नागरिक संहिता कानून बनाने के लिए एक कमेटी का गठन किया और अब इस कानून का ड्राफ्ट बनकर तैयार हुआ तो पुष्कर सिंह धामी भाजपा के अन्दर एक बडे राजनीतिक स्टार बन गये। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ भाजपा हाईकमान जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री द्वारा तैयार कराये गये समान नागरिक संहिता कानून के ड्राफ्ट पर जहां उनकी पीठ थपथपाई वहीं उनका खुलकर गर्मजोशी से स्वागत करना यह संकेत दे रहा है कि भाजपा हाईकमान को इस बात का इल्म हो चुका है कि उत्तराखण्ड पुष्कर ंिसह धामी के हाथों में सुरक्षित है।

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