कमांडो ने क्यों की आत्महत्या?

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देहरादून(प्रमुख संवाददाता)। मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात एक कमांडो ने आज अपने सर्विस हथियार से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली जिससे सिस्टम में हडकम्प मच गया और यह सवाल खडे हुये कि आखिरकार कमांडो ने आत्महत्या करने जैसा रास्ता किन कारणों से चुना? चर्चाएं हैं कि सुरक्षाकर्मी छुट्टी मांग रखा था लेकिन ऐसी पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई जिसके चलते यह रहस्य है कि कमांडो ने आत्महत्या का रास्ता क्यों चूना? सरकार और सिस्टम के लिए एक चिंता का विषय होना चाहिए कि सात माह में दो कर्मियों ने अपनी जीवनलीला समाप्त की है? हालांकि सुरक्षाकर्मी ने किन कारणों से आत्महत्या की इस पर सबने चुप्पी साध रखी है।
मिली जानकारी के अनुसार सीएम सुरक्षा में 2०16 से पौडी का रहने वाला कमांडो प्रमोद रावत 2००7 बैच का था बताया जा रहा है और यह बात उठ रही है कि 16 जून से उसने छुट्टी पर जाना था जिसके लिए उसने प्रार्थना पत्र भी दिया हुआ था? हालांकि इस बारे में कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है? सवाल तैर रहे हैं कि आखिर प्रमोद रावत ने अपने आपको गोली मारकर क्यों अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली? मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात एक कमांडो का आत्महत्या करना कई सवाल खडे कर रहा है? हैरानी की बात यह है कि यह कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी मुख्यमंत्री आवास में नवम्बर 2०22 में एक पच्चीस साल की लडकी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री आवास में गाय की देखभाल के लिए एक परिवार सरकारी आवास में ही रहता था और यही पर अपने परिवार के साथ सुलेखा नाम की पच्चीस वर्षीय लडकी भी रहती थी और अचानक दोपहर चार बजे सुलेखा ने सर्वेट क्वाटर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। रूद्रप्रयाग की रहने वाली सुलेखा अपने परिवार के साथ मुख्यमंत्री आवास में रहती थी उस वक्त यह भी आशंकायें उठी कि लडकी पुलिस में भर्ती होने की तैयारी कर रही थी और किसी कारण डिप्रेशन में आकर उसने यह कदम उठाया था। कैंट पुलिस से जब सम्पर्क किया गया तो बताया गया कि कमांडो ने सर्विस हथियार से गले पर गोली मारकर आत्महत्या की है।

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