भर्ती माफियाओं से हिसाब बराबर कर रहे धामी

0
130

प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में बाइस सालों से राज्य के युवाओं के लिए काफी भर्तियां निकली लेकिन अधिकांश भर्तियां भ्रष्टाचार और घोटालों के काल में समा गई और राज्य के युवा सरकारों से अपनी नौकरी को लेकर उन्हें कटघरे में खडा करते हुए आ रहे हैं लेकिन किसी भी सरकार ने आज तक इतना साहस नहीं दिखाया कि वह राज्य में हो रही भर्तियों को लेकर यह परख लें कि इन भर्तियों में नकल माफिया या बिचौलिये कोई भ्रष्टाचार का खेल तो नहीं खेलते आ रहे जिससे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड हो रहा हो? बाइस सालों से राज्य के युवाओं को इस बात का पता ही नहीं चल पाया कि नकल माफिया और नौकरियां बेचने के सौदागर उनके जीवन के साथ कितना बडा खिलवाड कर रहे हैं। उत्तराखण्ड में जब युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सत्ता संभाली तो उन्होंने भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों के खिलाफ खुली जंग का ऐलान कर दिया और उन्होंने जिस तरह से भ्रष्टाचारियों को बेनकाब करने के लिए हंटर उठाया तो उससे राज्य के बडे-बडे भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों की नींद उड गई। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने राज्य के युवाओं को वचन दिया है कि उनके जीवन के साथ खिलवाड करने वाले किसी भी भ्रष्टाचारी को बक्शा नहीं जायेगा और यही कारण है कि मुख्यमंत्री ने अपने अल्प कार्यकाल में नकल माफियाओं और नौकरियां बेचने वालों से हिसाब बराबर करने के लिए जब अपने कदम आगे बढाने शुरू किये तो उससे एक के बाद एक कई भर्तियों में हुये भ्रष्टाचार का खेल बेनकाब होने लगा और मुख्यमंत्री के इस मिशन से यह साफ हो गया कि जिन माफियाओं और नौकरी के सौदागरों ने युवाओं को धोखा देकर उनके जीवन के साथ खिलवाड किया था उन्हें सबक सिखाने के लिए मुख्यमंत्री ने जहां उन्हें एक के बाद एक सलाखों के पीछे का ऑपरेशन चलाया तो वहीं नकल माफियाओं और नकल के सौदागरों की सम्पत्तियों को सील करने का भी उन्होंने जो साहस दिखाया है उससे युवा पीढी के मन में अपने युवा मुख्यमंत्री को लेकर एक बडा विश्वास बन गया है कि उनके साथ धोखा करने वाले हर नकल माफिया और नौकरी बेचने वाले सौदागरों को मुख्यमंत्री चुन-चुनकर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचायेंगे।
उत्तराखण्ड में जबसे राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूकेएसएसएससी से हुई कई भर्तियों में भ्रष्टाचार की खबर मिलने के बाद एसटीएफ को जांच पडताल के लिए आगे किया है तबसे एसटीएफ ने नकल माफिया और नौकरी के सौदागरों को एक-एक कर बेनकाब करने का खुला ऑपरेशन चला रखा है और इस ऑपरेशन में अब तक कई नकल माफिया और नकल सौदागर को एसटीएफ जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की जनता और युवा पीढी को विश्वास दिला रखा है कि जिन्होंने भी राज्य में आज तक हुई भर्तियों में पेपर लीक और नौकरी बेचने का दुसाहस किया है उन्हें एक-एक कर जेल के पीछे पहुंचाना उनका पहला मिशन है। मुख्यमंत्री ने जिस विजन के साथ नकल माफियाओं और नौकरी बेचने वालों के खिलाफ अपना इरादा साफ किया है उससे राज्य के युवाओं के मन में एक आशा की किरण जाग गई है कि अब उनके साथ सरकारी नौकरियों में खिलवाड करने वालों को इसका खामियाजा भुगतना पडेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने का संकल्प लेकर यह साफ कर रखा है कि वह राज्य को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपनों का प्रदेश बनायेंगे और उनकी इस राह में जो भी कांटे बिछायेगा उन्हें बक्शा नहीं जायेगा क्योंकि राज्य को भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों से मुक्त कराना उनका पहना दायित्व है। मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो और सरकारों के कार्यकाल में नौकरियों में हुये भ्रष्टाचार का विष अपने कार्यकाल में पीने के लिए मजबूर हो रखे हैं और यही कारण है कि राज्य में अब उन्हें नीलकंठ पुष्कर भी कहा जा रहा है जो और सरकारों का विष अपने कंठ में रखकर उत्तराखण्ड के युवाओं के भविष्य को बचाने के मिशन में आगे बढते जा रहे हैं। नकल माफियाओं और नौकरी बेचने वाले माफियाओं को बाइस सालों से यही भ्रम चला आ रहा था कि राज्य में उन पर नकेल लगाने वाला कोई नहीं आगे आयेगा और यही कारण था कि वह युवाओं के भविष्य के साथ हर बार सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार का तांडव मचाते रहे लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड करने वालों के साथ ऐसा खेल खेलना शुरू किया है कि उनके होश उडे हुये हैं और राज्य के अन्दर जिस जज्बे के साथ युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नकल माफियाओं और नौकरियां बेचने वालों से हिसाब बराबर कर रहे हैं उससे राज्य के युवाओं के मन में पुष्कर सिंह धामी को लेकर एक बडा जज्बा और विश्वास पैदा हुआ है वह उत्तराखण्ड की तकदीर और तस्वीर बदलने के लिए काफी है।

LEAVE A REPLY