विकासनगर(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री आवाम के लिए एक आस बन गये हैं और उन्हें यह विश्वास हो चला है कि मुख्यमंत्री के रहते हुए न तो अब खनन माफिया पनप पायेंगे और न ही राज्य में भ्रष्टाचार और घोटाले करने वाले। मुख्यमंत्री ने राजधानी की कमान सोनिका को डीएम के रूप में दी तो आवाम को यह विश्वास हो गया था कि महिला डीएम पुष्कर की टीम में लेडी सिंघम है और वह कहीं पर भी भ्रष्टाचारियों और खनन माफियाओं को नहीं पनपने देंगी। मुख्यमंत्री के विजन को धरातल पर उतारने के लिए आज विकासनगर में डाकपत्थर बैराज से हो रहे ताबडतोड अवैध खनन पर नकेल लगाने के लिए लेडी सिंघम ने आक्रामक रूख अपनाया और उन्होंने पुल से ट्रकों के आने-जाने पर बडा ब्रेक लगाने के लिए वहां सात फुट ऊंचाई पर गाटर लगवा दिया जिससे कि इस पुल से ट्रकों के आने-जाने का मार्ग बंद कर दिया जाये। डीएम के इस बडे फैसले से खनन माफियाओं की नींद उड गई और वह दबाव की राजनीति कराकर इस गाटर को दस से ग्यारह फुट ऊंचा उठवाने के लिए खेल खेलने लगे लेकिन डीएम ने साफ संकेत दे दिये कि राज्य के मुख्यमंत्री ऐसे पुलों को सुरक्षित रखने की दिशा में पहले ही अपनी चिंता दिखा चुके हैं इसलिए किसी भी दबाव में इस गाटर को ऊपर नहीं किया जायेगा क्योंकि आसन बैराज पुल की सुरक्षा उत्तराखण्ड सरकार की है और इससे किसी भी तरह का खिलवाड नहीं होने दिया जायेगा। अब आवाज उठने लगी है कि पुष्कर ही उत्तराखण्ड के रक्षक हैं जो भक्षकों का नाश करेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रदेश को नई दिशा दे रहे हैं तो वही अधिकारी भी उनके साथ कंधे से कन्धा मिलाकर चल रहे हैं जिससे भ्रष्टाचार व अवैध धंधों पर रोक लगाई जा सके हाल ही में उच्च स्तरीय शिकायत के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीमावर्ती क्षेत्र डाकपत्थर का औचक निरीक्षण किया था मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण से शासन प्रशासन में हड़कंप मच गया था सरकारी अमले में खलबली साफ देखी जा रही थी लंबे समय से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को शिकायतें मिल रही थी कि डाकपत्थर बैराज से अनैतिक गतिविधियां हो रही है जिससे डाकपत्थर बैराज व सीमावर्ती क्षेत्र को भारी नुकसान हो सकता है शिकायत का संज्ञान लेकर स्वयं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्तिथि का जायजा लिया मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिलाधिकारी देहरादून को कड़े निर्देश दिए थे कि डाकपत्थर बैराज को किसी भी कीमत पर नुकसान ना पहुंचे बैराज की सुरक्षा के लिए हर तरह के प्रबंध किए जाए बता दे कि अगर डाकपत्थर बैराज को कोई भी नुकसान हुआ तो शक्ति नहर पर बनी तीन विद्युत परियोजनाएं बाधित हो जाएंगी और सरकार को बड़ा नुकसान होगा डाकपत्थर बैराज को अवैध खनन से भरे ओवरलोड वाहनों से सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा था डाकपत्थर बैराज पर बना पुल भारी वाहनों के प्रयोग के लिए पूर्णतया प्रतिबंधित है बावजूद इसके खनन माफिया शासन प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर अवैध खनन से भरे वाहनों को डाकपत्थर बैराज से निकाल रहे थे बैराज सुरक्षा अधिकारी ने भी इन वाहनों के डाकपत्थर बैराज से निकलने पर आपत्ति दर्ज की थी जिसका संज्ञान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं लिया और डाकपत्थर बैराज पहुंचकर सुरक्षा का जायजा भी लिया था मामले की गंभीरता को समझते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला प्रशासन को कड़ा रुख अपनाने के निर्देश दिए थे जिसके मद्देनजर आज जिलाधिकारी देहरादून के निर्देश पर डाकपत्थर बैराज की सुरक्षा के लिए उचित प्रबंध किए जा रहे हैं अवैध खनन भरे वाहन बैराज से ना गुजरे उसके लिए बैरिकेडिंग लगाई जा रही है साथ ही पुल के समीप जिस रास्ते से अवैध खनन भरे ओवरलोड वाहन गुजरते थे उस रास्ते पर बैरियर भी लगाया जा रहा है साथ ही जिलाधिकारी देहरादून सोनिका ने स्थानीय प्रशासन को भी कड़े निर्देश दिए हैं कि डाकपत्थर बैराज की सुरक्षा में कोई चूक ना हो साथ ही चेतावनी भी दी है कि अगर डाकपत्थर बैराज पर बने पुल से भारी वाहन निकले तो संबंधित अधिकारियों पर गाज भी गिरेगी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रदेश की महत्त्वपूर्ण योजनाओं और परियोजनाओं की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर रुख अपनाए हुए हैं उनका कहना है कि विद्युत परियोजनायें उत्तराखंड की आर्थिकी की रीड है प्रदेश को बिजली उत्पादन के लिए विश्व भर में जाना जाता है उत्तराखंड में होने वाली बिजली उत्पादन से हरियाणा हिमाचल उत्तरप्रदेश दिल्ली व उत्तराखंड को बिजली आपूर्ति की जाती है कहा कि विद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बक्शा नहीं जाएगा