अस्पताल की जांच हो गई हवा-हवाई?

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देहरादून(संवाददाता)। शहर के एक आंखों के अस्पताल की लापरवाही की गंूज जब स्वास्थ्य सचिव के कानों में गूंजी थी तो उन्होंने मामले की गम्भीरता को देखते हुए तत्काल डीजी हैल्थ को इस मामले में जांच कराने के आदेश दिये थे जिसके बाद डीजी हैल्थ ने सीएमओ को जांच कराने का आदेश दिया लेकिन हैरानी वाली बात है कि स्वास्थ्य सचिव के एक माह ट्रेनिंग पर जाने के बाद से इस मामले की जांच हवा-हवाई नजर आ रही है? सवाल खडे हो रहे हैं कि आवाम के जीवन के साथ जिस तरह से खिलवाड करने की आशंका उठी थी उसकी अगर तत्काल जांच के लिए स्वास्थ्य महकमा आगे आ गया होता तो उससे राज्य के अन्दर एक संदेश जाता कि जिस मामले में जांच कराने का आदेश होता है उसे सिस्टम कितनी गम्भीरता से लेकर उसकी जांच करने के लिए आगे आ जाता है लेकिन स्वास्थ्य सचिव के आदेश के बावजूद भी गम्भीर मामले की जांच कहां कैद है यह एक बडा सवाल अभी भी राजधानी के अन्दर तैर रहा है?
उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग के हाल खुद ही बेहाल होते हुए दिखाई दे रहे हैं दरअसल पिछले दिनों राजधानी देहरादून के निजी आई क्लिनिक पर लापरवाही के चलते कई मरीजों की आंखों के ऑपरेशन में खिलवाड़ का मामला सामने आया था जिसके बाद सचिव स्वास्थ्य के द्वारा स्वास्थ्य महानिदेशक को मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए गए थे, लेकिन सचिव स्वास्थ्य के ट्रेनिंग पर जाते ही उनके दिए हुए आदेश की अनदेखी होना भी शुरू हो गई है। आलम यह है कि स्वास्थ्य महानिदेशक ने सीएमओ से रिपोर्ट तलब की लेकिन अधिकारियों तक रिपोर्ट अभी भी नहीं पहुंची है। आपको बता दें कि सचिवालय से कुछ ही दूरी पर स्थापित नामचीन आई क्लीनिक पर 27 अप्रैल को आंख के ऑपरेशन किए गए थे जिसमें अस्पताल के द्वारा दवा के रिएक्शन का मामला बताते हुए तमाम मरीजों को दिल्ली हायर सेंटर तक रेफर किया गया, जिसमें से एक व्यक्ति की ऑपरेशन के दौरान की हार्टअटैक आने से मौत भी हो गई। मामला शासन के संज्ञान में पहुंचा तो जांच के आदेश भी हो गए लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के पास काम इतने अधिक हैं कि निजी क्लीनिक के ऊपर कार्रवाई करना तो दूर उस तरफ नजरें इनायत करना भी जरूरी नहीं समझते। दरअसल बेलगाम क्लीनिक मनमाने तरीके से लोगों की जान के साथ खिलवाड़ कर देते हैं और रसूख का हवाला देकर मामले को रफा-दफा करने की भी तैयारी कर दी जाती है। अब स्वास्थ्य महानिदेशक ने बताया कि उच्च स्तर से जांच के आदेश दिए गए थे जिस पर सीएमओ से रिपोर्ट तलब की गई है लेकिन अभी तक सीएमओ के द्वारा संबंधित मामले पर कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है दोबारा सीएमओ से रिपोर्ट मांगी जा रही है। वहीं सीएमओ डॉक्टर संजय जैन ने बताया कि जांच को लेकर भी कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है सिर्फ रिपोर्ट आख्या मांगी गई है जिसको लेकर दृष्टि आई क्लिनिक से समस्त जानकारियां मांगी जा रही हैं जानकारियां मिलने के बाद ही आगे की जानकारी उपलब्ध हो पाएगी की लोगों को किस प्रकार की समस्या सामने आई है।

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