खामोश: गाडी सीज कर जेल भेज दूंगा!

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हरिद्वार(संवाददाता)। अगर किसी वाहन चालक ने हैलमेट नहीं पहना तो पुलिस व सीपीयू को उसका चालान करने का अधिकार है लेकिन उन्हें यह अधिकार आखिर किसने दे दिया कि वह वाहन चालक को सरेआम सडक पर यह कहकर आतंकित करे कि अगर उसने ज्यादा कुछ बोला तो वह उसकी गाडी सीज कर उसे जेल भेज देगा। अगर पुलिस के सामने अपनी बात कहना गुनाह है तो फिर ऐसी पुलिस को मित्र पुलिस का दर्जा कैसे दिया जा सकता है इसका सवाल शायद पुलिस अफसरों के पास भी नहीं होगा? वर्षों से पुलिस को यह पाठ पढाया जा रहा है कि अगर कोई वाहन चालक नियम की अनदेखी करता है तो उसका चालान किया जाये न कि उसके साथ सडक पर युद्ध लडा जाये लेकिन इतना सबकुछ होने के बावजूद भी पुलिस के कुछ कर्मचारी अपना आचरण बदलते हुए दिखाई नहीं दे रहे हैं?
उत्तराखंड में वाहन चालकों के साथ दुव्र्यवहार करने वाली पुलिस की सिटी पेट्रोलिंग यूनिट यानी सीपीयू एक बार फिर चर्चाओं में आ गई है। हालही में जनपद हरिद्वार की कमान संभालने के बाद एसएसपी अजय सिंह द्वारा ताबड़तोड़ खुलासे किए जा रहे है। जिसके बाद यातायात, सत्यापन, नशा, महिला अपराध में तेजी से कार्य हो रहा है। स्तिथि ये है की अब कई अपराधिक प्रवृति के लोग जनपद हरिद्वार तक छोड़ चुके है। देश भर से आए पर्यटक हो या हरिद्वार की स्थानीय जनता, आज सभी की जुबान में एसएसपी हरिद्वार अजय सिंह का नाम है। जिन्होंने आते ही पहले दिन से अपराधियों की नींद उड़ा दी है। वही सीपीयू पुलिस अपने व्यवहार में कोई बदलाव नहीं ला रही जिसके कारण पुलिस की छवि खराब हो रही है। घटना बीते रविवार दोपहर की है जब चंडीदेवी चौक के निकट एक वाहन चालक को हेलमेट ना होने पर इतनी बुरी तरह जलील किया गया मानों वह हत्या या बलात्कार का आरोपी हो, साथ ही ये भी कह दिया जाता है की ज्यादा सवाल जवाब करोगे तो गाड़ी सीज करके तुम्हे जेल भेज देंगे। वही हरिद्वार में दिन रात खुलेआम आ जा रहे ओवरलोड, ओवर हाईट, डग्गामार वाहनों पर लगाम ना लग पाना सीपीयू पर कई सवाल खड़ा कर रहा है। ऐसे में सीआईयू के कारण पूरे जनपद की पुलिस की छवि खराब हो रही है और उच्चाधिकारियों को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए।

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