जंगल में कौन कर रहा प्लाटिंग?
देहरादून(प्रमुख संवाददाता)। हैरानी वाली बात है कि एक ओर तो जिला प्रशासन और एमडीडीए अतिक्रमण हटाने में भाई-भतीजा वाद को लेकर आवाम के निशाने पर है वहीं नालापानी खलंगा मार्ग के जंगल में आखिर कैसे कोई आशियाना बना रहा है यह हैरान करने जैसा ही दिखाई दे रहा है? जंगल में कौन बेखौफ होकर प्लाटिंग करने का साहस कर रहा है इसका सच जानने के लिए जिला प्रशासन कब अपना रूख खलंगा मार्ग के जंगल में हो रहे मंगल की ओर करेगा इस पर अब सबकी निगाह टिकी हुई है?
सडकों के आसपास निर्माण तो सबने देखे होंगे लेकिन जंगल के अन्दर अवैध निर्माण होता शायद किसी ने नहीं देखा होगा? खलंगा मार्ग के शुरूआती दौर में ही जंगल के अन्दर जिस तरह से पक्का निर्माण होता हुआ दिखाई दे रहा है वह सिस्टम पर सवालिया निशान लगा रहा है? इससे हैरान करने वाली बात क्या होगी कि जंगल के अन्दर भी अदृश्य चेहरे अगर प्लाटिंग करके वहां पहाड को समतल कर रहे हैं तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर के अन्दर क्या चल रहा है? खलंगा मार्ग पर पैदल सैर करने वालों के मन में इस बात को लेकर काफी पीडा दिखाई दे रही है कि अगर प्रकृति को भी अगर भू-माफिया अपने निशाने पर लेंगे तो उससे जंगलों का अस्तित्व ही खतरे में पड जायेगा और जिन पेडों की वजह से आवाम उसकी तरोताजा हवा खाने के लिए सुबह इस मार्ग पर सेर करने के लिए निकल रहा है उसे इस बात का काफी गुस्सा है कि आखिरकार जंगल में कैसे निर्माण कार्य हो सकते हैं? गजब की बात तो यह है कि जब एमडीडीए और वन विभाग कहीं पर भी अवैध निर्माण का पता चलते ही वहां पहुंच जाता है तो खलंगा मार्ग के जंगल में हो रही प्लाटिंग और अवैध निर्माण उन्हें क्यों नजर नहीं आ रहा यह सबको चौका रहा है?