पेंशनरों ने राजधानी में निकाली रैली, लगाया जाम

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देहरादून(नगर संवाददाता)। मिनिमम पेंशन रूपये 75०० महंगाई भत्ता मंजूर करवाये जाने और बजट में प्रावधान किये जाने और बिल पास किये जाने की मांग को लेकर पेंशनरों ने राजधानी में रैली निकाली और घंटाघर पर जाम लगाया और जिससे वहां पर वाहनों की लंबी लंबी कतारें लग गई और बाद में पुलिस ने कई पेंशनरों को गिरफ्तार कर पुलिस लाईन ले गई।
यहां ईपीएस 95 नेशनल एग्रीटेशन कमेटी के जिलाध्यक्ष टी एस बिष्ट के नेतृत्व में पेंशनर परेड ग्राउंड के पास इकटठा हुए और वहां से केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मिनिमम पेंशन रूपये 75०० महंगाई भत्ता मंजूर करवाये जाने और बजट में प्रावधान किये जाने और बिल पास किये जाने की मांग को लेकर पेंशनरों ने राजधानी में रैली निकाली और घंटाघर पर जाम लगाया। इस अवसर पर पेंशनरों ने कहा कि यह उचित मांग कोश्यारी समिति (राज्यसभा पिटीशन 147) की सिफरिश के अनुसार (रूपये 3००० या अधिक तथा उस पर मह गांई भत्ता) 7-8 वर्षों में बढ़ी हुई महगांई को देखते हुए की गई और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की सही व्याख्या करते हुए ईपीएफओ द्वारा लगाई गई तथ्यहीन शर्तों को उपलब्ध ऑनलाइन सिस्टम से हटाकर वास्तविक वेतन पर उच्च पेंशन के विकल्प की सुविधा बिना किसी भेदभाव के ईपीएस 95 पेंशनर्स को प्रदान की जाए, जिससे उन्हें सही अर्थों में न्याय मिल सके।
इस अवसर पर ईपीएस पेंशनरों ने कहा कि पेंशनर्स को तथा उनकी पत्नी पति को मुफ्त मेडिकल सुविधा प्रदान की जाए और जिन सेवानिवृत्ति कर्मचारियों का ईपीएस 95 योजना में शामिल नहीं किया है उन्हें उसका सदस्य बनाकर योजना में लाया जाए अथवा 5००० रूपये की राशि पेंशन के तौर पर प्रदान की जाए. देश में ऐसेनिवृत्त कर्मचारियों की संख्या बहुत ही कम है। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया गया। इस अवसर पर ज्ञापन में कहा गया कि पिछले वर्षों में देश के प्रति माह लगभग छह हजार से भी ज्यादा पेंशनर्स संसार से विदा हो रहे थे अब यह दर और भी बढ़ गया है और अब और अधिक प्रतीक्षा न करवाएं क्यों कि सभी पेंशनर्स हमारे संगठन एनएसी के माध्यम से पिछले सात वर्षों से तो संघर्ष ही कर रहे हैं. अब अधिकांश पेंशनर्स जीवन के अंतिम पड़ाव पर है व उम्र 65 वर्ष या उससे ज्यादा ही है. व्यक्ति की औसत उम्र 7० वर्ष है उस हिसाब से कम से कम पांच छह वर्ष तो हमें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का हक प्रदान किया जाए और इस ओर विशेष ध्यान देकर ईपीएस 95 पेंशनर्स की मांगों को मंजूर किया जाये जिससे आंदोलन भी समाप्त हो सके। इस अवसर पर अनेकों पेंशनर्स उपस्थित रहे।

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