प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में बाबा केदारनाथ का धाम देश-विदेश में आस्था का प्रतीक माना जाता है और यही कारण है कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर पर माथा टेकने के लिए आते हैं। चारधाम यात्रा में इन दिनों केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं का ताता लगा हुआ है और लाखों श्रद्धालु अब तक बाबा के दर पर माथा टेक चुके हैं इसी बीच एक पंडित की वीडियो वायरल हुई जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि मन्दिर में लगा सोना पीतल हो गया है। इस आरोप से देश-विदेश में श्रद्धालु भी हैरत में होंगे कि आस्था पथ पर ऐसा कैसे हो सकता है? वहीं कांग्रेस ने इस मामले की जांच कराने के लिए भी मांग उठा दी है तो वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी ट्वीट कर कहा है कि केदारनाथ मन्दिर में सोने की परतों की जगह पीतल की परतों को लगाने का आरोप अपराधिक के साथ-साथ आस्था से खिलवाड का भी बेहद संवेदनशील मामला है। इस साजिश की उच्च स्तरीय जांच कराकर झूठ की परतें उतारी जायें। वहीं सोशल मीडिया पर बाबा केदारनाथ धाम के गर्भगृह में एक महिला द्वारा नोटो की बारिश करने का वीडियो वायरल हो गया जिससे एक नया तूफान आ गया कि आखिरकार कैसे एक महिला बाबा केदारनाथ धाम के गर्भगृह में नोटो की बारिश कर रही है। गर्भगृह में कैसे मोबाइल पहुंच गया यह भी आस्था के साथ एक खिलवाड माना जा रहा है रूद्रप्रयाग के सोनप्रयाग थाने में श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है।
देश-विदेश में बाबा केदारनाथ धाम को आस्था का बडा प्रतीक माना जाता है और हर साल चारधाम यात्रा में लाखों श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन करने के लिए वहां आते हैं और अभी चारधाम यात्रा चल रही है वहीं बाबा केदारनाथ धाम में आस्था का सैलाब आये दिन उमड रहा है। चंद दिन पूर्व केदारनाथ मन्दिर के गर्भगृह में सोने के पीतल में तब्दील होने पर मचे तूफान के बाद अब एक और आंधी ने श्रद्धालुओं की आस्था को झकझोर दिया है। इसी बीच मन्दिर के गर्भगृह में एक महिला श्रद्धालु का नोट उडाते हुए वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में सफेद लिबास व गले में रूद्धाक्ष की माला डाले एक महिला श्रद्धालु नोटो की बारिश कर रही है। हैरानी वाली बात है कि महिला श्रद्धालु के बगल में एक तीर्थ पुरोहित खडे हैं और नोटो की इस बारिश को किसी श्रद्धालु ने चुपचाप घटना को अपने मोबाइल में वीडियो बनाकर कैद कर लिया और अब यह वीडियो वायरल होने से मन्दिर समिति में हडकम्प मचा हुआ है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कई नोट शिवलिंग पर भी गिरे पडे है इससे आम श्रद्धालु काफी आहत नजर आ रहे हैं और यह बहस भी चल रही है कि जब गर्भगृह में कोई मोबाइल फोन नहीं ले जा सकता तो फिर आखिरकार कैसे कोई श्रद्धालु मोबाइल फोन गर्भगृह तक ले गया जिसने महिला श्रद्धालु द्वारा की जा रही नोटो की बारिश को अपने मोबाइल में कैद कर लिया। कांग्रेस ने जहां सोने से पीतल बनने के मामले पर सरकार से जांच कराने की मांग की है तो वहीं सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव ने ट्वीट करके कहा है कि मन्दिर में सोने की परतों की जगह पीतल की परतों को लगाने का आरोप आपराधिक के साथ-साथ आस्था से खिलवाड का भी बेहद संवेदनशील मामला है। इस साजिश की उच्च स्तरीय जांच कर झूठ की परतें उतारी जायें। महिला के द्वारा गर्भगृह में नोटो की बारिश का मामला मन्दिर समिति के लिए बडा चिंता का विषय बन गया है और मन्दिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय ने कहा है कि यह पता चला है कि गर्भगृह में नोटो की बारिश करने वाली एक किन्नर है और कहा कि इस मामले की जांच के लिए पुलिस को शिकायत दी जा रही है और इस मामले की जांच कराई जायेगी। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिरकार पहले सोने से पीतल का मामला उठा और उसके बाद मन्दिर में सोने की पॉलिश को लेकर सवाल खडे हुये तो अब एक महिला द्वारा गर्भगृह में नोटो की बारिश किये जाने का वीडियो वायरल होने से मन्दिर समिति के माथे पर ंिचता की लकीरें पड गई हैं?