सड़कों पर उतरे इंजीनियर्स

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देहरादून(नगर संवाददाता)। लंबे समय से पदोन्नति न होने एवं पुरानी पेंशन बहाली लागू किये जाने सहित डिप्लोमा इंजीनियरों ने यमुना कॉलोनी सिंचाई विभाग के मुख्यालय से राजधानी की सड़कों में अपनी मांगों के समाधान के लिए सचिवालय कूच किया और रैली विभिन्न मार्गों से होते हुए घंटाघर, राजपुर रोड, एस्ले हॉल चौक, परेड ग्राउंड, तिब्बती मार्केट, लैसडाउन चौक होते हुए सुभाष रोड पर पहुंची जहां पर पुलिस ने बैरीकैडिंग लगाकर सभी को रोक लिया और इस बीच पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोंकझोंक होने व धक्का मुक्की के बाद सभी वहीं धरने पर बैठ गये। इस दौरान इंजीनियरों का जन सैलाब राजधानी की सड़कों पर उतरने से जगह जगह जाम की स्थिति रही और पुलिस को जाम खोलने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
यहां उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के बैनर तले सभी इंजिनियर्स यमुना कालोनी स्थित सिंचाई विभाग के मुख्य अधिशासी अभियंता के कार्यालय के बाहर इकटठा हुए और वहां से लंबे समय से पदोन्नति न होने, पुरानी पेंशन बहाली को लागू करने सहित अनेक मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रैली निकालकर सचिवालय कूच किया और रैली विभिन्न मार्गों से होते हुए घंटाघर, राजपुर रोड, एस्ले हॉल चौक, परेड ग्राउंड, तिब्बती मार्केट, लैसडाउन चौक होते हुए सुभाष रोड पर पहुंची जहां पर पुलिस ने बैरीकैडिंग लगाकर सभी को रोक लिया और इस बीच पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोंकझोंक होने व धक्का मुक्की के बाद सभी वहीं धरने पर बैठ गये। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना बहाली कर लागू करने समेत विभिन्न लंबित मांगों के पूरा न होने सभी डिप्लोमा इंजिनियर्स सरकार से नाराज है औ उन्होंने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि पूर्व में पर्यटन एवं लोनिवि, सिंचाई मंत्री को ज्ञापन दिये जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई है और महासंघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में लोनिवि एवं सिंचाई मंत्री ने आश्वासन दिया लेकिन आज क इस पर कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि विभिन्न विभागों के कार्यरत समूह ख अभियंताओं को कार अनुरक्षण भत्ता अनुमन्य किये जाने से संबंधित शासनादेश अभी तक निर्गत नहीं किया गया है। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि कनिष्ठ अभियंता, अपर सहायक अभियंता को अनुमन्य मोटर साईकिल व स्कूटर भत्ते की दरों का पुनरीक्षण कर शासनादेश 2०13 के बाद से अभी तक नहीं किया गया है। इस अवसर पर वक्ताओं ेन कहा कि कनिष्ठ अभियंता व अपरसहायक अभ्ज्ञिंता का 1० वर्ष की सेवा के पश्चात सहायक अभियंता का ग्रेड वेतन 54०० दिया जाये एवं अपर सहायक अभियंता की वेतन विसंगति दूर की जाये और समस्त अभियांत्रिकी विभागें में एक समान सेवा नियमितीकरण का पख्यापन अभी तक नहीं किया गया और जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को उग्र किया जायेगा। वक्ताओं ने कहा कि तीनों ऊर्जा निगमों में कार्यरत कनिष्ठ अभियंता को अनुमन्य ग्रेड वेतन 46०० का लाभ प्रदेश के अन्य विभागों व निगमों के समान तिथि एक जनवरी 2००9 से काल्पनिक रूप से तथा एक मार्च 2०13 से वास्तविक रूप से निदेशक मंडल की 94वें बैठक में पास प्रस्ताव के अनुसार अनुमन्य किया जाये।
वक्ताओं ने कहा कि इसी प्रकार से उत्तराखंड के तीनों ऊर्जा निगमों में शासन तथा अन्य निगमों की भांति कनिष्ठ अभियंता से सहायक अभियंता पद हेतु प्रोन्नत कोटा 4० से बढाकर 5० प्रतिशत तथा डिग्रीधारी कनिष्ठ अभियंताओं का कोटा 8.33 प्रतिशत से बढाकर 1० प्रतिशत किया और कनिष्ठ अभ्यिन्ता को सेवा नियमावली में पदोन्नति की पात्रता के अनुसार तीन पदोन्न्ति, पदोन्नत वेतनमान अनिवार्य रूप से स्वीकृत की जाये। इस अवसर पर प्रदेश भर से आये हुए अनेकों डिप्लोमा इंजीनियर्स बड़ी संख्या में शामिल रहे।

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