पलायन पर अभिनव के गीत से छलका दर्द

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देहरादून(संवाददाता)। राजधानी के युवा सिंगर अभिनव त्यागी ने पलायन रोकने पर आधारित गीत ‘शंभोÓ गाया और इस गीत में उन्होंने जिस तरह से पलायन को लेकर अपने दर्द को बयां किया उस गीत का विमोचन कराने के लिए अभिनव अपनी टीम के साथ मुख्यमंत्री से मिले और मुख्यमंत्री ने गर्मजोशी से ‘शंभोÓ गीत का विमोचन किया और युवा गीतकार व उनकी टीम को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनायें दी। पलायन पर गीत गाने वाले अभिनव कुमार ने अपने इस गीत में अपनी मां को दादी की भूमिका में वीडियो के अन्दर प्रस्तुत किया और यह गीत आवाम को काफी लुभा रहा है और यह भी साफ हो रहा है कि उत्तराखण्ड में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।
‘क्राईम स्टोरीÓ से बातचीत करते हुए गीतकार ने बताया कि उसका नाम अभिनव त्यागी है, वह उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से है। उन्होंने बताया कि राज्य में पलायन की इस समस्या को उन्होंने वर्षों से देखा है, जिसका खामियाजा पहाड़ों के हजारों लोगों को भुगतना पड़ता है और इसी के चलते उन्होंने देवभूमि की कहानी दिखाते हुए पलायन को लेकर एक गीत ‘शंभोÓ बनाया और इस गीत के माध्यम से उन्होंने पलायन की पीडा को दिखाने की कोशिश की है।
उन्होंने कहा कि यह पहाड़ों के लिए एक आह्वान है, और एक पहाड़ी लड़के की कहानी बताता है जिसने अपने शुरुआती वर्षों को अपनी दादी के साथ पहाड़ों में बड़े होने में बिताया। पहाड़ों में अवसरों की कमी के कारण, वह शहर जाने का फैसला करता है। अब शहर जाने के बाद उसे पता चलता है कि उसने एक गलती की थी और वह अपनी दादी से मिलने के लिए अपने पहाड़ों पर वापस आ रहा है और यहां रहने के लिए,क्योंकि सरकार द्वारा रिवर्स माइग्रेशन पर बनाई गई नीतियों के कारण पहाड़ों में हमारे पास कई अवसर हैं। अभिनव ने बताया कि उसकी मां पिथौरागढ़ डीडीहाट से आती हैं और मुझे पहाड़ों से आने पर गर्व है और मेरी यही अभिलाषा है कि उत्तराखण्ड से आज तक जितना पलायन हुआ है उस पलायन में आगे आये सभी लोगों को वापस अपने उत्तराखण्ड के गांव में आकर उन्हें गुलजार करना चाहिए जिससे उनके अपनों के मन में पलायन की जो पीडा वर्षों से दिखाई दे रही है वह खत्म हो जाये।

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