देहरादून(नगर संवाददाता)। महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर तंज कसते हुए कहा कि यह राज्य के विकास के लिए अच्छा काम करते है तो वह उनके साथ है लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मैं हरीश रावत की तरह कभी भी एक घंटे का मौन नहीं रखूंगा। वहीं उन्होंने कहा कि राजनीति में कोई किसी का शिष्य नहीं होता है।
यहां पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य ठीक न रहने के चलते इस्तीफा देना उचित समझा और उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपनी इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी न सम्मान किया, और इस्तीफा स्वीकार किया। इस अवसर पर भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि मेरी एक ही इच्छा है, एक ही कल्पना है आत्मनिर्भर उत्तराखंड बने और इसके लिए वह कार्य करते रहेंगें। उन्होंने कहा कि चाहे उद्यान से बने या कृषि से, विकास से भी आत्मनिर्भर बने, उन्होंने कहा कि उत्तराखंड समृद्धि भरा हो, यही चाहता हूं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में कैसे आगे बढ़े इसके लिए कोर्डिनेशन होना चाहिए, उन्होंने कहा कि अब जो भी समय बचा हुआ है इसी दिशा में काम करूंगा। उन्होंने कहा कि घोस्ट विलेज आबाद हो सके, इस दिशा में भी काम करूंगा, उन्होंने कहा कि मैंने राज्यपाल के पद भी रहते हुए इस दिशा में काम किया है, और महाराष्ट्र के लोगों का असीम प्यार मिला और जब मैंने राज्यपाल के पद से इस्तीफा दिया तो वहां के लोग रोये भी।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर उत्तराखंड बने, यही एक सपना है, एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि राजनीति में कोई किसी का शिष्य नहीं होता है और प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी राज्य के लिए काम कर रहे है, और जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान करते है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी कहा था कि मुख्यमंत्री धामी अच्छा काम कर रहे है। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि मैं हर अच्छे काम करने वाले के साथ मिलकर चलूंगा चाहे वह कोई भी हो। उन्होंने कहा कि राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी की मुहिम अच्छी है तो मैं भी उसे आगे बढाने का काम करूंगा, वहीं एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत राज्य के विकास के लिए अच्छा काम करते है तो वह उन्हें पूरा सहयोग करेंगें लेकिन उनकी तरह एक घंटे का मौन कभी नहीं रखूंगा।
एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि मैंने कभी ऐसे बयान नहीं दिए, न शिवाजी महाराज पर और न ही सावित्री देवी पर भी,यदि फिर भी मेरे से कोई गलती हुई होगी तो मैं माफी मांगता हूं। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र भी उत्तराखंड जैसा ही है। उन्होंने कहा कि वह पैदल ही महाराष्ट्र के गांवों में गये और वहां पर जनता की समस्याओं का समाधान किया और अब उत्तराखंड आत्मनिर्भर बने इसके लिए कार्य करेंगें। एक प्रश्न के उत्तर में उनहोंने कहा कि उन्होंने पूर्व में भी शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे को संत कहा था और आज भी कह रहे है और गलती की थी और सरकार बनी और टूट गई। उन्होंने कहा कि पद और पैसा ही सब कुछ नहीं होता है और जो भी अच्छा लगे उसे कर लेना चाहिए और वह भी उसमें पूर्ण रूप से सहयोग करेंगें। उन्होंने कहा कि राज्य में उनके आने से कोई विस्फोट की संभावना नहीं है और उनका काम समाधान व सृजन करना है। उन्होंने कहा कि जोशीमठ मामले में बेहतर व सकारात्मक हल निकाला जायेगा और इसके लिए स्थानीय लोगों के साथ भी बातचीत की जायेगी।