वायदा निभाते पुष्कर

0
132

नकल विरोधी कानून से भाजपा में नया जोश
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने जबसे राज्य में सत्ता की कमान संभाली है तबसे उन्होंने विधानसभा चुनाव में राज्यवासियों के सामने किये गये संकल्पों को एक-एक कर पूरा करने का मिशन शुरू कर रखा है जिससे राज्यवासियांे के मन में मुख्यमंत्री की कार्यशैली को लेकर एक बडा जोश देखने को मिल रहा है। उत्तराखण्ड मंे वर्षों से भ्रष्टाचार की भर्तियों को अंजाम देने वाले सभी गुनाहगारों को एक के बाद एक सलाखों के पीछे पहुंचाने का उन्होंने जो ऑपरेशन चला रखा है उससे बडे-बडे नकल माफिया और नौकरियां बेचने वाले सिंडिकेट में हडकम्प मचा हुआ है और मुख्यमंत्री ने युवाओं के साथ किये गये वायदे को निभाते हुए राज्य में एक सशक्त नकल विरोधी कानून बनाकर जो संदेश नकल माफियाओं को दिया है उससे भाजपा में एक नया जोश देखने को मिल रहा है और वह यह कहने से नहीं चूक रही कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री राज्यवासियों से किये गये हर वायदे को निभाने के लिए आगे बढते जा रहे हैं उससे साफ हो गया है कि आने वाला समय उत्तराखण्ड का होगा क्योंकि बाइस सालों से राज्य विकास की राह पर आगे नहीं बढ पाया था जिससे चलते उत्तराखण्ड बनाने को लेकर राज्यवासियों ने जो सपना देखा हुआ था वह अधूरा ही नजर आ रहा था लेकिन राज्य के मुखिया ने जिस बडे विजन के साथ उत्तराखण्ड को भ्रष्टाचारियों, घोटालेबाजों और नकल माफियाओं से मुक्त कराने का जो ऑपरेशन चला रखा है वह उत्तराखण्डवासियांे के लिए एक सुखद अनुभव की उन्हें अनुभूति करा रहा है।
उल्लेखनीय है कि राज्य के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक बडे संकल्प के साथ राज्य को विकास की राह पर ले जाने के लिए अपनी ताजपोशी के बाद से ही आगे बढते हुए दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से वायदा किया था कि वह राज्य में फैले भ्रष्टाचार और घोटालों का जहां सर्वनाश करंेगे वहीं राज्य को आदर्श राज्य बनाने की ओर तेजी से अपने कदम आगे बढायेंगे। मुख्यमंत्री ने विधानसभा चुनाव से पूर्व आवाम से वायदा किया था कि सरकार बनने के बाद समान नागरिक कानून को लागू करेंगे। मुख्यमंत्री ने राज्य में अपनी सरकार बनने के बाद राज्यवासियों से किये गये वायदे को पूरा करने के लिए समान नागरिक कानून के लिए एक कमेटी का गठन किया और यह कमेटी इस कानून को सबकी राय जानने के बाद इस कानून को बनाने के लिए अपने कदम आगे बढाये हुये हैं और राज्य के मुख्यमंत्री को विश्वास है कि उत्तराखण्ड देश का पहला ऐसा राज्य होगा जहां समान नागरिक कानून को लागू किया जायेगा। वहीं राज्य में फैले भ्रष्टाचार और घोटालों पर मुख्यमंत्री ने जिस विजन के साथ अपना ऑपरेशन शुरू कर रखा है उससे बडे-बडे भ्रष्टाचारी और घोटालेबाज सलाखों के पीछे पहुंच रहे हैं जिससे राज्य में भ्रष्टाचारी और घोटालेबाजों में एक बडी खलबली देखने को मिल रही है। उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली बार ऐसा देखने को मिला जब राज्य के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार से हुई भर्तियों को बेनकाब करने के लिए बडा साहस दिखाया और उन्होंने राज्य में बने यूकेएसएसएससी और लोक सेवा आयोग में भ्रष्टाचार से हुई भर्तियों की जांच के लिए एसआईटी, एसटीएफ व विजिलेंस को जांचे सौंपी हुई है और इस जांचों में भ्रष्टाचार करने वाले गुनाहगारों को जिस तरह से एक के बाद एक सलाखों के पीछे पहुंचाया जा रहा है वह राज्य के मुख्यमंत्री का बडा साहस ही माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने युवा पीढी से वायदा किया हुआ है कि वह नकल माफियाओं और नौकरियां बेचने वाले संगठित गठबंधन को नेस्तानबूत करके ही चैन की सांस लेंगे। जहां राज्य के मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार से हुई भर्तियांे का सच एक के बाद एक बाहर लाने का ऑपरेशन चला रखा है वहीं उन्होंने राज्य में होने वाली कोई भी भर्ती भ्रष्टाचार की भेट न चढ़ पाये इसके लिए उन्होंने राज्य में एक सशक्त नकल विरोधी कानून लाकर नकल माफियाओं और नौकरियां बेचने वाले सौदागरों की नाक में नकेल डालने का जो साहस दिखाया है उससे राज्य के युवाओं के मन में जहां एक आशा की किरण जागी है कि अब इस कानून के चलते नकल माफिया और नौकरियां बेचने वाला गैंग अपने मनसूबों में कामयाब नहीं हो पायेगा और राज्य में जो भी भर्तियां होंगी वह पारदर्शी होंगी। मुख्यमंत्री के नकल विरोधी कानून को लेकर भाजपा में एक नया जोश देखने को मिल रहा है और भाजपा नेताओं का मानना है कि मुख्यमंत्री के नकल विरोधी कानून से बडे-बडे नकल माफियाओं में एक बडा डर देखने को मिलेगा।

LEAVE A REPLY