विकासनगर(सतपाल धानिया)। शीशमबाड़ा कूड़ा निस्तारण का निर्माण जिस दिन से शुरू हुआ था उसी दिन से ही विवाद और विरोध भी शुरू हो गया था क्षेत्र वासी लगातार कूड़ा निस्तारण केंद्र का विरोध करते आ रहे है कई बार धरने प्रदर्शन आंदोलन हुए है कई आंदोलनकारियों पर फर्जी मुकदमे भी दर्ज किए गए है। प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय हाईकोर्ट एनजीटी तक स्थानीय ग्रामीण गुहार लगा चुके है लेकिन कोई हल नहीं निकल रहा है? हालात इतने बदतर हो गए है कि क्षेत्र में अकाल मौतें होने लगी है त्वचा रोग लगातार बढ़ता जा रहा है सांस के रोगियों की संख्या का कोई अनुमान नहीं रहा है क्षेत्र में कैंसर के रोगियों की संख्या और मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। आसपास के ग्रामीणों को अपनी ओर अपने मासूम बच्चो के जीवन की चिंता सताने लगी है ग्रामीण अपने बच्चो को घरों में कैद करने पर मजबूर है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जहां प्रदेश की जनता के जीवन के प्रति बेहद गंभीर है हर जान की कीमत जानते है लेकिन वही नगर निगम देहरादून और तीन लाख से अधिक लोगो के जीवन से खिलवाड़ कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की छवि को धूमिल करने पर तुला हुआ है?
नगरनिगम की लापरवाही का खामियाजा स्थानीय जनता और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को झेलना पड़ रहा है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कई बार नगरनिगम को व्यवस्था सुधारने की चेतावनी दी है लेकिन हालात और बदतर होते जा रहे है सेलाकुई सहित आसपास के दर्जनों गांवों में सांस लेना दुभर हो गया है पीने का पानी दूषित होता जा रहा है प्लांट का जहरीला पानी बाहर आ रहा है जो किसानों की फसलों ओर आसन नदी को भी प्रदूषित कर रहा है लेकिन नगरनिगम देहरादून कुंभकर्णी नींद में है ऐसा आरोप इलाके के लोग आये दिन लगा रहे हैं? तीन लाख से अधिक लोगो को मौत बांटने में लगे हुए है कूड़ा निस्तारण केंद्र के विरोध में एक बार फिर एक बड़ा आंदोलन जन्म ले रहा है जिससे प्रदेश सरकार को बहुत बड़ा नुकसान होगा आने वाले लोकसभा चुनाव ओर निकाय चुनाव में भाजपा को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा बावजूद इसके नगरनिगम की नींद नहीं खुल रही और ना ही मेयर सुनील उनियाल गामा गंभीर दिखाई दे रहे है? ऐसा प्रतीत होता है कि मुख्यमंत्री की साफ छवि को धूमिल करने के लिए तीन लाख से अधिक लोगो के जीवन को संकट में डाला जा रहा है? जिसका ठीकरा बाद में प्रदेश सरकार ओर मुख्यमंत्री के सिर पर फोड़ा जा सके कल भी कूड़ा निस्तारण केंद्र के विरोध में लोग सड़कों पर उतरे प्लांट पर ताला भी लगाया पुलिस प्रशासन के साथ तीखी नोंकझोंक भी हुई लेकिन कोई हल नहीं निकला एक बार फिर नगरनिगम ने स्थानीय लोगो को झुनझुना थमा दिया? हालाकि स्थानीय जनता को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बहुत उम्मीद है और जनता मुख्यमंत्री पर विश्वास भी करती है लेकिन जनता का यह विश्वास मेयर और नगरनिगम तोड़ रहे है और छवि प्रदेश सरकार की खराब हो रही है जब से प्लांट स्थापित हुआ है तब से नगरनिगम व्यवस्था दुरुस्त नहीं कर पाई है ऐसा प्रतीत हो रहा है? ग्रामीणों ने अब आरपार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है उनका कहना है कि कूड़ा निस्तारण केंद्र अब क्षेत्र में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा ग्रामीण आखिरी बार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलकर गुहार लगाएंगे ओर अपने जीवन की भीख मांगेंगे और ग्रामीणों को उम्मीद है कि उन्हें मुख्यमंत्री से न्याय मिलेगा।