देहरादून(नगर संवाददाता)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष व सांसद राहुल गांधी के द्वारा 2०19 में मोदी के उपनाम को लेकर की गई टिप्पणी के मामले में आज सूरत की अदालत ने राहुल गांधी को दोषी करार करते हुए फैसला सुनाया। केंद्र की भाजपा सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ व राहुल गांधी को मानहानि के गलत मुकदमे में फंसाने के विरोध में कांग्रेसियों ने कांग्रेस भवन में धरना प्रदर्शन किया और केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बाद में राजधानी में जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और जिन्हें बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर पुलिस लाईन ले गई।
यहां कांग्रेसजन पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में कांग्रेस भवन में इकटठा हुए और वहां पर धरना प्रदर्शन किया और अपना विरोध दर्ज कर केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि राहुल गांधी पर मोदी उपनाम पर टिप्पणी करने के लिए आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज था। इसके मद्देनजर राहुल गांधी सुबह ही सूरत रवाना हो गए थे। दूसरी तरफ देशभर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस मामले के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसी कड़ी में उत्तराखंड कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा भी प्रदेश भर में प्रदर्शन किए गए। इस अवसर पर प्रदेश मुख्यालय देहरादून में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विधायक चकराता प्रीतम सिंह, पूर्व काबीना मंत्री नवप्रभात, शूरवीर सिंह सजवाण सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के पक्ष में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। एक डेढ घण्टे चले इस प्रदर्शन के बाद जैसे ही न्यायालय का फैसला आया कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पडा और उन्होनें सड़कों पर कूच कर दिया।
इस अवसर पर कूच के दौरान जगह जगह पर पुलिस द्वारा बैरेकैंडिग लगाकर कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया गया, परन्तु कार्यकर्ताओं के आक्रोश के आगे पुलिस प्रशासन की एक नहीं चली। कूच के दौरान राहुल गांधी संघर्ष करों हम तुम्हारे साथ हैं, जब जब जुल्मी जुल्म करेगा सत्ता के गलियारों से चप्पा गुंज उठेगा इंकलाब के नारों से, हर जोर जुल्म की टक्कर से संघर्ष हमारा नारा हैं, विपक्ष का दमन नही सहेंगे, लोकतंत्र की हत्या बंद करो के नारे गुजायमान रहे। कार्यकर्ताओं ने हाथों में राहुल गांधी जिंदाबाद की तख्तियां पकडी हुयी थी। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने घंटाघर पर आधे घंटे तक धरना देकर चक्का जाम भी किया। इस दौरान जबरन नेताओं को पुलिस प्रशासन द्वारा पुलिस की गाड़ी में ले जाते वक्त कार्यकर्ताओं और पुलिस में जबरदस्त नोकझोंक भी हुयी। सैकड़ों की तादाद में नेता एवं कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करके पुलिस लाईन ले जाया गया।इस अवसर पर बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं सीडब्ल्यूसी के सदस्य हरीश रावत ने कहा कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार का सबसे बड़ा हमला है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जो देश में चल रहा है जो देश की राजनीति में घटित हो रहा है उन्हीं बातों पर चर्चा की हैं।
रावत ने कहा कि सूरत में दर्ज मुकदमा पुराना है परन्तु राहुल गांधी की भारत जोडों यात्रा की अपार सफलता से भयभीत भारतीय जनता पार्टी राजनीतिक बदले की भावना से राहुल गांधी का उत्पीडऩ कर रही है और उनके ऊपर तमाम तरह के मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, जिसको कांग्रेस का कार्यकर्ता बर्दाश्त नहीं करेगा। रावत ने कहा कि हर मौके पर कांग्रेस का कार्यकर्ता राहुल गांधी के साथ खड़ा रहेगा, सत्य और अहिंसा काग्रेस कार्यकर्ता के संस्कारों में है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की मोदी सरकार इस अलोकतांत्रिक तरीके से कांग्रेस के नेताओं को परेशान करने का काम करेगी तो निश्चित रूप से कांग्रेस के कार्यकर्ता पूरे देश में जेल भरो आंदोलन चलाएंगे। इस अवसर पर नवप्रभात ने कहा कि मोदी सरकार संविधान विरोधी काम कर रही है और इस सरकार के खिलाफ हम सबको मिलकर आंदोलन करना होगा। नवप्रभात ने कहा कि इस सरकार का मुकाबला एकजुटता के साथ करना होगा और इस सरकार की जनविरोधी नीतियों को पर्दाफाश करना होगा और जनता के बीच में जाकर जिस तरह से सरकार नेताओं का उत्पीडऩ कर रही है उसका भंडाफोड़ करना होगा। इस अवसर पर अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक ममता राकेश, फुरकान अहमद, विक्रम नेगी, रवि बहादुर, वीरेन्द्र जाति, अनुपमा रावत, पूर्व काबीना मंत्री राजेन्द्र भण्डारी, उपाध्यक्ष संगठन मथुरा दत्त जोशी, सूर्यकांत धस्माना, मीडिया प्रभारी पीके अग्रवाल, मुख्य प्रवक्ता गरिमा माहरा दसौनी, अमरजीत सिंह, सुनीता प्रकाश, पूरन रावत, महानगर अध्यक्ष डॉ० जसविंदर सिंह गोगी, पूर्व विधायक राजकुमार, युवा कांग्रेस अध्यक्ष सुमित्तर भुल्लर युवा कांग्रेस प्रभारी अभव्या चौहान , सेवादल अध्यक्ष हेमा पुरोहित, गोदावरी थापली, महेन्द्र नेगी, धर्म सिंह पंवार, शीशपाल बिष्ट, सुनील राठी, प्रवीन शाह, सूरज क्षेत्री आदि उपस्थित रहे।