विजय बहुगुणा व डा. निशंक ने बजट को बताया वादों का दस्तावेज

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देहरादून(नगर संवाददाता)। पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता विजय बहुगुणा ने प्रदेश सरकार के बजट को दुर्गम एवं पिछड़े क्षेत्रों समेत प्रदेश के सभी वर्गों की अभिलाषाओं को पूरा करने वाला बताया है। उन्होंने कहा हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं जिसका प्रमाण है बजट का आकार, जो राज्य बनने के समय मात्र 4००० करोड़ था और आज 77००० करोड़ तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि यह बजट है चुनाव में उत्तराखंड की जनता से किये पार्टी के वादों को पूरा करने का दस्तावेज है । उन्होंने कहा कि यह एक संकल्प है कि हम आगे भी अपने सभी वादों को पूरा करेंगे । उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपनों को पूरा करने की तरफ एक कदम है कि आने वाला दशक उत्तराखंड का दशक होगा । इस बजट में युवाओं और महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान है लिहाजा बधाई के पात्र हैं वित्त मंत्री और मुख्यमंत्री जिन्होंने इस तरह का सकारात्मक बजट प्रस्तुत किया है। वहीं दूसरी ओर पूर्व केन्द्रीय शिक्षा मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने वित्तीय वर्ष 2०23-24 हेतु युवा मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की सरकार द्वारा लाया गए बजट को एक दूरदर्शी बजट बताया और कहा कि यह बजट उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का स्केल बदलने वाला बजट साबित होगा। इस अवसर पर डॉ निशंक ने उत्तराखंड के बजट को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही देवभूमि उत्तराखंड को विकास की राह पर तेजी से आगे ले जाने वाला बजट बताया। उन्होंने इस बजट के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और वित्त मंत्री प्रेम चंद्र अग्रवाल को बधाई दी और उनका अभिनंदन व्यक्त किया। डॉ निशंक ने बजट सम्पूर्ण प्रदेशवासियों की उम्मीदों को प्रतिबिंबित करता वाला बजट बताया । डॉ निशंक ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने सशक्त उत्तराखंड का संकल्प लिया है। जिससे हर गरीब तक राज्य सरकार को योजनाएं पहुंचे और उनका लाभ उन्हें मिल सके। राज्य सरकार बेहतर काम कर रही है। 2०25 तक राज्य को श्रेष्ठ राज्य बनना है । युवा शक्ति के विकास के लिए बड़े प्रवधान लिए गए हैं। शिक्षा, रोजगार और खेल के क्षेत्र में बेहतर काम किया जा रहा है।
इस अवसर पर डॉ निशंक ने धामी सरकार को बधाई देते हुए यहां बताया कि केंद्र पोषित और बाह्य सहायतित योजनाओं को तेजी से लागू किया जाएगा एवं 2०25 में उत्तराखंड को देश का अग्रणीय राज्य बनाने की दिशा में सरकार का यह बजट अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता से किये पार्टी के वादों को पूरा करने का दस्तावेज है । इस अवसर पर डॉ रमेश पोखरियाल निशंक यह कहा कि बजट के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए उत्तराखंड के युवा मुख्यमंत्री धामी की सरकार ने जनता को दी यह बड़ी सौगते दी है। डॉ निशंक ने कहा कि बजट में युवाओं पर खास फोकस किया गया है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश का युवा नौकरी करने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बनेगा। बजट में स्वरोजगार योजना के लिए 4० हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। डॉ निशंक ने उत्तराखंड के बजट की तारीफ करते हुए कहा कि यह बजट सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने वाला, रोजगार का सृजन करने वाला, गरीब को शक्ति, किसान को मजबूती, श्रमिकों को सम्मान, मध्यम वर्ग के सपनों को साकार, ईमानदार आयकरदाताओं का गौरवगान, इंफ्रास्ट्रक्टर निर्माण को गति और अर्थव्यवस्था को बल देने के नरेंद्र मोदी के संकल्प को साकार करने में अहम भूमिका निभायेंगे। यह बजट सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी और सर्व-समावेशी है। उन्होंने कहा कि यह बजट सुशासन, गरीबी उन्मूलन, सामाजिक- आर्थिक परिवर्तन और रोजगार सृजन का नया अध्याय लिखने में महत्वपूर्ण योगदान देगा ।
इस अवसर डॉ निशंक ने बजट की तारीफ करते हुए कहा कि एनसीसी कैडर पर भत्ता बढ़ाने का एलान किया गया है। डा. निशंक ने कहा कि अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए फ्री में किताबें देने का एलान किया गया है. उच्च शिक्षा में प्रोत्साहन राशि के लिए 1० करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।सौर ऊर्जा को बढ़ाने के प्रयास किया जाएगा। जी-2० के लिए 1०० करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि महिला और बच्चों के पोषण पर बजट में खास फोकस किया गया है. इसके लिए बजट में 43 करोड़ के ज्यादा का प्रावधान किया गया है। नवंबर 2०22 के बाद से राज्य में आंगनबाड़ी वर्कर्स के मानदेय में बढ़ोतरी का एलान किया गया है। उन्होंने कहा कि सात बिंदु को बजट में विशेष स्थान दिया गया है. बजट में सड़क और वायु कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे है।डॉ निशंक ने कहा कि बजट में रोजगार के अलावा स्वरोजगार पर फोकस है. स्वरोजगार के लिए बजट में 4० करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़ाने लिए प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य युवा छात्रवृत्ति हेतु 5 करोड़, बालिका साइकिल योजना में 15 करोड़ और अनुसूचित जाति के लिए आठ करोड़ रुपए का प्रावधान है।

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