हर तरफ धामी का जलवा

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हिमाचल के बाद दिल्ली में बिखेरा जादू
भाजपा के ‘रॉकस्टार’ बने सीएम पुष्कर
राजेश शर्मा
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौजूदा समय में एक ऐसी शख्सीयत बन चुके है, जिन्हें किसी परिचय की जरूरत नहीं है। बीते कुछ वर्षों में उन्होंने अपने राजनीतिक कौशल का परिचय देते हुए उत्तराखण्ड राज्य से लेकर देश अन्य राज्यों में भी अपनी एक अलग पहचान बना ली है। यह सीएम पुष्कर सिंह धामी की कीर्ति का ही प्रभाव है कि भाजपा पार्टी हाईकमान ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद दिल्ली के एमसीडी चुनाव में भी उन्हें ‘स्टार फेस’ बनाकर प्रस्तुत किया है। हिमालय से सटे राज्यों में तो अब यह बातें आम हो गई है कि पुष्कर सिंह धामी तो भाजपा के वो रॉकस्टार है, जिनकी मात्र एक झलक पाने के लिए जनता आतुर हो जाती है। कहते है यश और कीर्ति बैठे बिठाए नहीं मिलती, उसको कमाना पड़ता है और इस कमाई के लिए आवाम के दिलों में एक अलग स्थान बनाना पड़ता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भाजपा ने उत्तराखण्ड में एक नया इतिहास तब लिखा था जब कुछ माह पूर्व प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की डबल इंजन वाली प्रचंड बहुमत की सरकार लगातार दूसरी बार बनाई थी। सीएम धामी की इस काबलियत ने उन्हें पार्टी हाईकमान की आंख का तारा बना दिया। इसका परिणाम यह निकला कि भाजपा हाईकमान ने उन्हें हिमाचल में भी ठीक ऐसा ही इतिहास रचने के लिए मैदान में उतार दिया। अब जबकि हिमाचल में विधानसभा चुनाव संपन्न हो गए है तो पार्टी हाईकमान ने उन्हें दिल्ली के एमसीडी चुनाव की भी जिम्मेदारी सौंप दी। राजनीति के वरिष्ठ जानकारों का तो यहां तक मानना है कि सीएम पुष्कर सिंह धामी के जलवे का असर अब उत्तराखण्ड के साथ हिमाचल और दिल्ली में भी देखने को मिलेगा। यदि ऐसा होता है तो, पुष्कर सिंह धामी का चुनाव प्रचार भाजपा के लिए आने वाले समय में भी किसी वरदान से कम साबित नहीं होगा।
उल्लेखनीय है कि हिमाचल विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद भाजपा नेतृत्व ने उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को दिल्ली एमसीडी चुनाव के रण में उतार दिया। बता दें कि दिल्ली में प्रवासी उत्तराखण्ड वासियों के जनसंख्या काफी बड़ी मात्रा में हैं। जिसको देखते हुए पार्टी हाईकमान ने यह कदम एक मास्टरस्ट्रोक के रूप में उठाया है। वैसे तो दिल्ली में आम आदमी पार्टी के प्रचंड बहुमत वाली सरकार विराजमान है लेकिन एमसीडी पर पिछले डेढ़ दशक से भाजपा का कब्जा है और अपने इसी कब्जे को कायम रखने के लिए पार्टी ने अपने तरकश से सभी बाणों को छोड़ रखा है। पार्टी हाईकमान से मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को सीएम पुष्कर सिंह धामी बखूबी निभा रहे है। दिल्ली में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में वोट मांगने के लिए वह चुनावी जनसभाएं, रोड शो के साथ डोर टू डोर कनवेंसिंग करने के लिए मैदान में उतरे और अपने आलौकिक व्यक्तित्व से दिल्ली की जनता को अपनी ओर आकर्षित करने में सफल रहे? भाजपा हाईकमान की मंशा साफ है कि वह यह संदेश देना चाहती है कि जिस तरह से सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में इतिहास रचते हुए लगातार दूसरी बार भाजपा सत्ता पर काबिज हुई थी, ठीक वैसे ही अब हिमाचल में भी होगा और दिल्ली एमसीडी के चुनाव में भी होगा। दिल्ली के नगर निगमों में भाजपा का अधिपत्य विराजमान है। कोई भी राजनीतिक दल उसका यह अधिपत्य तोड़ने में पिछले डेढ़ दशक मे कामयाब नहीं हो पाया है और भाजपा चाहती है कि इस निरंतरता को वह आगे भी जारी रखे और उसका साम्राज्य कायम रहे। यह एक प्रमुख कारण है कि पार्टी हाईकमान ने उत्तराखण्ड सरकार के मुखिया को मैदान में उतारा है। सीएम धामी ने दिल्ली में अपने चुनाव प्रचार के दौरार वहां रह रहे प्रवासी उत्तराखंडियों के साथ-साथ दिल्ली की स्थानीय जनता से भी भाजपा के पक्ष में मतदान करने के लिए अपील की है। दिल्ली के भाजपा नेताओं के चेहरे उस समय खिले हुए नजर आए जब सीएम धामी की चुनावी सभाओं, रोड शो और जनसंपर्क अभियानों में प्रवासी उत्तराखंडी वासियों की अच्छी खासी भीड़ उन्हें देखने को मिली।
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड में सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भाजपा बुलंदियों पर विराजमान है। कोई भी अन्य राजनीतिक दल उसके समकक्ष भी नजर नहीं आता। सीएम धामी के सुशासन का इससे बड़ा उदाहरण और क्या होगा। वन मैन आर्मी की तर्ज पर सुशासन को कायम रखने वाले सीएम पुष्कर सिंह धामी का जलवा अब हर तरफ देखने को मिल रहा है।

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