प्रेमचंद अग्रवाल की भारतीय संविधान में कोई आस्था नहीं

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कोटद्वार(संवाददाता)। उत्तराखण्ड विकास पार्टी के अध्यक्ष मुजीब नैथानी ने कहा कि विधानसभा भर्ती घोटाले में हाई कोर्ट की डबल बेंच द्वारा कार्मिकों की बर्खास्तगी को बरकरार रखने के आदेश के बाद भी भाजपा सरकार इस अवैध भर्ती प्रकरण के मास्टरमाइंड प्रेमचंद अग्रवाल को हटाने का साहस नहीं जुटा पा रही है जो कि खेदजनक है।
उत्तराखण्ड विकास पार्टी ने आरोप लगाया कि संघ के साथ अपने नमालूम संबंधों के कारण प्रेमचंद अग्रवाल लगातार कानून से खिलवाड़ करने के बावजूद विधायक बने हुए हैं और भाजपा प्रेमचंद के संघ के साथ संबंधों के कारण न चाहते हुए हटा पाने में असमर्थ हो गई है। उन्होंने कहा कि यह बात अलग है कि भाजपा संघ का आनुषंगिक संगठन है मगर जनता ने भाजपा को वोट दिया है न की संघ को। मुजीब नैथानी ने आरोप लगाया कि प्रेमचंद अग्रवाल ने संघ से नजदीकी के कारण भ्रष्टाचार की सारी हदें पार कर दी हैं।
उन्होंने कहा कि प्रेमचंद अग्रवाल की भारतीय संविधान में कोई आस्था नहीं है और मंत्री पद पर रहते हुए बिना पॉलिटिकल परमिशन, डिप्लोमेटिक परमिशन और एफसीआरए की अनुमति के विदेश घूम आए हैं। ऐसे में उन्हें मंत्री पद पर रहने का कोई अधिकार प्राप्त नहीं है। मजे कि बात है कि मंत्री परिषद अनुभाग को उनके विदेश गमन की कोई सूचना प्राप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश में सरकारी जमीन को फर्जी कागजात के जरिए खुर्दबुर्द करने वाले पर 42०, 467 और 468 के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए मगर धृतराष्ट्र के शासन में ऐसे दुर्योधन फल फूल रहे हैं। उन्होंने कहा कि धृतराष्ट्र के शासनकाल का अंत निकट है।

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