देहरादून(संवाददाता)। निदेशक पंचायतीराज ओमकार सिंह की अध्यक्षता में निदेशालय पंचायतीराज सभागार में समस्त जिला पंचायतराज अधिकारी एवं अपर मुख्य अधिकारी के साथ विभिन्न विषयों के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आहूत की गई। इस अवसर पर निदेशक ने अधिकारियों को दिशा निर्देश दिये और क्षेत्रीय भ्रमणों पर न जाने वाले अधिकारियों को भ्रमण करने के निर्देश दिये।
इस अवसर पर बैठक में आगामी 26 जनवरी 2०24 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर दी जाने वाली पदम उपलब्धियों की संस्तुतियों के बारे में चर्चा करते हुए निदेशक द्वारा निर्देश दिये गये कि जनपद में ऐसे व्यक्ति जिनके द्वारा किसी भी क्षेत्र यथा सामाजिक सेवा, कृषि, सफाई, संगत अन्य में किये गये विशिष्ट कार्यों, कार्यों का नाम चयनित करते हुए अपने जनपद के जिलाध्किारी के माध्यम से सचिव मंत्रि परिषद उत्तराखंड शासन को प्रेषित करते हुए प्रतिलिपी निदेशालय को उपलब्ध करायें।
इस अवसर पर निदेशक द्वारा बताया गया कि परिवहन विभाग द्वारा ऐसे सरकारी वाहन जिन्हें 15 वर्ष से अधिक समय हो चुका है का निष्प्रयोजन किये जाने के संबंध में शासन द्वारा शासनादेश जारी किया है जिस पर निदेशक ने निर्देश दिए कि परिवहन विभाग द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार जनपदों, विभागों में अव्यस्थित ऐसे वाहन जिन्हें 15 वर्ष से अधिक हो गया का शीघ्र निष्प्रयोजन कराते हुए नए वाहन क्रय किये जाने के संबंध में यथा प्रक्रिया यथा नियम अग्रेत्तर कार्यवाही करें परिवहनविभाग द्वारा जारी शासनादेश की प्रति सभी जनपदों को पूर्व में ही उपलब्ध करा दी गई है।
इस अवसर पर निदेशक द्वारा जनपदों में उच्च न्यायालयों में योजित विभिन्न रिट चाचिकाओं की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत की गई और उप निदेशक मनोज कुमार तिवारी ने यह प्रस्तुति दी। इस अवसर पर निदेशक ने निर्देशित करते हुए कहा कि न्यायालयों, ट्रिब्यूनल आदि से संबंधित कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाये और प्रभावी पैरवी व अनुश्रवण करते हुए निदेशालय को समय समय पर अवगत कराना सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर निदेशक ने बताया कि जनपद स्तरीय अधिकारी क्षेत्रीय भ्रमण पर नहीं जाते है जिससे कार्य की प्रगति एवं निर्माण आदि कार्यों की गुणवत्ता का सही आंकलन नहीं हो पाता है और उन्होंने निर्देश दिये है कि समस्त अधिकारी साप्ताहिक क्षेत्रीय भ्रमण पर अवश्य जायें तथा निरीक्षण आख्या निदेशालय को अनिवार्य रूप से प्रेषित करें। इस अवसर पर 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2०22-23 की चर्चा करते हुए निदेशक ने अवगत कराया कि 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत टाइड एवं अनटाइड मद की सभी किश्तें निदेशालय स्तर से समस्त पंचायतों को हस्तांतरित कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि टिहरी भ्रमण के दौरान देखा गया कि रास्ते पर पडने वाली दुकानों में कहीं पर भी कूडेदान स्थापित नहीं थे और कूडा बिखरा था और इसके लिए कूडेदान स्थापित किये जाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक में वार्षिक स्थानांतरण सत्र 2०23-24 में स्थानान्तरण हेतु रिक्त पदों का विवरण पर विचार विमर्श किया गया। वहीं बताया गया कि ग्राम पंचायतों में ऑनलाइन ऑडिट का कार्य गतिमान है और 15 जून तक शत प्रतिशत ऑडिट पूर्ण किया जाना है। वहीं जिला पंचायतों में सफाई हेतु लगाये गये स्वच्छकों की हाजिरी बायोमैट्रिक के माध्यम से ही जानी है के निर्देश दिये गये है।
इस अवसर पर निदेशक ने एल वन एवं एल टू की लंबित शिकायतों का निस्तारण समय से करने के निदेश दिये गये। इस अवसर पर समीक्षा बैठक में अन्य बिन्दुओं पर चर्चा की गई। बैठक में कुल 17 बिन्दु निर्धारित किये गये थे। बैठक में उप निदेशक मनोज कुमार तिवारी शामिल रहे और सभी जिलों के पंचायत राज अधिकारी व अपर मुख्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से जुडे रहे।