सीएम की मुस्कराहट से खिल रहा उत्तराखण्ड

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड में रहने वाले करोडो लोगों को कभी इस बात का आभास भी नहीं था कि उनके राज्य में एक ऐसा हसमुख चेहरा मुख्यमंत्री के रूप में मिलेगा जो सबको साथ लेकर चलने में विश्वास रखेगा और राज्य को एक नई दिशा में तेजी के साथ यह सोचकर ले जायेंगे कि उन्हें एक नया उत्तराखण्ड बनाना है। उत्तराखण्ड के इतिहास में आज तक कोई ऐसा पूर्व मुख्यमंत्री दिखाई नहीं दिया जिसके चेहरे पर हमेशा एक मीठी मुस्कान रहती हो लेकिन जबसे राज्य को पुष्कर सिंह धामी के रूप में मुख्यमंत्री मिला है तबसे उन्हें राज्य के मुख्यमंत्री का चेहरा हमेशा मुस्कराहट में ही नजर आया और देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी चमोली के माणा में सैकडों की भीड़ में संदेश दिया था कि राज्य के मुख्यमंत्री ऐसे हैं जो हमेशा हसमुख रहते हैं। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री का हसमुख होने के पीछे एक ही कारण माना जा रहा है कि वह शुद्धता के साथ सरकार चला रहे हैं और उन्हें किसी बात का भी इसलिए भय नहीं होता कि वह राज्य को स्वच्छता के साथ आगे ले जाने के मिशन में बढते जा रहे हैं। अब तो उत्तराखण्ड में भी यह आवाज उठने लगी है कि पुष्कर ये मुस्कराहट सदाबहार आपके चेहरे पर बनी रहे और उसी मुस्कराहट से वह उत्तराखण्ड के हर जिले में विकास की मुस्कान भर दें।
उत्तराखण्ड का एक सच यह भी है कि राज्यवासियों को आज तक अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्री ऐसे मिले जिन्होंने हमेशा आवाम को अपने से दूर रखा और उनके चेहरे पर कभी भी मुस्कराहट का कोई भाव देखने को नहीं मिला जिसके चलते आवाम के मन में हमेशा एक सवाल खडा होता था कि जिनके वोटो से राजनेता मुख्यमंत्री की कुर्सी पर पहुंचते हैं उन्हें आखिर किस बात का भ्रम हो जाता है कि वह राज्य के भाग्यविद्याता है? उत्तराखण्ड छोटा राज्य है और यहां की जनता के मन में हमेशा एक ख्वाब रहा कि उनका मुख्यमंत्री ऐसा हो जो हमेशा सबके बीच आकर मुस्कराये और उनके साथ किसी भी समारोह में घुलमिलकर सबको अपना परिवार समझे। बाइस सालों में अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्रियों ने आवाम का दिल जीतने की दिशा में कोई पहल नहीं की और न ही वह उनके बीच जाना पसंद करते थे जिस कारण राज्य की जनता के मन में राज्य के अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्रियों को लेकर एक बडी नाराजगी दिखाई देती रही थी कि आखिर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आकर कुछ राजनेताओं को किस बात का अहंकार हो जाता है? राज्यवासियों के मन में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को लेकर उस समय बेहद नाराजगी पनप गई थी जब उन्होंने अपने जनता दरबार में शिक्षिका रही एक बुजुर्ग महिला उतरा पंत को सरेआम बेइज्जत किया था और यहां तक अहंकार दिखाया था कि पुलिस को हुकम दे दिया था कि शिक्षिका को गिरफ्तार कर लिया जाये। त्रिवेन्द्र रावत ने जिस तरह से बुजुर्ग शिक्षिका रही उत्तरा पंत को अपना अहंकार दिखाकर उन्हें जनता दरबार में अपमानित किया था उसकी गंूज उत्तराखण्ड से लेकर देशभर में गूंजी थी और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री के इस रूप से आवाम नाराज हुआ था। हालांकि पिछले एक साल से युवा चेहरे पुष्कर ंिसह धामी को जबसे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आशीर्वाद के चलते मुख्यमंत्री के पद पर आसीन किया गया और उन्हें उत्तराखण्ड का विकास करने के साथ राज्य में भ्रष्टाचार, घोटाले और बेलगाम अफसरशाही पर नकेल लगाने का मंत्र दिया तो उसके बाद से ही हमेशा चेहरे पर मुस्कराहट रखने वाले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य को विकास की राह पर ले जा रहे हैं और उन्होंने राज्य से भ्रष्टाचार और घोटालों के फन को जिस तरह से कुचलने का ऑपरेशन चला रखा है उससे पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड से लेकर दिल्ली में भाजपा के दिग्गज नेताओं की आंखों के तारे बने हुये हैं। मासूम बच्चों से लेकर बुजुर्गों के प्रति पुष्कर सिंह धामी का दिख रहा स्नेह आवाम के दिलों में उनके प्रति एक बडी आस्था रखता हुआ नजर आ रहा है और राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिस तरह से हर तरफ मुस्कराते हुए आवाम से मिल रहे हैं उससे अब आवाम भी यह कह रहा है कि पुष्कर सिंह धामी की यह मुस्कराहट हमेशा बरकरार रहे।

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